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ग्लैंडर्स जांचने के लिए घोड़े के ब्लड का लिया नमूना
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धर्मसिंहवा में घोड़े से खून का नमूना लेते डॉक्टर।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
ग्लैंडर्स जांचने के लिए घोड़े के ब्लड का लिया नमूना
ग्लैंडर्स मानव जीवन के लिए होता है काफी खतरनाक
घोड़े में मिला तो उसे मार देने का है आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मसिंहवा। सांथा क्षेत्र के धोबहा एवं धर्मसिंहवा गांव में मौजूद घोड़ों से पशु विभाग की टीम ने ग्लैंडर्स जांचने के लिए ब्लड के नमूने लिए। नमूना हिसार के राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र को जांच के लिए भेजा जाएगा। नमूने में ग्लैंडर्स के संक्रमण की पुष्टि होने पर संबंधित घोड़े को मार दिया जाता हे। इसके साथ ही उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की भी जांच होती है।
प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी सांथा राकेश धर ने बताया कि घोड़ों में होने वाली ग्लैंडर्स नामक बीमारी से इंसान को हमेशा खतरा बना रहता है। भारत सरकार ने इस बीमारी को देश से खत्म करने का संकल्प लिया है। बताया कि यह एक संक्रामक रोग है। इसमें बीमारी के जीवाणु पशुओं के शरीर में फैल जाते हैं और शरीर में गांठें पड़ जाती हैं। पशु के मुंह से खून निकलने लगता है और सांस की तकलीफें भी बढ़ जाती हैं। इंसान को इससे काफी खतरा बना रहता है। इसलिए इंसान पर इसके प्रभावों को लेकर देश में जांच व निगरानी की जाती है। पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि जब किसी घोड़े में इस बीमार के लक्षण पाए जाते हैं तो अश्व पालक के परिवार के सभी लोगों के भी नमूने लिए जाते हैं और जांच के लिए भेजा जाता है। डॉक्टर ने बताया कि रविवार को पशु विभाग की टीम ने धोबहा के राजू के चार घोड़ों तथा धर्मसिंहवा के शराफत अली के दो घोड़ों के ब्लड का नमूना लिया। नमूने को राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार जांच के लिए भेजा जाएगा।
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ग्लैंडर्स मानव जीवन के लिए होता है काफी खतरनाक
घोड़े में मिला तो उसे मार देने का है आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मसिंहवा। सांथा क्षेत्र के धोबहा एवं धर्मसिंहवा गांव में मौजूद घोड़ों से पशु विभाग की टीम ने ग्लैंडर्स जांचने के लिए ब्लड के नमूने लिए। नमूना हिसार के राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र को जांच के लिए भेजा जाएगा। नमूने में ग्लैंडर्स के संक्रमण की पुष्टि होने पर संबंधित घोड़े को मार दिया जाता हे। इसके साथ ही उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की भी जांच होती है।
प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी सांथा राकेश धर ने बताया कि घोड़ों में होने वाली ग्लैंडर्स नामक बीमारी से इंसान को हमेशा खतरा बना रहता है। भारत सरकार ने इस बीमारी को देश से खत्म करने का संकल्प लिया है। बताया कि यह एक संक्रामक रोग है। इसमें बीमारी के जीवाणु पशुओं के शरीर में फैल जाते हैं और शरीर में गांठें पड़ जाती हैं। पशु के मुंह से खून निकलने लगता है और सांस की तकलीफें भी बढ़ जाती हैं। इंसान को इससे काफी खतरा बना रहता है। इसलिए इंसान पर इसके प्रभावों को लेकर देश में जांच व निगरानी की जाती है। पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि जब किसी घोड़े में इस बीमार के लक्षण पाए जाते हैं तो अश्व पालक के परिवार के सभी लोगों के भी नमूने लिए जाते हैं और जांच के लिए भेजा जाता है। डॉक्टर ने बताया कि रविवार को पशु विभाग की टीम ने धोबहा के राजू के चार घोड़ों तथा धर्मसिंहवा के शराफत अली के दो घोड़ों के ब्लड का नमूना लिया। नमूने को राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार जांच के लिए भेजा जाएगा।
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