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Sant Kabir Nagar News: एसटीएफ को सौंपी जाएगी 3065 शिक्षकों की रिपोर्ट
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संतकबीरनगर। जिले के परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के प्रमाणपत्रों का फिर से सत्यापन कराए जाने का निर्देश हाईकोर्ट ने दिया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिले के 3065 परिषदीय शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच होनी है। बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से शिक्षकों के मूल अभिलेख मांगे हैं। इसके साथ ही उनके एक शपथ पत्र भी मांगा है, जिसमें शिक्षक यह लिखकर देंगे कि उनका अभिलेख सही है।
यह प्रमाणपत्र सिर्फ एक जगह ही लगा है। ब्लॉकों से शिक्षकों का रिकॉर्ड आने के बाद उसे एसटीएफ को सौंप दिया जाएगा। एसटीएफ इसकी जांच करेगी और फर्जी मिलने पर बीएसए को सूचना देकर कार्रवाई कराएगी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिले में फर्जी तरीके से नौकरी कर रहे शिक्षकों में हड़कंप है।
जिले में 1246 परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें 3065 शिक्षक कार्यरत हैं। पहले भी एसटीएफ के रिपोर्ट पर कई शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी मिले थे जिस पर बर्खास्तगी तक की कार्रवाई हुई थी लेकिन उसके बाद से मामला ठंडे बस्ते में चला गया था।
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इधर जिले के बघौली ब्लॉक में कार्यरत एक शिक्षिका कुसुमलता ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा है कि बेसिक शिक्षा विभाग में एक ही प्रमाणपत्र पर 10-10 लोग नौकरी कर रहे हैं। इसके बाद हाईकोर्ट ने इसकी जांच का निर्देश दिया है। जिले में 3065 शिक्षक कार्यरत हैं, जिसमें प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक शामिल हैं। बीएसए ने सभी बीईओ को शिक्षकों की नियुक्ति संबंधी रिकॉर्ड तलब किए हैं।
तैनाती का मूल अभिलेख, नियुक्ति पत्र, मूल प्रमाणपत्र आदि मांगे गए हैं। इसके साथ ही शपथ पत्र भी देना होगा। यह रिपोर्ट एक सप्ताह में एसटीएफ को सौंपी जाएगी। एसटीएफ इसकी जांच करेगा और उसके बाद फर्जी मिलने पर कार्रवाई करेगा। हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिले के शिक्षकों में हड़कंप है। अब अभिलेख जमा होने के बाद ही पता चलेगा कि कितने शिक्षक फर्जी तरीके से नौकरी कर रहे हैं।
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जिले में पहले भी पकड़े जा चुके हैं फर्जी शिक्षक
सितंबर 2023 में 23 शिक्षकों की एसटीएफ ने भेजी थी सूची
एसटीएफ ने परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच की थी। इसमें 23 शिक्षक फर्जी मिले थे। एसटीएफ ने 22 सितंबर 2023 को इन पर प्राथमिकी दर्ज कराकर उसकी रिपोर्ट बीएसए से मांगी थी। हालांकि उस समय प्राथमिकी दर्ज कराकर उसकी रिपोर्ट एसटीएफ को भेजी गई थी लेकिन उसके बाद आगे की कार्रवाई नहीं हुई।
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जनवरी 2021 एक शिक्षक को एसटीएफ ने उठाया था
एसटीएफ ने फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी कर रहे एक शिक्षक को अपने साथ ले गई थी। चर्चा थी कि वह शिक्षक पास के जनपद में तैनात हैं। एसटीएफ की इस कार्रवाई से बीएसए कार्यालय में पूरे दिन हड़कंप मचा रहा। खलीलाबाद शहर के एक मोहल्ले से 11 जनवरी 2021 की देर शाम एसटीएफ की टीम ने एक शिक्षक को घर से अपने साथ लेकर गई। बताया जा रहा था कि वह शिक्षक पास के जनपद में तैनात हैं और फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी कर रहा था। हालांकि उस शिक्षक को बाद में निलंबित कर दिया गया था। उसके बाद आगे की कार्रवाई भी लटक गई थी
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एसटीएफ की रिपोर्ट पर एक शिक्षक हुआ था निलंबित
जिले में तैनात एक शिक्षक ने अपने जन्म प्रमाणपत्र में हेराफेरी कर दी। एसटीएफ ने जब इसकी जांच की तो प्रमाणपत्र में धोखाधड़ी पाई गई। एसएसपी एसटीएफ की रिपोर्ट पर बीएसए ने छह अप्रैल 2025 को सहायक अध्यापक को निलंबित कर दिया था। एसटीएफ वर्ष 2009 में विशिष्ट बीटीसी के तहत हुए भर्ती शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच कर रही थी। इसी क्रम में पौली ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय चकिया पर तैनात सहायक अध्यापक राजेश कुमार के प्रमाणपत्र की जांच भी एसटीएफ कर रही थी। एसटीएफ के एसएसपी ने बीएसए को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि सहायक अध्यापक के शैक्षिक दस्तावेज की जांच की गई, जिसमें वह फर्जी मिला है। इसके बाद बीएसए ने उसे निलंबित कर दिया। बाद में उसे बर्खास्त भी किया गया था।
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रिकवरी की कार्रवाई नहीं हो सकी
जिले में करीब 12 से अधिक शिक्षक फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी करते मिले थे। उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। उन पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके साथ ही उनके वेतन की रिकवरी का निर्देश दिया गया था और उसकी सूचना तहसील प्रशासन को भेजी गई थी। इसमें सबसे ज्यादा नाथनगर ब्लॉक में पांच शिक्षक बर्खास्त हुए थे। बाद में वह शिक्षक कोर्ट चले गए और रिकवरी की कार्रवाई पर रोक लग गई थी।
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हाईकोर्ट का आदेश आया है। जिले में 3065 शिक्षक कार्यरत हैं। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि इनके मूल प्रमाणपत्र मंगा लें। शपथ पत्र भी साथ में लें। इसके बाद सभी अभिलेख एसटीएफ को सौंपी जाएगी। एसटीएफ इसकी जांच करेगी। एसटीएफ जैसा रिपोर्ट देगी उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-अमित कुमार सिंह, बीएसए
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यह प्रमाणपत्र सिर्फ एक जगह ही लगा है। ब्लॉकों से शिक्षकों का रिकॉर्ड आने के बाद उसे एसटीएफ को सौंप दिया जाएगा। एसटीएफ इसकी जांच करेगी और फर्जी मिलने पर बीएसए को सूचना देकर कार्रवाई कराएगी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिले में फर्जी तरीके से नौकरी कर रहे शिक्षकों में हड़कंप है।
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जिले में 1246 परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें 3065 शिक्षक कार्यरत हैं। पहले भी एसटीएफ के रिपोर्ट पर कई शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी मिले थे जिस पर बर्खास्तगी तक की कार्रवाई हुई थी लेकिन उसके बाद से मामला ठंडे बस्ते में चला गया था।
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इधर जिले के बघौली ब्लॉक में कार्यरत एक शिक्षिका कुसुमलता ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा है कि बेसिक शिक्षा विभाग में एक ही प्रमाणपत्र पर 10-10 लोग नौकरी कर रहे हैं। इसके बाद हाईकोर्ट ने इसकी जांच का निर्देश दिया है। जिले में 3065 शिक्षक कार्यरत हैं, जिसमें प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक शामिल हैं। बीएसए ने सभी बीईओ को शिक्षकों की नियुक्ति संबंधी रिकॉर्ड तलब किए हैं।
तैनाती का मूल अभिलेख, नियुक्ति पत्र, मूल प्रमाणपत्र आदि मांगे गए हैं। इसके साथ ही शपथ पत्र भी देना होगा। यह रिपोर्ट एक सप्ताह में एसटीएफ को सौंपी जाएगी। एसटीएफ इसकी जांच करेगा और उसके बाद फर्जी मिलने पर कार्रवाई करेगा। हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिले के शिक्षकों में हड़कंप है। अब अभिलेख जमा होने के बाद ही पता चलेगा कि कितने शिक्षक फर्जी तरीके से नौकरी कर रहे हैं।
जिले में पहले भी पकड़े जा चुके हैं फर्जी शिक्षक
सितंबर 2023 में 23 शिक्षकों की एसटीएफ ने भेजी थी सूची
एसटीएफ ने परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच की थी। इसमें 23 शिक्षक फर्जी मिले थे। एसटीएफ ने 22 सितंबर 2023 को इन पर प्राथमिकी दर्ज कराकर उसकी रिपोर्ट बीएसए से मांगी थी। हालांकि उस समय प्राथमिकी दर्ज कराकर उसकी रिपोर्ट एसटीएफ को भेजी गई थी लेकिन उसके बाद आगे की कार्रवाई नहीं हुई।
जनवरी 2021 एक शिक्षक को एसटीएफ ने उठाया था
एसटीएफ ने फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी कर रहे एक शिक्षक को अपने साथ ले गई थी। चर्चा थी कि वह शिक्षक पास के जनपद में तैनात हैं। एसटीएफ की इस कार्रवाई से बीएसए कार्यालय में पूरे दिन हड़कंप मचा रहा। खलीलाबाद शहर के एक मोहल्ले से 11 जनवरी 2021 की देर शाम एसटीएफ की टीम ने एक शिक्षक को घर से अपने साथ लेकर गई। बताया जा रहा था कि वह शिक्षक पास के जनपद में तैनात हैं और फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी कर रहा था। हालांकि उस शिक्षक को बाद में निलंबित कर दिया गया था। उसके बाद आगे की कार्रवाई भी लटक गई थी
एसटीएफ की रिपोर्ट पर एक शिक्षक हुआ था निलंबित
जिले में तैनात एक शिक्षक ने अपने जन्म प्रमाणपत्र में हेराफेरी कर दी। एसटीएफ ने जब इसकी जांच की तो प्रमाणपत्र में धोखाधड़ी पाई गई। एसएसपी एसटीएफ की रिपोर्ट पर बीएसए ने छह अप्रैल 2025 को सहायक अध्यापक को निलंबित कर दिया था। एसटीएफ वर्ष 2009 में विशिष्ट बीटीसी के तहत हुए भर्ती शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच कर रही थी। इसी क्रम में पौली ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय चकिया पर तैनात सहायक अध्यापक राजेश कुमार के प्रमाणपत्र की जांच भी एसटीएफ कर रही थी। एसटीएफ के एसएसपी ने बीएसए को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि सहायक अध्यापक के शैक्षिक दस्तावेज की जांच की गई, जिसमें वह फर्जी मिला है। इसके बाद बीएसए ने उसे निलंबित कर दिया। बाद में उसे बर्खास्त भी किया गया था।
रिकवरी की कार्रवाई नहीं हो सकी
जिले में करीब 12 से अधिक शिक्षक फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी करते मिले थे। उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। उन पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके साथ ही उनके वेतन की रिकवरी का निर्देश दिया गया था और उसकी सूचना तहसील प्रशासन को भेजी गई थी। इसमें सबसे ज्यादा नाथनगर ब्लॉक में पांच शिक्षक बर्खास्त हुए थे। बाद में वह शिक्षक कोर्ट चले गए और रिकवरी की कार्रवाई पर रोक लग गई थी।
हाईकोर्ट का आदेश आया है। जिले में 3065 शिक्षक कार्यरत हैं। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि इनके मूल प्रमाणपत्र मंगा लें। शपथ पत्र भी साथ में लें। इसके बाद सभी अभिलेख एसटीएफ को सौंपी जाएगी। एसटीएफ इसकी जांच करेगी। एसटीएफ जैसा रिपोर्ट देगी उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-अमित कुमार सिंह, बीएसए