फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   Land disputes are not being resolved, administration should be alert otherwise a scandal like Deoria may happen.

Sant Kabir Nagar News: नहीं सुलझ रहे जमीन के विवाद, चेते प्रशासन वरना हो सकता है देवरिया जैसा कांड

Fri, 06 Oct 2023 10:42 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 06 Oct 2023 10:42 PM IST
विज्ञापन
Land disputes are not being resolved, administration should be alert otherwise a scandal like Deoria may happen.
- विभिन्न राजस्व न्यायालयों में लंबित हैं 20,222 जमीन संबंधी प्रकरण
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जमीन संबंधी विवाद का निस्तारण कराना प्रशासन के लिए मुश्किल हो रहा है। जिले का कोई ऐसा गांव नहीं होगा, जहां जमीन संबंधी विवाद नहीं होगा। लोग जमीन संबंधी विवाद का निस्तारण कराने के लिए थाना, तहसील का चक्कर लगाते-लगाते थक जा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नही हो पा रहा है। जमीन के विवाद में पूर्व में हत्या तक हो चुकी है। आलम यह है कि जिले के विभिन्न राजस्व न्यायालयों में 20,222 प्रकरण लंबित हैं। यदि समय रहते प्रशासन ने विवादों का निस्तारण नहीं किया तो देवरिया जैसी घटना से इन्कार नहीं किया जा सकता है।

47 साल हो गए, नहीं हुआ निस्तारण
खलीलाबाद तहसील क्षेत्र के किडहिरिया गांव के रहने वाले 66 वर्षीय राम मिलन पुत्र स्वर्गीय बंधों ने बताया कि वह वर्ष 1977 में बेवा फूला देवी से पांच बीघे जमीन का बैनामा कराए थे। उसी बैनामें की जमीन पर विक्रेता के पट्टीदारों ने अपना हक जताते हुए मुकदमा दायर कर दिया। वर्ष 1977 से मुकदमा चल रहा है। अपर एसडीएम की कोर्ट में प्रकरण है। तभी से तारीख पर तारीख पड़ रही है। तारीख देखते-देखते 47 साल का वक्त गुजर गया, लेकिन जमीन का मुकदमा निस्तारित नहीं हो पाया। इसे लेकर विपिक्षयों से रस्साकशी बनी हुई है।
विज्ञापन

सिर्फ मिल रही तारीख पे तारीख
सिकरी गांव के रहने वाले सुरेंद्र प्रसाद पुत्र सतगुरु बताते हैं कि पट्टीदार से जमीन के हिस्सेदारी का विवाद है। जमीन को लेकर अदावत चल रही है। अपर एसडीएम की कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। करीब 30 साल से अधिक का समय बीत गया और अभी तक तारीख पर तारीख ही मिल रही है। एक महीने में दो तारीख पड़ती है, लेकिन मुकदमा निस्तारित नहीं हो रहा है। जबकि विवाद होने का खतरा हर वक्त बना रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

लंबित पड़ा है वसीयत का मामला
दुघरा गांव के वृद्ध शिव नारायण पांडेय ने बताया कि उनका वसीयत का मामला है। नायब तहसीलदार की कोर्ट में प्रकरण है। वर्ष 1987 से मामला चल रहा है और तारीख पर तारीख ही पड़ रही है। महीने में तीन बार तारीख पड़ती है। इसे लेकर विवाद होने का खतरा बना रहता है, लेकिन मुकदमा कब निस्तारित होगा, यह पता नहीं है।
प्रार्थना पत्र देने के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई
मेंहदावल क्षेत्र के पंडितपुरवा के रहने वाले कन्हैया पुत्र सुरेंद्र बताते हैं कि जमीन को लेकर उनके परिवार का गांव के ही एक व्यक्ति से विवाद चल रहा था। जिसमें तहसील प्रशासन को उसके बाबा राम विजय ने प्रार्थना पत्र देकर पैमाइश कराने के साथ ही जमीन के बंटवारे की मांग की थी। लेकिन प्रार्थना पत्र देने के बाद भी प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। पांच साल पहले विपक्षियों ने उसके बाबा और पिता की हत्या कर दी थी। अब परिवार में वहीं इकलौता बचा है, जो रिश्तेदार के घर रहकर जिंदगी गुजार रहा है। अभी तक जमीन का मामला नहीं सुलट पाया है।

इंसेट
मुकदमों का निस्तारण गुण दोष के आधार पर होता है। राजस्व के मामले अधिक उलझे हुए होते हैं। इस वजह से समय लगता है। अधिकारी भी समय से कोर्ट में नहीं बैठते हैं, क्यों उनके पास प्रशासनिक काम अधिक होता है। अधिवक्ता भी तारीख अधिक लेने पर जोर देते हैं। ऐसे में अधिवक्ता और अधिकारी दोनों जिम्मेदार हैं। इन्हें आपस में तालमेल बैठा कर लंबित मामलों को समय से निस्तारित करने पर जोर देना चाहिए। - सुभाष चंद श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिवक्ता


इंसेट
जिले में लंबित मुकदमों पर एक नजर



-- डीएम कोर्ट में- 97

- एडीएम राजस्व एवं वित्त कोर्ट में- 183

- एडीएम न्यायिक काेर्ट में -243
- अपर एसडीएम कोर्ट में- 356



- एसडीएम सदर की कोर्ट में- 735

-एसडीएम मेंहदावल की कोर्ट में- 617

- एसडीएम धनघटा की कोर्ट में- 860
- तहसीलदार सदर की कोर्ट में- 2773



- तहसील मेंहदावल की कोर्ट में- 3404

- तहसीलदार धनघटा की कोर्ट में- 1809



- तहसीलदार न्यायिक सदर की कोर्ट में- 1861

- नायब तहसीलदार खलीलाबाद की कोर्ट में- 1058



- नायब तहसीलदार सेमरियावा की कोर्ट में- 1333

- नायब तहसीलदार मेंहदावल की कोर्ट में- 996



- नायब तहसीलदार बेलहर की कोर्ट में- 1189

- नायब तहसीलदार नाथनगर की कोर्ट में- 1021



- नायब तहसीलदार हैंसर की कोर्ट में- 1692

-----------------------------------------------------



राजस्व न्यायालयों में सुनवाई करके लंबित वादों का तेजी के साथ निस्तारण किए जाने का निर्देश दिया गया है। महीने भर के भीतर कुल 1917 नए वाद दायर हुए हैं। जबकि 1912 वाद निस्तारित भी हुए हैं। राजस्व के मुकदमों को समय से निस्तारित किए जाने पर पूरा जोर है। राजस्व परिषद का भी निर्देश है कि पुराने लंबित प्रकरणों को सूचीबद्ध करके समय से निस्तारित कराया जाए। न्यायिक प्रक्रिया के तहत की मुकदमों का गुण-दोष के आधार पर निस्तारण किया जाता है।
-- महेंद्र सिंह तंवर, डीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed