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Sant Kabir Nagar News: पड़ोसी देशों से संवाद बनाए रखना जरूरी

Sun, 15 Feb 2026 01:49 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 15 Feb 2026 01:49 AM IST
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It is important to maintain dialogue with neighboring countries
एचआर पीजी कॉलेज में सेमिनार को संबोधित करते कुलपति-स्रोत कॉलेज
संवाद न्यूज एजेंसी
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संतकबीरनगर। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय बलरामपुर के कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने कहा कि भारतीय विदेश नीति को 2014 के पहले व 2014 के बाद के रूप में देखा जा सकता है। 2014 के बाद भारत नए एप्रोच से काम कर रहा है। आज भारत अफेंसिव डिफेंस की नीति को अपना रहा है।
वे शनिवार को एचआरपीजी कॉलेज में भारतीय वैश्विक परिषद एवं राजनीति विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान दो सत्रों में 34 प्रतिभागियों ने शोध प्रस्तुत किए।
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उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों से बेहतर एवं सार्थक संवाद बनाए रखना जरूरी है। जहां संवाद होगा वहां शांति होगी, जहां शांति होगी वहां समृद्धि होगी और जहां समृद्धि होगी वहीं सांस्कृतिक उन्नति होगी। आज विदेश नीति पर आर्थिक नीति का प्रभाव बढ़ रहा है जो की बहुत उचित नहीं है। कोविड महामारी के समय भारत द्वारा की गई सहायता से वैश्विक मंच पर भारत के प्रति विश्वास एवं भारत की साख बढ़ी है।
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लखनऊ विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के प्रो राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि वर्तमान में भारत की वैश्विक सक्रियता एवं पहुंच सकारात्मक रूप से बढ़ी है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र भारतीय भूमि का अभिन्न अंग है, और भारत अपने इस भूभाग को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए हमें डिबेट और डिस्कोर्श के आयाम बदलने की आवश्यकता है। यह तभी संभव होगा जब हम कदम से कदम मिलाकर व संगठित होकर आगे बढ़ेंगे।
गोरखपुर विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के सहायक आचार्य डॉ. महेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि भूगोल हमारी नियति है और हम उसे चाह कर भी परिवर्तित नहीं कर सकते। भारत आजकल सोची समझी यथार्थवाद की नीति को अपना रहा है। भारत अपनी रणनीति में उन देशों को भी महत्व देता है जिसका दृष्टिकोण भारत के लिए सकारात्मक नहीं है।
दक्षिण एशिया में भारत कनेक्टिविटी, ऊर्जा सहयोग, अनुदान, ऋण राहत, आपदा सहयोग आदि के माध्यम से अपने हितों को सुरक्षित करने का प्रयास कर रहा है। जवाहरलाल नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय महाराजगंज के पूर्व प्राचार्य प्रो. डीएन पांडेय ने कहा कि वैश्विक मंच पर संयुक्त राष्ट्र संघ की घटती भूमिका चिंताजनक है। आज समूचा विश्व शांति की स्थापना के लिए भारत की ओर आशा भरी नजर से देख रहा है।
कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ब्रजेश त्रिपाठी ने किया। संचालन संगोष्ठी के सचिव डॉ. शशिकांत राव ने व धन्यवाद ज्ञापन डॉ. विजय कुमार मिश्र ने किया।

कार्यक्रम में प्रो. अनिल दत्त मिश्र, प्रो. ब्रजेश कुमार पांडेय, प्रो. पूजा नायक, प्रो. राजेन्द्र बौद्ध, डॉ. राकेश प्रताप सिंह, डॉ. संदीप कन्नौजिया, डॉ. त्रिलोकी नाथ, डॉ. अक्षय कुमार, डॉ. अरविंद मौर्य, डॉ. धर्मेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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