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Sant Kabir Nagar News: ब्याज समेत ट्रक की कीमत और 18.40 लाख क्षतिपूर्ति का आदेश
Sun, 11 Jan 2026 12:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 11 Jan 2026 12:43 AM IST
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संतकबीरनगर। कोरोना महामारी के दौरान ट्रक जबरन खिंचवा लेने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह व महिला सदस्य संतोष ने फाइनेंस कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाया है। ब्याज समेत ट्रक की कीमत और 18.40 लाख क्षतिपूर्ति का आदेश दिया है। मामला महुली थानाक्षेत्र के नीबा होरिल गांव का है।
यहां के बलवंत सिंह ने लीगल कंसल्टेंसी के माध्यम से वाद दाखिल किया। कहा कि टाटा मोटर्स फाइनेंस सॉल्यूशंस लिमिटेड ग्राहकों को नए व पुराने वाहनों को क्रय करने के लिए ऋण देता है। उन्होंने 23 जनवरी 2019 को पुराना ट्रक 14 लाख 50 हजार में क्रय किया। उन्होंने टाटा मोटर्स से नौ लाख 22 हजार 897 रुपये फाइनेंस कराया। उन्हें ऋण का भुगतान 33 हजार 421 के 44 रुपये मासिक किस्तों में करना था। वह किस्त का नियमित भुगतान करते रहे।
मार्च 2020 से कोरोना महामारी के चलते जून 2020 तक किस्त नहीं जमा कर पाए। नवंबर 2020 में फाइनेंसर के कर्मचारी आए और जबरन ट्रक खींच ले गए। उनके कहने पर नवंबर माह का किस्त 34 हजार जमा भी किया, बावजूद इसके ट्रक वापस नहीं किया गया। थक हार कर न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
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न्यायालय में दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद ऋण प्रदाता के खिलाफ फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आदेश दिया है कि फाइनेंसर ट्रक की कीमत 14 लाख 50 हजार खींचे जाने की तिथि से वास्तविक भुगतान की तिथि तक 10 प्रतिशत ब्याज के साथ अदा करे।
खींचे जाने की तिथि से आदेश की तिथि तक एक हजार प्रतिदिन के हिसाब से आर्थिक क्षतिपूर्ति रूप में 18 लाख 30 हजार तथा वाद व्यय के रूप में 10 हजार अतिरिक्त 60 दिनों के भीतर भगुतान करें।
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यहां के बलवंत सिंह ने लीगल कंसल्टेंसी के माध्यम से वाद दाखिल किया। कहा कि टाटा मोटर्स फाइनेंस सॉल्यूशंस लिमिटेड ग्राहकों को नए व पुराने वाहनों को क्रय करने के लिए ऋण देता है। उन्होंने 23 जनवरी 2019 को पुराना ट्रक 14 लाख 50 हजार में क्रय किया। उन्होंने टाटा मोटर्स से नौ लाख 22 हजार 897 रुपये फाइनेंस कराया। उन्हें ऋण का भुगतान 33 हजार 421 के 44 रुपये मासिक किस्तों में करना था। वह किस्त का नियमित भुगतान करते रहे।
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मार्च 2020 से कोरोना महामारी के चलते जून 2020 तक किस्त नहीं जमा कर पाए। नवंबर 2020 में फाइनेंसर के कर्मचारी आए और जबरन ट्रक खींच ले गए। उनके कहने पर नवंबर माह का किस्त 34 हजार जमा भी किया, बावजूद इसके ट्रक वापस नहीं किया गया। थक हार कर न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
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न्यायालय में दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद ऋण प्रदाता के खिलाफ फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आदेश दिया है कि फाइनेंसर ट्रक की कीमत 14 लाख 50 हजार खींचे जाने की तिथि से वास्तविक भुगतान की तिथि तक 10 प्रतिशत ब्याज के साथ अदा करे।
खींचे जाने की तिथि से आदेश की तिथि तक एक हजार प्रतिदिन के हिसाब से आर्थिक क्षतिपूर्ति रूप में 18 लाख 30 हजार तथा वाद व्यय के रूप में 10 हजार अतिरिक्त 60 दिनों के भीतर भगुतान करें।