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Sant Kabir Nagar News: श्रीराम-सीता विवाह पर देवताओं ने की पुष्पवर्षा
Thu, 29 Jan 2026 01:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 29 Jan 2026 01:31 AM IST
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लोहरौली। आदर्श नगर पंचायत बेलहर में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा के छठे दिन आचार्य धनंजय ने राम-सीता विवाह प्रसंग सुनाकर श्रद्धालु को भाव विभोर कर दिया।
आचार्य ने कहा कि राजा जनक के दरबार में भगवान शिव का धनुष रखा था। एक दिन सीता ने घर की सफाई करते हुए उसे उठाकर दूसरी जगह रख दिया। इससे राजा जनक को आश्चर्य हुआ, क्योंकि धनुष किसी से उठता नहीं था। राजा ने प्रतिज्ञा की कि जो इस धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाएगा, उसी से सीता का विवाह होगा। उन्होंने स्वयंवर की तिथि निर्धारित कर सभी राजा-महाराजाओं को विवाह के लिए निमंत्रण भेजा। वहां आए सभी लोगों ने एक-एक कर धनुष को उठाने की कोशिश की, लेकिन किसी को भी इसमें सफलता नहीं मिली। गुरु की आज्ञा से श्री राम धनुष उठा प्रत्यंचा चढ़ाने लगे तो वह टूट गया। इसके बाद धूमधाम से सीता व राम का विवाह हुआ। माता सीता ने जैसे प्रभुराम को वर माला डाली वैसे ही देवतागण उन पर फूलों की वर्षा करने लगे। इस क्रम में बीच-बीच में संगीत की धुन पर भजन सुनाकर श्रद्धालुओं को झूमने को विवश कर दिया। इस दौरान काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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आचार्य ने कहा कि राजा जनक के दरबार में भगवान शिव का धनुष रखा था। एक दिन सीता ने घर की सफाई करते हुए उसे उठाकर दूसरी जगह रख दिया। इससे राजा जनक को आश्चर्य हुआ, क्योंकि धनुष किसी से उठता नहीं था। राजा ने प्रतिज्ञा की कि जो इस धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाएगा, उसी से सीता का विवाह होगा। उन्होंने स्वयंवर की तिथि निर्धारित कर सभी राजा-महाराजाओं को विवाह के लिए निमंत्रण भेजा। वहां आए सभी लोगों ने एक-एक कर धनुष को उठाने की कोशिश की, लेकिन किसी को भी इसमें सफलता नहीं मिली। गुरु की आज्ञा से श्री राम धनुष उठा प्रत्यंचा चढ़ाने लगे तो वह टूट गया। इसके बाद धूमधाम से सीता व राम का विवाह हुआ। माता सीता ने जैसे प्रभुराम को वर माला डाली वैसे ही देवतागण उन पर फूलों की वर्षा करने लगे। इस क्रम में बीच-बीच में संगीत की धुन पर भजन सुनाकर श्रद्धालुओं को झूमने को विवश कर दिया। इस दौरान काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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