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Sant Kabir Nagar News: नदियां फिर उफनाईं, डेढ़ मीटर राप्ती और 12 घंटे में 15 सेमी बढ़ी सरयू

Mon, 17 Aug 2026 11:30 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 17 Aug 2026 11:30 PM IST
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Rivers surge again; Rapti rises by 1.5 meters and Saryu by 15 cm in 12 hours.
मेंहदावल में बेलौली बांध के किनारे गिराया गया बोल्डर। संवाद
धनघटा/ मेंहदावल। जिले में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ना शुरू हो गया है। मेंहदावल में 24 घंटे में डेढ़ मीटर के करीब राप्ती के पानी में बढ़ोतरी हुई है। धनघटा में सोमवार को सरयू का जलस्तर तेजी के साथ 15 सेंटीमीटर बढ़ते हुए 78. 900 मीटर पर पहुंच गया। नदी के तटवर्ती गांव की तरफ पानी फैलना शुरू हो गया है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखकर दियारावासी भयभीत हैं।
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सरयू के जलस्तर में तेजी के साथ उतार-चढ़ाव जारी है। रविवार की शाम से सोमवार सुबह तक नदी का जलस्तर 78.750 मीटर पर था तो शाम को 78. 900 मीटर पर पहुंच गया। नदी का पानी बढ़ने से गायघाट दक्षिणी, ढोलबजा, गुनवतिया, चकदहा, सुअरहा, सियरकला, दौलतपुर, खालेपुरवा, पटौआ, आगापुर गुलरिहा, छपरा मगरवी आदि गांव के लोग भयभीत हो गए हैं।
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हरेंद्र कुमार, राम सुरेश, बालेंद्र कुमार, संदीप कुमार, लालचंद आदि का कहना है कि नदी का पानी एक दिन में जितनी तेजी के साथ बढ़ा है। यदि इसी तरह बढ़ा तो दो दिन के भीतर गांव में पानी घुस जाएगा। फसलें नष्ट हो जाएंगी। नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखकर सिंचाई विभाग के लोग सतर्क हो गए हैं। एमबीडी बांध जहां कमजोर है वहां मरम्मत कार्य तेजी से किया जा रहा है।
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सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ऊपर में नदी के पानी में बढ़ोतरी हुई है। इसके कारण यहां भी नदी बढ़ती नजर आ रही है। तहसीलदार रामजी का कहना है कि नदी के बढ़ते जलस्तर को देखकर राजस्व विभाग के लोग मुस्तैद हो गए हैं। जहां जिस चीज की जरूरत पड़ेगी वहां वह उपलब्ध कराया जाएगा।
दूसरी ओर मेंहदावल में बरसात का असर अब राप्ती पर भी नजर आने लगा है। रविवार तक राप्ती का जलस्तर तेजी से नीचे आ रहा था तो सोमवार को नदी के जलस्तर में 24 घंटे में डेढ़ मीटर के लगभग बढ़ोतरी देखी गई। रविवार को राप्ती का जलस्तर सायं 5:00 बजे 75 मीटर पर स्थिर हो गया लेकिन सोमवार को राप्ती के जलस्तर में बढ़ोतरी होने लगी। सायं 5:00 तक नदी का जलस्तर 76.36 मीटर पर पहुंच गया।
24 घंटे में नदी के जलस्तर में करीब डेढ़ मीटर की बढ़ोतरी विभागीय अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी। जलस्तर बढ़ने की सूचना पर ड्रेनेज खंड द्वितीय के अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने लगे। अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर में 4 से 5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की बढ़ोतरी देखी जा रही है। फिलहाल नदी का जलस्तर अभी लाल निशान से काफी नीचे है फिर भी बढ़ता जलस्तर लोगों की चिंता को बढ़ा रहा है।
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जल स्तर बढ़ने के बाद भी तटबंध पर इसका कोई दबाव नहीं है। जलस्तर की लगातार निगरानी कराई जा रही है आवश्यकता अनुसार बाढ़ निरोधक कार्य कराए जा रहे हैं।
-मनीष राय, सहायक अभियंता
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दौलतपुर में कटान जारी, ग्रामीण दहशत में
- एक पखवाड़े में सरयू पांच मीटर तक भूमि काटकर उत्तर दिशा में उपजाऊ खेतों की ओर बढ़ गई
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा/ लोहरैया। सरयू गायघाट के पास नदी रिंग बांध से सटकर बह रही है। जहां रिंग बांध पर बालू की बोरियों से सुरक्षा नहीं की गई है, वहां पानी का दबाव बढ़ना शुरू हो गया है। दौलतपुर में नदी का कटान सबसे तेज है। ग्रामीणों के अनुसार करीब एक पखवाड़े में सरयू नदी लगभग पांच मीटर तक भूमि काटकर उत्तर दिशा में उपजाऊ खेतों की ओर बढ़ गई है। इससे किसानों में चिंता बढ़ गई है और लगातार कटान होने से खेती की जमीन नदी में समाने का खतरा बना हुआ है। बीते दो वर्षों में करीब सौ बीघा भूमि कट चुकी है। कठहां खैरगाढ़ निवासी प्रिंस पाठक ने बताया कि बिड़हर घाट पर पुल और कम्हरिया घाट पर सिक्स लेन व टू लेन पुल बनने के बाद नदी की धारा का क्षेत्र संकीर्ण हो गया है। उनका कहना है कि तेज वेग के कारण नदी किनारों पर अधिक कटान कर रही है और अपने प्राकृतिक बहाव क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से नहीं बह पा रही है। इससे एमबीडी बांध और सरयू नदी के बीच बसे करीब एक दर्जन गांवों पर हर वर्ष बाढ़ और कटान का खतरा बना रहता है।
ढोलबजा निवासी राजेंद्र ने कहा कि नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के साथ कटान बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। संवेदनशील स्थानों पर समय रहते सुरक्षा के इंतजाम किए जाने की जरूरत है, ताकि कटान को आगे बढ़ने से रोका जा सके।
दौलतपुर निवासी राजकुमारी ने बताया कि नदी लगातार खेतों की ओर बढ़ रही है। उपजाऊ जमीन कटकर नदी में समा रही है। यदि कटान पर जल्द प्रभावी रोक नहीं लगाई गई तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में सिंचाई विभाग को हर वर्ष अलर्ट रहना पड़ता है। बिड़हर घाट से कम्हरिया घाट के बीच एमबीडी बांध और सरयू नदी के बीच बसे गांवों की सुरक्षा के लिए संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी और कटानरोधी उपाय किए जाने की जरूरत है।
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