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Sant Kabir Nagar News: पट्टे की जमीनों की होगी जांच एसडीएम बनाए गए नोडल
Tue, 18 Mar 2025 11:18 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 18 Mar 2025 11:18 PM IST
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संतकबीरनगर। जिले में अधिकांश पट्टे की जमीनें विवाद का कारण बनी हुई हैं। पट्टे की जमीनों के लिए हो रहे विवाद को देखते हुए जिलाधिकारी ने जिले में सभी पट्टे की जमीनों के जांच के निर्देश दिए हैं। तीनों तहसीलों के एसडीएम को इसमें नोडल बनाया गया है। वह जिले के सभी आवंटित पट्टों की जांच करके रिपोर्ट देंगे।
तहसील दिवस हो या कलक्ट्रेट पर डीएम की जन सुनवाई, हर जगह पर पट्टे की जमीन को लेकर विवाद का मामला पहुंच रहा है। इसके साथ ही सैकड़ों मामले न्यायालयों में भी चल रहे हैं। आए दिन ऐसे मामले संपूर्ण समाधान दिवस से लेकर जनता दर्शन तक पहुंचते हैं।
बता दें कि जिले में कुल 735 ग्राम पंचायतें हैं, और इन पंचायतों में पट्टा विवाद आम हो चुका है। डीएम पट्टा विवाद के मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए तीन तहसीलों के एसडीएम को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है, जो इस अभियान का नेतृत्व करेंगे।
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यह अभियान 25 मार्च से एक महीने तक चलेगा और इस दौरान तहसीलवार पट्टों की पूरी सूची तैयार की जाएगी। यह सूची न केवल पट्टों के प्रकार का ब्योरा देगी, बल्कि उन लोगों की पहचान भी करेगी, जिन्हें भूमि के पट्टे दिए गए हैं। इसके अलावा फर्जी पट्टों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के अनुसार यह अभियान सुनिश्चित करेगा कि जो लोग वास्तविक हकदार हैं, उन्हें उनका हक मिले और कोई भी धोखाधड़ी का शिकार न हो।
इस अभियान का उद्देश्य पट्टा विवादों को सुलझाने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक कानूनी दांवपेंचों का सामना न करना पड़े। अभियान में यह भी देखा जाएगा कि जिन लोगों को पट्टे मिले हैं, क्या वे उनका उचित उपयोग कर रहे हैं या नहीं, ताकि कृषि और आवासीय भूमि का दुरुपयोग रोका जा सके।
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तहसील दिवस हो या कलक्ट्रेट पर डीएम की जन सुनवाई, हर जगह पर पट्टे की जमीन को लेकर विवाद का मामला पहुंच रहा है। इसके साथ ही सैकड़ों मामले न्यायालयों में भी चल रहे हैं। आए दिन ऐसे मामले संपूर्ण समाधान दिवस से लेकर जनता दर्शन तक पहुंचते हैं।
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बता दें कि जिले में कुल 735 ग्राम पंचायतें हैं, और इन पंचायतों में पट्टा विवाद आम हो चुका है। डीएम पट्टा विवाद के मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए तीन तहसीलों के एसडीएम को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है, जो इस अभियान का नेतृत्व करेंगे।
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यह अभियान 25 मार्च से एक महीने तक चलेगा और इस दौरान तहसीलवार पट्टों की पूरी सूची तैयार की जाएगी। यह सूची न केवल पट्टों के प्रकार का ब्योरा देगी, बल्कि उन लोगों की पहचान भी करेगी, जिन्हें भूमि के पट्टे दिए गए हैं। इसके अलावा फर्जी पट्टों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के अनुसार यह अभियान सुनिश्चित करेगा कि जो लोग वास्तविक हकदार हैं, उन्हें उनका हक मिले और कोई भी धोखाधड़ी का शिकार न हो।
इस अभियान का उद्देश्य पट्टा विवादों को सुलझाने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक कानूनी दांवपेंचों का सामना न करना पड़े। अभियान में यह भी देखा जाएगा कि जिन लोगों को पट्टे मिले हैं, क्या वे उनका उचित उपयोग कर रहे हैं या नहीं, ताकि कृषि और आवासीय भूमि का दुरुपयोग रोका जा सके।