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Sant Kabir Nagar News: व्यवस्था में डूबी रकम...पानी का बरसों से इंतजार
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मेंहदावल में बनी पानी की टंकी-संवाद
- फोटो : गुरुद्वारा के सामने लोहड़ी मनाते सिख समाज के लोग।
संतकबीरनगर। सरकार हर घर नल जल योजना के तहत पेयजल मुहैया कराने के लिए जहां करोड़ों रुपये खर्च कर रही है वहीं, मेंहदावल और महुली में स्वच्छ पेयजल के तहत पानी की टंकी बनाई गई लेकिन आज तक उसका संचालन नहीं हो सका है। दोनों जगहों पर पानी की सप्लाई शुरू होते ही पाइप जगह-जगह फट जा रहा है। इससे योजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दोनों जगहों पर करीब 10 से 12 साल से पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है।
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14 साल बाद भी नहीं शुरू हो सकता वाटर सप्लाई
मेंहदावल। नगर पंचायत मेंहदावल में स्थापित वाटर सप्लाई योजना शुरू होने से पहले ही धराशायी हो रही है। इस परियोजना में नगर पंचायत से सटी गांव को भी जोड़ा गया था लेकिन वहां टोंटियां लग गईं लेकिन सप्लाई आज तक चालू नहीं हो पाई। यह परियोजना अब तक पूर्ण नहीं हो पाई है। इससे नगर पंचायत प्रशासन को हस्तांतरित भी नहीं हो पाई।
वर्ष 2010-11 में मेंहदावल नगर पंचायत की आबादी को पेयजल उपलब्ध कराने के दिशा में पहल करते हुए नगर पंचायत प्रशासन के पहल पर वाटर सप्लाई परियोजना को स्वीकृति मिली। परियोजना का कार्य भी शुरू हुआ। इस परियोजना में 7 किलोमीटर तक पाइपलाइन से वाटर सप्लाई का कार्य शुरू होना था। वाटर सप्लाई के लिए पाइपलाइन भी बिछाई गई। लेकिन ट्रायल के दौरान कई स्थानों पर लीकेज होने के कारण नगर पंचायत प्रशासन ने हैंड ओवर लेने से इंकार कर दिया। तबसे जल निगम ने इस परियोजना को पूर्ण करने में रुचि नहीं दिखाई।
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नगर पंचायत के राजाबारी गांव के वेद कुमार पांडेय ने बताया कि नगर क्षेत्र में जल निगम द्वारा टोंटी पाइप लगा हुआ है। जब ट्रायल हुआ तो कई स्थानों पर लीकेज हुआ। लेकिन तब से यह लीकेज ठीक हुआ। न वाटर सप्लाई की सुविधा गांव वालों को मिल पाई। वहीं, नगर पंचायत के चंदन कुमार का कहना है कि नगर में कहीं कहीं वाटर सप्लाई काम कर रहा है। लेकिन कई स्थानों पर लीकेज भी है। नगर पंचायत प्रशासन ने लीकेज को दूर करने के लिए कई बार कार्य कराया। जबकि जल निगम इस परियोजना को न तो पूरा कर पाया न ही नगर पंचायत प्रशासन को आज तक हैंडओवर कर पाया। ईओ पंकज कुमार का कहना है कि परियोजना अपूर्ण है। फिर भी किसी तरह वाटर सप्लाई की सुविधा नगर के लोगों को समय अनुसार उपलब्ध कराई जा रही है। परियोजना अभी तक नगर पंचायत को हैंडओवर नहीं हुई है। इसके लिए पत्र व्यवहार किया गया है।
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सप्लाई पाइप में लीकेज के चलते फेल हुई पेयजल परियोजना
हरिहरपुर। महुली में राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के जरिए 2014-15 में शुरु हुई चार करोड़ 23 लाख की पेयजल परियोजना सप्लाई पाइप में लीकेज के चलते परवान नहीं चढ़ सकी। आलम यह है कि दस साल बाद भी लोगों को शुद्ध पेयजल नसीब नहीं हो सका है। लोगों के घरों के सामने लगी टोटियां शो-पीस बनकर रह गई हैं। अब तो महुली ग्राम पंचायत के लोग पेयजल आपूर्ति की उम्मीद भी छोड़ चुके हैं।
दस साल पहले महुली में 4 करोड़ 23 लाख की लागत से पेयजल परियोजना की स्वीकृति मिली थी। राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत कार्यदायी संस्था जल निगम को निर्माण कार्य का जिम्मा सौंपा गया था। जिससे महुली सहित ग्राम पंचायत में शामिल कुल आठ गावों की करीब पंद्रह हजार की आबादी को पेयजल मुहैया कराने का लक्ष्य था। ग्रामीण दीपक वर्मा, व्यवसायी सुरेंद्र कुमार मद्धेशिया, मिश्रीलाल, दीपक, पिंटू, अमित, राधे श्याम ने बताया कि परियोजना के तहत पेयजल आपूर्ति के लिए गावों तक पाइपलाइन बिछा दी गई है। हर घर के सामने टोंटियों को लिए पाइप भी लगा दिया गया है।
कुछ जगह टोटियां लगी हैं। कई लोगों के दरवाजे पर वाटर सप्लाई पाइप टोंटियों के इंतजार में टूट गए हैं। पेयजल आपूर्ति का प्रयास किया गया लेकिन जगह-जगह लीकेज के चलते आपूर्ति रोक देनी पड़ी। जब भी पानी की सप्लाई की जाती है, लीकेज के चलते कई जगह पानी भर जाता है। इसे लोगों के असुविधा होती है। इस परियोजना से ग्राम पंचायत में शामिल पुरवा औसानी पुरवा, बौरिहवा, डड़वा, रमतली, दिनेरा पुरवा, किरहिया, कुर्मियाना, हृदयी पुरवा के करीब पंद्रह हजार से अधिक की आबादी को पेयजल से लाभान्वित होना था।
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14 साल बाद भी नहीं शुरू हो सकता वाटर सप्लाई
मेंहदावल। नगर पंचायत मेंहदावल में स्थापित वाटर सप्लाई योजना शुरू होने से पहले ही धराशायी हो रही है। इस परियोजना में नगर पंचायत से सटी गांव को भी जोड़ा गया था लेकिन वहां टोंटियां लग गईं लेकिन सप्लाई आज तक चालू नहीं हो पाई। यह परियोजना अब तक पूर्ण नहीं हो पाई है। इससे नगर पंचायत प्रशासन को हस्तांतरित भी नहीं हो पाई।
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वर्ष 2010-11 में मेंहदावल नगर पंचायत की आबादी को पेयजल उपलब्ध कराने के दिशा में पहल करते हुए नगर पंचायत प्रशासन के पहल पर वाटर सप्लाई परियोजना को स्वीकृति मिली। परियोजना का कार्य भी शुरू हुआ। इस परियोजना में 7 किलोमीटर तक पाइपलाइन से वाटर सप्लाई का कार्य शुरू होना था। वाटर सप्लाई के लिए पाइपलाइन भी बिछाई गई। लेकिन ट्रायल के दौरान कई स्थानों पर लीकेज होने के कारण नगर पंचायत प्रशासन ने हैंड ओवर लेने से इंकार कर दिया। तबसे जल निगम ने इस परियोजना को पूर्ण करने में रुचि नहीं दिखाई।
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नगर पंचायत के राजाबारी गांव के वेद कुमार पांडेय ने बताया कि नगर क्षेत्र में जल निगम द्वारा टोंटी पाइप लगा हुआ है। जब ट्रायल हुआ तो कई स्थानों पर लीकेज हुआ। लेकिन तब से यह लीकेज ठीक हुआ। न वाटर सप्लाई की सुविधा गांव वालों को मिल पाई। वहीं, नगर पंचायत के चंदन कुमार का कहना है कि नगर में कहीं कहीं वाटर सप्लाई काम कर रहा है। लेकिन कई स्थानों पर लीकेज भी है। नगर पंचायत प्रशासन ने लीकेज को दूर करने के लिए कई बार कार्य कराया। जबकि जल निगम इस परियोजना को न तो पूरा कर पाया न ही नगर पंचायत प्रशासन को आज तक हैंडओवर कर पाया। ईओ पंकज कुमार का कहना है कि परियोजना अपूर्ण है। फिर भी किसी तरह वाटर सप्लाई की सुविधा नगर के लोगों को समय अनुसार उपलब्ध कराई जा रही है। परियोजना अभी तक नगर पंचायत को हैंडओवर नहीं हुई है। इसके लिए पत्र व्यवहार किया गया है।
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सप्लाई पाइप में लीकेज के चलते फेल हुई पेयजल परियोजना
हरिहरपुर। महुली में राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के जरिए 2014-15 में शुरु हुई चार करोड़ 23 लाख की पेयजल परियोजना सप्लाई पाइप में लीकेज के चलते परवान नहीं चढ़ सकी। आलम यह है कि दस साल बाद भी लोगों को शुद्ध पेयजल नसीब नहीं हो सका है। लोगों के घरों के सामने लगी टोटियां शो-पीस बनकर रह गई हैं। अब तो महुली ग्राम पंचायत के लोग पेयजल आपूर्ति की उम्मीद भी छोड़ चुके हैं।
दस साल पहले महुली में 4 करोड़ 23 लाख की लागत से पेयजल परियोजना की स्वीकृति मिली थी। राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत कार्यदायी संस्था जल निगम को निर्माण कार्य का जिम्मा सौंपा गया था। जिससे महुली सहित ग्राम पंचायत में शामिल कुल आठ गावों की करीब पंद्रह हजार की आबादी को पेयजल मुहैया कराने का लक्ष्य था। ग्रामीण दीपक वर्मा, व्यवसायी सुरेंद्र कुमार मद्धेशिया, मिश्रीलाल, दीपक, पिंटू, अमित, राधे श्याम ने बताया कि परियोजना के तहत पेयजल आपूर्ति के लिए गावों तक पाइपलाइन बिछा दी गई है। हर घर के सामने टोंटियों को लिए पाइप भी लगा दिया गया है।
कुछ जगह टोटियां लगी हैं। कई लोगों के दरवाजे पर वाटर सप्लाई पाइप टोंटियों के इंतजार में टूट गए हैं। पेयजल आपूर्ति का प्रयास किया गया लेकिन जगह-जगह लीकेज के चलते आपूर्ति रोक देनी पड़ी। जब भी पानी की सप्लाई की जाती है, लीकेज के चलते कई जगह पानी भर जाता है। इसे लोगों के असुविधा होती है। इस परियोजना से ग्राम पंचायत में शामिल पुरवा औसानी पुरवा, बौरिहवा, डड़वा, रमतली, दिनेरा पुरवा, किरहिया, कुर्मियाना, हृदयी पुरवा के करीब पंद्रह हजार से अधिक की आबादी को पेयजल से लाभान्वित होना था।

मेंहदावल में बनी पानी की टंकी-संवाद- फोटो : गुरुद्वारा के सामने लोहड़ी मनाते सिख समाज के लोग।