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Sant Kabir Nagar News: सिर में गोली मार कर महिला की हत्या करने के दोषी को आजीवन कारावास
Mon, 25 Aug 2025 11:47 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 25 Aug 2025 11:47 PM IST
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संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या एक रमेश दुबे की कोर्ट ने कट्टा से फायर कर महिला के सिर में गोली मार कर हत्या करने और व्यक्ति के पीठ में गोली मारकर हत्या की कोशिश करने के दोषी सुखनाथ को आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये अर्थ दंड से दंडित किया है। इसके साथ ही हत्या की कोशिश के मामले में 10 वर्ष के कठोर कारावास व तीन हजार रुपये अर्थ दंड से दंडित किए।
थाना बखिरा अंतर्गत ग्राम लेडुआ महुआ निवासी अख्तर अली पुत्र हजरत अली उर्फ फेंकू ने बखिरा थाने में तहरीर देकर बताया कि 11 फरवरी वर्ष 2000 को वह अपने मकान के पूर्वी कमरे में पढ़ रहा था। उसका छोटा भाई उसी कमरे में सो रहा था। शाम साढ़े सात बजे घर के बरामदे में खड़े होकर दो व्यक्ति उसके पिता हजरत अली को आवाज दिए। मां साबिरा खातून पूछा तो उन लोगों ने कहा कि हजरत अली कहां हैं उससे कुछ काम है। मां ने कहा कि मकान की गैलरी में बैठे हैं।
वे व्यक्ति गैलरी में आए और अपशब्द कहते हुए हुए मारने लगे। मां बचाने दौड़ीं तो उनके सिर में गोली मार दिया, जिससे उनकी तुरंत मौत हो गई। आवाज सुनकर मैं कमरे से निकला तो देखा की दोनों व्यक्ति अपने हाथ में कट्टा लिए थे और मेरे पिता को गोली मार दिए जो उनके पीठ में लगी। तब तक पड़ोस के तमाम लोग आ गए और उन्हें पहचान लिए।
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बखिरा थाने में हत्या व हत्या का प्रयास के आरोप में केस दर्ज हुआ। अभियोजन पक्ष ने पांच साक्षी को कोर्ट में परीक्षित कराया। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक रमेश दुबे की अदालत ने पक्षों की बहस सुनने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य एवं गवाहों की गवाही से थाना चिलुआताल ग्राम नकहा जंगल नंबर एक जनपद गोरखपुर निवासी सुखनाथ को आजीवन कारावास व पांच हजार रुपये अर्थ दंड से दंडित किया।
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थाना बखिरा अंतर्गत ग्राम लेडुआ महुआ निवासी अख्तर अली पुत्र हजरत अली उर्फ फेंकू ने बखिरा थाने में तहरीर देकर बताया कि 11 फरवरी वर्ष 2000 को वह अपने मकान के पूर्वी कमरे में पढ़ रहा था। उसका छोटा भाई उसी कमरे में सो रहा था। शाम साढ़े सात बजे घर के बरामदे में खड़े होकर दो व्यक्ति उसके पिता हजरत अली को आवाज दिए। मां साबिरा खातून पूछा तो उन लोगों ने कहा कि हजरत अली कहां हैं उससे कुछ काम है। मां ने कहा कि मकान की गैलरी में बैठे हैं।
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वे व्यक्ति गैलरी में आए और अपशब्द कहते हुए हुए मारने लगे। मां बचाने दौड़ीं तो उनके सिर में गोली मार दिया, जिससे उनकी तुरंत मौत हो गई। आवाज सुनकर मैं कमरे से निकला तो देखा की दोनों व्यक्ति अपने हाथ में कट्टा लिए थे और मेरे पिता को गोली मार दिए जो उनके पीठ में लगी। तब तक पड़ोस के तमाम लोग आ गए और उन्हें पहचान लिए।
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बखिरा थाने में हत्या व हत्या का प्रयास के आरोप में केस दर्ज हुआ। अभियोजन पक्ष ने पांच साक्षी को कोर्ट में परीक्षित कराया। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक रमेश दुबे की अदालत ने पक्षों की बहस सुनने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य एवं गवाहों की गवाही से थाना चिलुआताल ग्राम नकहा जंगल नंबर एक जनपद गोरखपुर निवासी सुखनाथ को आजीवन कारावास व पांच हजार रुपये अर्थ दंड से दंडित किया।