{"_id":"6749fd676810503f8e05b35d","slug":"one-year-has-passedmany-projects-including-medical-college-did-not-come-to-ground-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1039-124649-2024-11-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: बीत गया साल...धरातल पर नहीं उतरीं मेडिकल कॉलेज समेत कई परियोजनाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: बीत गया साल...धरातल पर नहीं उतरीं मेडिकल कॉलेज समेत कई परियोजनाएं
Fri, 29 Nov 2024 11:14 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 29 Nov 2024 11:14 PM IST
विज्ञापन
संतकबीरनगर। साल बीतने में एक माह रह गए हैं, लेकिन धरातल पर बड़ी परियोजनाएं नहीं उतर सकी हैं। इसमें केंद्रीय विद्यालय, मेडिकल कॉलेज, फूड प्लाजा और पार्क बनाने की योजना है। प्रशासन की तरफ से शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। स्थान भी चिह्नित है, लेकिन स्वीकृति नहीं मिलने की वजह से काम शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में लोगों को अगले साल तक इंतजार करना पड़ सकता है।
जंगल ऊन में जमीन चिह्नित, केंद्रीय विद्यालय का निर्माण शुरू नहीं
जिले में केंद्रीय विद्यालय खुलने के लिए जंगल ऊन में जमीन चिह्नित की गई है। जमीन का हस्तानांतरण भी करा दिया है। इसकी सूचना प्रशासन ने सचिव माध्यमिक शिक्षा को भेजी है, लेकिन शासन से स्वीकृति नहीं मिलने के कारण केंद्रीय विद्यालय का निर्माण नहीं शुरू हो सका है।
2.0140 हेक्टेयर भूमि में केंद्रीय विद्यालय बनना है। इस बीच यह व्यवस्था बनाई गई कि जब तक विद्यालय का निर्माण पूर्ण नहीं होता है तब तक विद्यालय जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के पांच कमरों में संचालित होगा, लेकिन यह कार्य भी नहीं हो सका है। केंद्रीय विद्यालय का निर्माण न होने से लोगों में निराशा दिखाई दे रही है। उम्मीद थी कि इसके निर्माण होने के बाद बच्चों को कम फीस में बेहतर शिक्षा मिल पाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जंगल ऊन में जमीन चिह्नित, केंद्रीय विद्यालय का निर्माण शुरू नहीं
जिले में केंद्रीय विद्यालय खुलने के लिए जंगल ऊन में जमीन चिह्नित की गई है। जमीन का हस्तानांतरण भी करा दिया है। इसकी सूचना प्रशासन ने सचिव माध्यमिक शिक्षा को भेजी है, लेकिन शासन से स्वीकृति नहीं मिलने के कारण केंद्रीय विद्यालय का निर्माण नहीं शुरू हो सका है।
विज्ञापन
2.0140 हेक्टेयर भूमि में केंद्रीय विद्यालय बनना है। इस बीच यह व्यवस्था बनाई गई कि जब तक विद्यालय का निर्माण पूर्ण नहीं होता है तब तक विद्यालय जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के पांच कमरों में संचालित होगा, लेकिन यह कार्य भी नहीं हो सका है। केंद्रीय विद्यालय का निर्माण न होने से लोगों में निराशा दिखाई दे रही है। उम्मीद थी कि इसके निर्माण होने के बाद बच्चों को कम फीस में बेहतर शिक्षा मिल पाएगी।
विज्ञापन