{"_id":"58387aeb4f1c1b313513c114","slug":"recognition-may-be-over-69-colleges","type":"story","status":"publish","title_hn":"69 कॉलेजों की खत्म हो सकती है मान्यता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
69 कॉलेजों की खत्म हो सकती है मान्यता
Sant Kabir Nagar
Updated Fri, 25 Nov 2016 11:24 PM IST
विज्ञापन
school
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जनपद के 69 वित्त विहीन कॉलेजों की मान्यता खत्म करने की चेतावनी डीआईओएस कार्यालय ने दी है। इन कॉलेजों ने प्रधानाचार्य, शिक्षक के विशेेष प्रोत्साहन मानदेय के लिए मांगी जाने वाली सूचना देने में लापरवाही बरती है। शासन के निर्देश पर डीआईओएस ने इन विद्यालयों को सूची जमा करने का एक सप्ताह का समय दिया है।
प्रदेश सरकार ने वित्त विहीन शिक्षकों की मांग पर उन्हें प्रोत्साहन मानदेय देने की घोषणा की है। जिसके तहत वित्त विहीन विद्यालयों में कार्यरत अंशकालिक प्रधानाचार्य, शिक्षक का विशेेष प्रोत्साहन मानदेय भुगतान के लिए ब्यौरा सॉफ्ट कॉपी और हार्ड कॉपी में डीआईओएस कार्यालय ने 29 अगस्त को पत्र जारी कर मांगी थी। करीब साढ़े तीन माह बीतने के बाद भी जिले के 69 वित्त विहीन कॉलेजों ने सूचना नहीं दिया। जिस पर डीआईओएस ने इन विद्यालयों को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि विशेष प्रोत्साहन मानदेय से संबंधित सूचना उपलब्ध न हो सकी है।
जिससे उक्त कार्यरत अंशकालिक शिक्षकों को विशेष प्रोत्साहन मानदेय का भुगतान नहीं किया जा सका है। प्रकरण शासन की अतिमहत्वपूर्ण योजनाओं में सम्मिलित है। कार्यालय ने सभी विद्यालयों को एक सप्ताह में सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही यह भी चेतावनी दी है कि एक सप्ताह में सूची जमा नहीं हुई तो विद्यालय की मान्यता समाप्ति के लिए शासन को सूचना भेज दी जाएगी। जिसकी सारी जिम्मेदारी विद्यालयों की होगी।
विज्ञापन
डीआईओएस कार्यालय के पत्र की सूचना मिलते ही वित्त विहीन विद्यालयों में हड़कंप मचा हुआ है। डीआईओएस शिव कुमार ओझा ने बताया कि वित्त विहीन शिक्षकों को प्रोत्साहन मानदेय दिया जाना है। यह शासन की प्राथमिकता में है। वित्त विहीन विद्यालयों से शिक्षकों की सूची मांगी गई थी, लेकिन 69 विद्यालयों ने सूची जमा नहीं किया। जिससे शासन को सूचना नहीं भेजी जा सकी है। इन विद्यालयों को चेतावनी दी गई है कि एक सप्ताह में सूची जमा कर दे नहीं तो मान्यता समाप्ति के लिए शासन को पत्र भेज दिया जाएगा।
विज्ञापन
प्रदेश सरकार ने वित्त विहीन शिक्षकों की मांग पर उन्हें प्रोत्साहन मानदेय देने की घोषणा की है। जिसके तहत वित्त विहीन विद्यालयों में कार्यरत अंशकालिक प्रधानाचार्य, शिक्षक का विशेेष प्रोत्साहन मानदेय भुगतान के लिए ब्यौरा सॉफ्ट कॉपी और हार्ड कॉपी में डीआईओएस कार्यालय ने 29 अगस्त को पत्र जारी कर मांगी थी। करीब साढ़े तीन माह बीतने के बाद भी जिले के 69 वित्त विहीन कॉलेजों ने सूचना नहीं दिया। जिस पर डीआईओएस ने इन विद्यालयों को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि विशेष प्रोत्साहन मानदेय से संबंधित सूचना उपलब्ध न हो सकी है।
विज्ञापन
जिससे उक्त कार्यरत अंशकालिक शिक्षकों को विशेष प्रोत्साहन मानदेय का भुगतान नहीं किया जा सका है। प्रकरण शासन की अतिमहत्वपूर्ण योजनाओं में सम्मिलित है। कार्यालय ने सभी विद्यालयों को एक सप्ताह में सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही यह भी चेतावनी दी है कि एक सप्ताह में सूची जमा नहीं हुई तो विद्यालय की मान्यता समाप्ति के लिए शासन को सूचना भेज दी जाएगी। जिसकी सारी जिम्मेदारी विद्यालयों की होगी।
विज्ञापन
डीआईओएस कार्यालय के पत्र की सूचना मिलते ही वित्त विहीन विद्यालयों में हड़कंप मचा हुआ है। डीआईओएस शिव कुमार ओझा ने बताया कि वित्त विहीन शिक्षकों को प्रोत्साहन मानदेय दिया जाना है। यह शासन की प्राथमिकता में है। वित्त विहीन विद्यालयों से शिक्षकों की सूची मांगी गई थी, लेकिन 69 विद्यालयों ने सूची जमा नहीं किया। जिससे शासन को सूचना नहीं भेजी जा सकी है। इन विद्यालयों को चेतावनी दी गई है कि एक सप्ताह में सूची जमा कर दे नहीं तो मान्यता समाप्ति के लिए शासन को पत्र भेज दिया जाएगा।