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Sant Kabir Nagar News: ‘कबीर के विचारों को मानव जीवन में उतारने की जरूरत’
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‘कबीर के विचारों को मानव जीवन में उतारने की जरूरत’
भंडारे में श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
संवाद न्यूज एजेंसी
मगहर। कबीर समाधि परिसर में बुधवार को संत कबीर के परिनिर्वाण दिवस पर कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण, हवन, महा बीजक पाठ और कबीर आरती से हुई। इस दौरान कबीर कथा, कबीर भजन, सत्संग, भंडारा आदि हुआ। महंत विचार दास ने कहा कि संत कबीर ने समाज में व्याप्त कुरीतियों, बाह्य आडंबरों का पूरे जीवन विरोध किया। उनके विचारों को मानव जीवन में उतारने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि कबीर साहेब जाति-पांति और ऊंच-नीच के घोर आलोचक थे। उन्होंने सदा सद्गार्ग पर चलने की बात कही है। उनकी वाणी को आत्मसात कर जीवन को सुखमय बनाया जा सकता है। जेपी कबीर पंथी साहेब ने कहा कि संत कबीर को जो अच्छा लगा, वही बेबाक तरीके से बोलते थे। संसार एक माया है, लेकिन कबीर के जीवन पर इस माया का कोई असर नहीं रहा है। उनकी साखी हमें अंधेरे से उजाले की तरफ ले जाती है।
महंत नरेंद्र साहब ने कहा कि कबीर ने सदा मानव सेवा की बात कही है। सद्गुरु कबीर ने कहा है कि निरंतर गुरु के दरबार में जाना चाहिए, ताकि आपके जीवन में जो कुछ भूले हैं तो उसे याद दिला देंगे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. हरिशरण शास्त्री ने किया। इस मौके पर बिहार, हरियाणा, गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान तथा छत्तीसगढ़ के कबीर पंथी संत और अनुयायी शामिल हुए। इस दौरान महंत नरेंद्र दास, लालचंद दास, अमरदास साहब, रजनी दिल्ली, रामशंकर दास आदि मौजूद रहे।
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भक्तों ने किया कबीर भजन का रसपान
महंत विचार दास के सानिध्य में कबीर भजन का आयोजन हुआ। कबीर भजन का श्रद्धालुओं ने रसपान किया। कार्यक्रम की शुरुआत कबीर भजन गायक डॉ. हरिशरण शास्त्री ने रहना नहीं देश वीराना है, कहवा से आइल बांटा कहवां तू जईबा ये पिजड़ा के पंछी...। साध्वी सेवादास ने गुरुदेव तेरे चरणों में, मेरे हर पल का दुख हर्लिया, मेरे सद्गुरु में क्या चढ़ाऊ जोभी है सब कुछ तेरा दिया है... सुनाकर वातावरण को भक्तिमय कर दिया।
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भंडारे में श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
संवाद न्यूज एजेंसी
मगहर। कबीर समाधि परिसर में बुधवार को संत कबीर के परिनिर्वाण दिवस पर कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण, हवन, महा बीजक पाठ और कबीर आरती से हुई। इस दौरान कबीर कथा, कबीर भजन, सत्संग, भंडारा आदि हुआ। महंत विचार दास ने कहा कि संत कबीर ने समाज में व्याप्त कुरीतियों, बाह्य आडंबरों का पूरे जीवन विरोध किया। उनके विचारों को मानव जीवन में उतारने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि कबीर साहेब जाति-पांति और ऊंच-नीच के घोर आलोचक थे। उन्होंने सदा सद्गार्ग पर चलने की बात कही है। उनकी वाणी को आत्मसात कर जीवन को सुखमय बनाया जा सकता है। जेपी कबीर पंथी साहेब ने कहा कि संत कबीर को जो अच्छा लगा, वही बेबाक तरीके से बोलते थे। संसार एक माया है, लेकिन कबीर के जीवन पर इस माया का कोई असर नहीं रहा है। उनकी साखी हमें अंधेरे से उजाले की तरफ ले जाती है।
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महंत नरेंद्र साहब ने कहा कि कबीर ने सदा मानव सेवा की बात कही है। सद्गुरु कबीर ने कहा है कि निरंतर गुरु के दरबार में जाना चाहिए, ताकि आपके जीवन में जो कुछ भूले हैं तो उसे याद दिला देंगे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. हरिशरण शास्त्री ने किया। इस मौके पर बिहार, हरियाणा, गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान तथा छत्तीसगढ़ के कबीर पंथी संत और अनुयायी शामिल हुए। इस दौरान महंत नरेंद्र दास, लालचंद दास, अमरदास साहब, रजनी दिल्ली, रामशंकर दास आदि मौजूद रहे।
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भक्तों ने किया कबीर भजन का रसपान
महंत विचार दास के सानिध्य में कबीर भजन का आयोजन हुआ। कबीर भजन का श्रद्धालुओं ने रसपान किया। कार्यक्रम की शुरुआत कबीर भजन गायक डॉ. हरिशरण शास्त्री ने रहना नहीं देश वीराना है, कहवा से आइल बांटा कहवां तू जईबा ये पिजड़ा के पंछी...। साध्वी सेवादास ने गुरुदेव तेरे चरणों में, मेरे हर पल का दुख हर्लिया, मेरे सद्गुरु में क्या चढ़ाऊ जोभी है सब कुछ तेरा दिया है... सुनाकर वातावरण को भक्तिमय कर दिया।