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दस साल बाद अपनों के बीच पहुंचे तो खिल उठे चेहरे, गुडगांव से हुए थे लापता, इस शहर के होटल पर करते थे काम
Mon, 03 Aug 2020 06:29 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, संतकबीरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, संतकबीरनगर
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 03 Aug 2020 06:29 PM IST
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ओम प्रकाश त्रिपाठी, दस साल पहले हुए थे लापता
- फोटो : अमर उजाला
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दस साल पहले लापता हुए संतकरीब नगर के मेंहदावल क्षेत्र के कुसौना कला निवासी ओम प्रकाश त्रिपाठी सहारनपुर के देवबंद में परिजनों को मिले। वहां एक होटल पर काम कर रहे थे। अपनों के बीच पहुंचने पर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वैसे उनका पूरा परिवार गुरुग्राम में रहता है।
मेंहदावल क्षेत्र के कुसौना कला गांव निवासी पप्पू त्रिपाठी ने बताया कि उनका परिवार करीब 15 साल से गुरुग्राम में रहता है। उनके चचेरे भाई 54 वर्षीय अविवाहित ओम प्रकाश त्रिपाठी भी परिवार के साथ रहते थे। करीब दस साल पूर्व चचेरे भाई ओम प्रकाश त्रिपाठी गुरुग्राम से लापता हो गए।
भटकते हुए पहले वह पंजाब गए फिर सहारनपुर पहुंच गए। सहरानपुर के देवबंद में एक पंडित के होटल पर काम करते थे। मानसिक रुप से कमजोर होने की वजह से उन्हें अपना पता याद नहीं आ रहा था। इधर जब ठीक हुए तो उन्हें अपने गांव और परिवार का नाम याद आया।
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होटल मालिक से चचेरे भाई ने अपने गांव का नाम कुसौना कला थाना मेंहदावल जनपद संतकबीर नगर बताया। होटल मालिक ने फिर अपने परिचित गोरखपुर के मोतीराम अड्डा निवासी योगेश मणि त्रिपाठी को इसकी जानकारी दी।
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मेंहदावल क्षेत्र के कुसौना कला गांव निवासी पप्पू त्रिपाठी ने बताया कि उनका परिवार करीब 15 साल से गुरुग्राम में रहता है। उनके चचेरे भाई 54 वर्षीय अविवाहित ओम प्रकाश त्रिपाठी भी परिवार के साथ रहते थे। करीब दस साल पूर्व चचेरे भाई ओम प्रकाश त्रिपाठी गुरुग्राम से लापता हो गए।
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भटकते हुए पहले वह पंजाब गए फिर सहारनपुर पहुंच गए। सहरानपुर के देवबंद में एक पंडित के होटल पर काम करते थे। मानसिक रुप से कमजोर होने की वजह से उन्हें अपना पता याद नहीं आ रहा था। इधर जब ठीक हुए तो उन्हें अपने गांव और परिवार का नाम याद आया।
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होटल मालिक से चचेरे भाई ने अपने गांव का नाम कुसौना कला थाना मेंहदावल जनपद संतकबीर नगर बताया। होटल मालिक ने फिर अपने परिचित गोरखपुर के मोतीराम अड्डा निवासी योगेश मणि त्रिपाठी को इसकी जानकारी दी।
योगेश मणि ने संतकबीरनगर के निवासी अपने दोस्त रोटरी क्लब के पूर्व सचिव उमाशंकर पांडेय से इसकी चर्चा की। उमाशंकर पांडेय ने कुसौना कला के लोगों से पूछताछ की और फिर उन्हें फोन पर जानकारी दी।
उसके बाद सहारनपुर के देबबंद जाकर वह अपने चचेरे भाई ओम प्रकाश त्रिपाठी को घर लाए। परिवार के बीच चचेरे भाई पहुंचे तो सभी को खुशी का ठिकाना नही रहा।
उसके बाद सहारनपुर के देबबंद जाकर वह अपने चचेरे भाई ओम प्रकाश त्रिपाठी को घर लाए। परिवार के बीच चचेरे भाई पहुंचे तो सभी को खुशी का ठिकाना नही रहा।