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कोटे की दुकान से कोई नहीं लेगा राशन
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Sun, 29 May 2016 11:21 PM IST
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प्रदर्शन किया ।
- फोटो : अंबरीश मिश्रा
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रविवार को क्षेत्र के हकीमपुर गांव के लोग गांव में प्रधान की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अनियमितता के आरोप में निलंबित किए जा चुकी दुकान को एसडीएम ने दबाव में आकर बहाल कर दिया। इससे गांव की जनता आहत है। ऐसे में गांव का कोई भी कार्ड धारक कोटे की दुकान पर राशन लेने नहीं जाएंगे। अगर भूख से किसी की मौत होती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
ग्राम प्रधान सुशील कुमार, राधेश्याम, बीडीसी राम लौट, पारस, मुन्नी देवी, राम दुलारे, सुदामा, पार्वती आदि का कहना है कि उनके गांव की कोटे की दुकान को निलंबित कर दिया गया। कोटेदार जब मंडलायुक्त के पास गया तो उन्होंने पुन: जांच कराकर कार्रवाई करने का आदेश एसडीएम को दिया, लेकिन एसडीएम ने बगैर जांच कराए गत 16 मई को दुकान को बहाल कर दिए। जबकि इसी बीच गांव के लोग जांच कराने की मांग को लेकर एसडीएम का घेराव तहसील में किए थे, लेकिन तत्कालिक एसडीएम ने गांव वालो की नही सुनी और दबाव में आकर दुकान को बहाल कर दिया। गांव के उत्तर बाग में एकत्रित हुए गांव के लोगो ने कहा कि जन भावनाओं का अनादर किया गया है। ऐसे में उस कोटेदार के पास राशन लेने नही जाएगें। चाहे भूखे पेट क्यो ना सोना पड़े।
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ग्राम प्रधान सुशील कुमार, राधेश्याम, बीडीसी राम लौट, पारस, मुन्नी देवी, राम दुलारे, सुदामा, पार्वती आदि का कहना है कि उनके गांव की कोटे की दुकान को निलंबित कर दिया गया। कोटेदार जब मंडलायुक्त के पास गया तो उन्होंने पुन: जांच कराकर कार्रवाई करने का आदेश एसडीएम को दिया, लेकिन एसडीएम ने बगैर जांच कराए गत 16 मई को दुकान को बहाल कर दिए। जबकि इसी बीच गांव के लोग जांच कराने की मांग को लेकर एसडीएम का घेराव तहसील में किए थे, लेकिन तत्कालिक एसडीएम ने गांव वालो की नही सुनी और दबाव में आकर दुकान को बहाल कर दिया। गांव के उत्तर बाग में एकत्रित हुए गांव के लोगो ने कहा कि जन भावनाओं का अनादर किया गया है। ऐसे में उस कोटेदार के पास राशन लेने नही जाएगें। चाहे भूखे पेट क्यो ना सोना पड़े।
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