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Sant Kabir Nagar News: अनुमति के इंतजार में ब्लड सेपरेशन यूनिट का संचालन लटका
Tue, 20 Feb 2024 11:16 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 20 Feb 2024 11:16 PM IST
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ब्लड सेपरेशन यूनिट
संतकबीरनगर। जिला ब्लड बैंक परिसर में बने ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का संचालन अनुमति के इंतजार में लटका हुआ है। ड्रग कंट्रोल की टीम जब अनुमति देगी तभी इसका संचालन होगा। इसके संचालन के लिए कर्मी भी प्रशिक्षित हो चुके हैं। छह माह से इसके संचालन की अनुमति का इंतजार किया जा रहा है।
सीएचसी खलीलाबाद के परिसर में जिला ब्लड बैंक संचालित होता है जो सीएमएस के अधीन है। इस ब्लड बैंक के पास ब्लड सेपरेशन यूनिट की स्थापना की गई। एक साल पूर्व इसका भवन बन कर तैयार हुआ। करीब छह माह पहले मशीने भी आ गईं और कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया। ताकि एक यूनिट रक्त से चार प्रकार के रक्त तैयार हो सके। प्लेटलेट्स आदि के मरीजों को गोरखपुर या फिर बस्ती जाना पड़ता है। जिले में इसकी कोई व्यवस्था नहीं है। ब्लड बैंक में प्लाज्मा, प्लेटलेट्स, क्रायों आदि के प्रतिदिन दो से तीन मरीज आते हैं। हालांकि ब्लड बैंक कर्मी उन्हें गाेरखपुर भेजकर इसको उपलब्ध करवाते हैं, लेकिन गोरखपुर आने-जाने में समय की बर्बादी भी होती है। इसके साथ अगर अस्पताल में किसी मरीज को इसकी जरूरत है तो उसको गोरखपुर रेफर भी कर दिया जाता है। ब्लड सेपेरशन यूनिट के संचालन के लिए ड्रग कंट्रोल का लाइसेंस जरूरी होता है। चार माह पहले लखनऊ से टीम आई थी, पर कुछ कमियों की वजह से लाइसेंस नहीं मिल पाया। जिसकी वजह से मामला अधर में लटक गया है। करीब 20 लाख की मशीनें कमरे के अंदर धूल फांक रही हैं।
प्लेटलेट्स, पीआरबीसी, क्रायो और प्लाज्मा को किया जाएगा अलग
ब्लड सेपरशन यूनिट का संचालन शुरू हाेने के बाद एक यूनिट रक्त से चार प्रकार के रक्त तैयार किए जाएंगे। जिसमे प्लेटलेट्स, पीआरबीसी, क्रायो और प्लाज्मा को अलग किया जाएगा। अभी इस प्रकार के लिए मरीज को गोरखपुर जाना पड़ता है।
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मंगलवार को दो मरीज लौट गए वापस
ब्लड बैंक में मंगलवार करे प्लेटलेट्स की कमी को लेकर पहुंचे बंजरिया निवासी संदीप और गोरखल निवासी विजय ने बताया कि उनके परिवार में एक व्यक्ति को प्लेटलेट्स की कमी है, जिसे लेने आए थे, पर यह नहीं मिला। ब्लड बैंक के कर्मियों ने गोरखपुर जाने की सलाह दी है। इससे अच्छा तो गोरखपुर ही जाकर इलाज कराते तो कम से कम वहां पर व्यवस्था तो होती।
ब्लड सेपेरशन यूनिट के संचालन के लिए ड्रग कंट्रोल टीम ने जो आपत्ति की थी उसे दूर कर लिया गया है। उम्मीद है कि इसी माह इसकी अनुमति मिल जाएगी। जिसके बाद यूनिट का संचालन शुरू हो जाएगा।
डाॅ. आनंद कुमार मिश्र, ब्लड बैंक प्रभारी
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सीएचसी खलीलाबाद के परिसर में जिला ब्लड बैंक संचालित होता है जो सीएमएस के अधीन है। इस ब्लड बैंक के पास ब्लड सेपरेशन यूनिट की स्थापना की गई। एक साल पूर्व इसका भवन बन कर तैयार हुआ। करीब छह माह पहले मशीने भी आ गईं और कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया। ताकि एक यूनिट रक्त से चार प्रकार के रक्त तैयार हो सके। प्लेटलेट्स आदि के मरीजों को गोरखपुर या फिर बस्ती जाना पड़ता है। जिले में इसकी कोई व्यवस्था नहीं है। ब्लड बैंक में प्लाज्मा, प्लेटलेट्स, क्रायों आदि के प्रतिदिन दो से तीन मरीज आते हैं। हालांकि ब्लड बैंक कर्मी उन्हें गाेरखपुर भेजकर इसको उपलब्ध करवाते हैं, लेकिन गोरखपुर आने-जाने में समय की बर्बादी भी होती है। इसके साथ अगर अस्पताल में किसी मरीज को इसकी जरूरत है तो उसको गोरखपुर रेफर भी कर दिया जाता है। ब्लड सेपेरशन यूनिट के संचालन के लिए ड्रग कंट्रोल का लाइसेंस जरूरी होता है। चार माह पहले लखनऊ से टीम आई थी, पर कुछ कमियों की वजह से लाइसेंस नहीं मिल पाया। जिसकी वजह से मामला अधर में लटक गया है। करीब 20 लाख की मशीनें कमरे के अंदर धूल फांक रही हैं।
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प्लेटलेट्स, पीआरबीसी, क्रायो और प्लाज्मा को किया जाएगा अलग
ब्लड सेपरशन यूनिट का संचालन शुरू हाेने के बाद एक यूनिट रक्त से चार प्रकार के रक्त तैयार किए जाएंगे। जिसमे प्लेटलेट्स, पीआरबीसी, क्रायो और प्लाज्मा को अलग किया जाएगा। अभी इस प्रकार के लिए मरीज को गोरखपुर जाना पड़ता है।
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मंगलवार को दो मरीज लौट गए वापस
ब्लड बैंक में मंगलवार करे प्लेटलेट्स की कमी को लेकर पहुंचे बंजरिया निवासी संदीप और गोरखल निवासी विजय ने बताया कि उनके परिवार में एक व्यक्ति को प्लेटलेट्स की कमी है, जिसे लेने आए थे, पर यह नहीं मिला। ब्लड बैंक के कर्मियों ने गोरखपुर जाने की सलाह दी है। इससे अच्छा तो गोरखपुर ही जाकर इलाज कराते तो कम से कम वहां पर व्यवस्था तो होती।
ब्लड सेपेरशन यूनिट के संचालन के लिए ड्रग कंट्रोल टीम ने जो आपत्ति की थी उसे दूर कर लिया गया है। उम्मीद है कि इसी माह इसकी अनुमति मिल जाएगी। जिसके बाद यूनिट का संचालन शुरू हो जाएगा।
डाॅ. आनंद कुमार मिश्र, ब्लड बैंक प्रभारी