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Sant Kabir Nagar News: सात माह में पांच गिरफ्तारी, फिर भी... बेखौफ भ्रष्टाचार जारी

Sat, 13 Jul 2024 12:56 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jul 2024 12:56 AM IST
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Five arrests in seven months, yet corruption continues without fear
- घूसखोरी में चकबंदी, शिक्षा विभाग और बिजली निगम से इसी साल गिरफ्तार किए जा चुके है पांच आरोपी
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दिवाकर शुक्ल
संतकबीरनगर। एंटी करप्शन और विजिलेंस टीम की कार्रवाई आए दिन सरकारी विभागों में कार्यप्रणाली की हकीकत उजागर कर रही है। सात माह में जिले में चंकबंदी, शिक्षा विभाग और बिजली निगम समेत तीन विभागों से पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है इसके बाद भी भ्रष्टाचारियों के हौसले बुलंद हैं और भ्रष्टाचार बदस्तूर जारी है।
इसी साल चार जनवरी को उपसंचालक चकबंदी (डीडीसी) के पेशकार मुकेश यादव को उनके अपने कार्यालय से ही भ्रष्टाचार निवारण संगठन बस्ती की टीम ने 20 हजार रुपये के रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। वहीं 29 मार्च को बिजली निगम के जेई अश्वनी पांडेय और उनके एक सहयोगी को एंटी करप्शन की टीम ने हाईटेंशन तार हटाने के एवज में 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए दबोचा। दो हफ्ते भी नहीं बीते थे, 10 मई को बीएसए कार्यालय के लिपिक शरदेंदु को वेतन विसंगति दूर करने के नाम पर 50 हजार रुपये घूस लेते एंटी करप्शन टीम ने दबोचा था।
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लगातार हो रही छापेमारी और गिरफ्तारी के बावजूद भ्रष्ट कर्मचारियों पर असर नहीं दिख रहा है। चकबंदी लेखपाल रविशंकर ने विभाग में जनवरी में पकड़े गए पेशकार के मामले से भी सीख नहीं ली। रिश्वत लेते हुए पकड़े गए और इसके साथ ही एक बार फिर पूरे विभाग की कार्यशैली पर सवाल भी खड़े कर लिए।
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0015 वर्ष से पुराना केस, अब लटका दिया था लेखपाल ने
कोतवाली क्षेत्र के मोहम्मदपुर कठार गांव निवासी संतोष के अनुसार उसके गांव में 15 वर्ष से चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है। उसके गाटा संख्या को नए गाटा संख्या में मनमाने ढंग से आवंटित कर दिया गया जिसका कोई आदेश भी नहीं मिला। चकबंदी विभाग के लोगों से मिलकर विपक्षियों ने उसका मकान भी गिरवा दिया। इसके बाद उसके पिता ने सीओ चकबंदी के न्यायालय में वाद दाखिल किया। इस बीच पिता के निधन के बाद केस की पैरवी संतोष कर रहे थे। पत्रावली पर आख्या के लिए चकबंदी लेखपाल 10 हजार रुपये मांग रहे थे। आजिज आकर संतोष ने विजिलेंस टीम से शिकायत की।
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