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मुसहरा गांव में मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में अदा की गई नमाज
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मुसहरा गांव में पुलिस और प्रशासन की टीम मुस्तैद रही।
- फोटो : KHALILABAD
मुसहरा गांव में मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में अदा की गई नमाज
- मुसहरा में तीन दिनों तक तैनात रहेंगे भारी फोर्स
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मसिंहवा। सतर्कता व सुरक्षा के बीच मुसहरा गांव में शनिवार को बकरीद की नमाज लोगों ने घरों में अदा की। एसडीएम नवीन श्रीवास्तव और सीओ गयादत्त मिश्र की देखरेख में जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहे। गांव में पुलिस तीन दिनों तक शांति व्यवस्था के लिए तैनात रहेंगी। पुलिस ने बकरों को अपने कब्जे में ले लिया है। जिसकी वजह से गांव में कुर्बानी नहीं हुई।
धर्मसिंहवां थाना क्षेत्र के मुसहरा गांव में कुर्बानी की मानीटरिंग उच्च अधिकारी लखनऊ से करते हैं। पल-पल की रिपोर्ट डीजीपी कार्यालय को भेजी जाती है। किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी न होने पाए इसको लेकर पुलिस प्रशासन तैयारियों में जुट जाता है। थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि पूर्व में हुए विवाद को देखते हुए 35 लोगों को शांति भंग में पाबंद कर दिया गया है। शुक्रवार को राजस्व कर्मियों व पशु चिकित्सकों की मौजूदगी में लोगों के घरों से बकरे निकलवाकर गांव में स्थित एक मदरसे में सुरक्षित रखवा दिया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस अभिलेखों में इस गांव में कुर्बानी की परंपरा नहीं है। 2007 में कुछ लोगों द्वारा कुर्बानी कर देने पर विवाद हो गया था और तब से शांति व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल तैनात की जाती है।
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- मुसहरा में तीन दिनों तक तैनात रहेंगे भारी फोर्स
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मसिंहवा। सतर्कता व सुरक्षा के बीच मुसहरा गांव में शनिवार को बकरीद की नमाज लोगों ने घरों में अदा की। एसडीएम नवीन श्रीवास्तव और सीओ गयादत्त मिश्र की देखरेख में जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहे। गांव में पुलिस तीन दिनों तक शांति व्यवस्था के लिए तैनात रहेंगी। पुलिस ने बकरों को अपने कब्जे में ले लिया है। जिसकी वजह से गांव में कुर्बानी नहीं हुई।
धर्मसिंहवां थाना क्षेत्र के मुसहरा गांव में कुर्बानी की मानीटरिंग उच्च अधिकारी लखनऊ से करते हैं। पल-पल की रिपोर्ट डीजीपी कार्यालय को भेजी जाती है। किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी न होने पाए इसको लेकर पुलिस प्रशासन तैयारियों में जुट जाता है। थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि पूर्व में हुए विवाद को देखते हुए 35 लोगों को शांति भंग में पाबंद कर दिया गया है। शुक्रवार को राजस्व कर्मियों व पशु चिकित्सकों की मौजूदगी में लोगों के घरों से बकरे निकलवाकर गांव में स्थित एक मदरसे में सुरक्षित रखवा दिया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस अभिलेखों में इस गांव में कुर्बानी की परंपरा नहीं है। 2007 में कुछ लोगों द्वारा कुर्बानी कर देने पर विवाद हो गया था और तब से शांति व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल तैनात की जाती है।
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