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Sant Kabir Nagar News: संस्कारयुक्त शिक्षा समाज और राष्ट्र के सुदृढ़ भविष्य की आधारशिला
Tue, 13 Jan 2026 12:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 13 Jan 2026 12:38 AM IST
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विधियानी में आरएसएस का शताब्दी वर्ष पर हिंदू सम्मेलन आयोजित हुआ-स्रोत आयोजक
संतकबीरनगर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सोमवार को समय माता नगर स्थित केशव–माधव बस्ती का हिंदू सम्मेलन कूड़ी लाल रूंगटा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज बिधियानी में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों, मातृशक्ति एवं स्वयंसेवकों की सहभागिता रही।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अंतरराष्ट्रीय कथावाचक आचार्य धरणीधर ने की, जबकि मातृशक्ति की अध्यक्षता डॉ. सोनी ने की। मुख्य वक्ता के रूप में बस्ती विभाग के विभाग प्रचारक ऋषि दीप उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अध्यक्ष आचार्य धरणीधर ने कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था संस्कार और धर्मबोध से युक्त नहीं होगी, तो भविष्य सुरक्षित नहीं रह सकता। उन्होंने संस्कारयुक्त शिक्षा को समाज और राष्ट्र के सुदृढ़ भविष्य की आधारशिला बताया। उन्होंने संघ के पंच परिवर्तन के पांचों बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला और कहा कि पंच परिवर्तन के माध्यम से ही राष्ट्रीय पुनरोत्थान संभव है।
मुख्य वक्ता ऋषि दीप ने स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर उनके जीवन-दर्शन को स्मरण करते हुए युवाओं का आह्वान किया कि वे संस्कारयुक्त जीवन अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनें। मंच पर मातृशक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए डॉ. सोनी सिंह ने कहा कि हिंदू समाज को संगठित करने के लिए सामाजिक समरसता आवश्यक है तथा छुआछूत जैसी कुरीतियों का पूर्णतः उन्मूलन किया जाना चाहिए।
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इस दौान भास्कर मणि त्रिपाठी, सरस्वती विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य रमेश राय, जिला कार्यवाह सौरभ, जिला प्रचारक धीरज, जिला प्रचार प्रमुख दिग्विजय नारायण शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता अंतरराष्ट्रीय कथावाचक आचार्य धरणीधर ने की, जबकि मातृशक्ति की अध्यक्षता डॉ. सोनी ने की। मुख्य वक्ता के रूप में बस्ती विभाग के विभाग प्रचारक ऋषि दीप उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अध्यक्ष आचार्य धरणीधर ने कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था संस्कार और धर्मबोध से युक्त नहीं होगी, तो भविष्य सुरक्षित नहीं रह सकता। उन्होंने संस्कारयुक्त शिक्षा को समाज और राष्ट्र के सुदृढ़ भविष्य की आधारशिला बताया। उन्होंने संघ के पंच परिवर्तन के पांचों बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला और कहा कि पंच परिवर्तन के माध्यम से ही राष्ट्रीय पुनरोत्थान संभव है।
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मुख्य वक्ता ऋषि दीप ने स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर उनके जीवन-दर्शन को स्मरण करते हुए युवाओं का आह्वान किया कि वे संस्कारयुक्त जीवन अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनें। मंच पर मातृशक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए डॉ. सोनी सिंह ने कहा कि हिंदू समाज को संगठित करने के लिए सामाजिक समरसता आवश्यक है तथा छुआछूत जैसी कुरीतियों का पूर्णतः उन्मूलन किया जाना चाहिए।
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इस दौान भास्कर मणि त्रिपाठी, सरस्वती विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य रमेश राय, जिला कार्यवाह सौरभ, जिला प्रचारक धीरज, जिला प्रचार प्रमुख दिग्विजय नारायण शुक्ला आदि मौजूद रहे।