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चौकी इंचार्ज ने किशोरी की बचाई थी जान, डीजीपी ने दिया इनाम
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चौकी इंचार्ज ने किशोरी की बचाई थी जान, डीजीपी ने दिया इनाम
- 11 अक्तूबर 2021 को आत्म हत्या करने की नीयत से कठिनईया नदी में कूदी थी किशोरी
- मार्निग वाक पर निकले चौकी इंचार्ज ने सूचना पर पहुंच कर नदी में छलांग लगाकर किशोरी को बचाया था
- गाजीपुर जिले के रहने वाले एसआई वीरेंद्र सिंह यादव की कलेक्ट्रेट चौकी पर है वर्तमान में तैनाती
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। डीजीपी कार्यालय की ओर से गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिले में तैनात इकलौते दरोगा वीरेंद्र सिंह यादव को इनाम के तौर पर प्रशंसा चिह्न सिल्वर मेडल प्रदान किया गया है। महुली थाने के हरिहरपुर चौकी इंचार्ज के रूप में तैनाती के दौरान वीरेंद्र सिंह यादव ने 11 अक्तूबर 2021 को आत्म हत्या के लिए कठिनईया नदी में कूदी एक किशोरी की जान बचाई थी। इसी वजह से एसपी की ओर से सम्मान दिए जाने के लिए इनका नाम डीजीपी कार्यालय को भेजा गया था।
मूलत: गाजीपुर जिले के नोनहरा थाना क्षेत्र के अटवा फतेहपुर निवासी एसआई वीरेंद्र सिंह यादव वर्ष 1997 में उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। वर्ष 2011 में विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण कर दरोगा बन गए। इसके पूर्व वे बाराबंकी, अंबेडकरनगर में तैनात रहे चुके है। वीरेंद्र सिंह यादव पांच भाइयों में दूसरे नंबर के है। चार भाई पुलिस विभाग में है। जिसमें तीन भाई दरोगा और एक भाई इंजीनियर है। इनके पिता रामजन्म सिंह यादव पोस्ट ऑफिस में हेड क्लर्क थे। वर्तमान में इनकी तैैनाती कोतवाली के कलेक्ट्रेट चौकी इंचार्ज के रूप में है।
एसपी डॉक्टर कौस्तुभ बताते है कि एसआई वीरेंद्र सिंह यादव इसके पूर्व हरिहरपुर चौकी इंचार्ज थे। 11 अक्तूबर 2021 को हरिहरपुर की रहने वाली एक 16 वर्षीय किशोरी की उसके परिजनों से किसी बात पर अनबन हो गई थी। नाराज होकर किशोरी आत्महत्या करने के लिए राजघाट पुल पर पहुंच गई। किशोरी इधर-उधर देखने के बाद पुल से कठिनईया नदी में कूद गई। घटना से करीब 800 मीटर दूरी पर चौकी इंचार्ज वीरेंद्र सिंह यादव मार्निग वाक कर रहे थे। सूचना मिलने पर चौकी इंचार्ज राजघाट पुल पर पहुंच गए। जहां देखे कि किशोरी नदी में हाथ -पांव चला कर खुद का बचाव करने की कोशिश कर रही थी। चौकी इंचार्ज ने किशोरी की जान बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दिया और किशोरी को सुरक्षित बचा कर बाहर निकाला। बाद में किशोरी को उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया। इसी वजह से चौकी इंचार्ज वीरेद्र सिंह यादव का नाम पुरस्कार के लिए डीपीजी कार्यालय को भेजा गया था। डीजीपी के जरिए चौकी इंचार्ज को प्रशंसा चिन्ह सिल्वर मेडल दिया गया है। वैसे जिले स्तर पर भी चौकी इंचार्ज वीरेंद्र सिंह का नाम सम्मानित किए जाने वालों की सूची में शामिल है।
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- 11 अक्तूबर 2021 को आत्म हत्या करने की नीयत से कठिनईया नदी में कूदी थी किशोरी
- मार्निग वाक पर निकले चौकी इंचार्ज ने सूचना पर पहुंच कर नदी में छलांग लगाकर किशोरी को बचाया था
- गाजीपुर जिले के रहने वाले एसआई वीरेंद्र सिंह यादव की कलेक्ट्रेट चौकी पर है वर्तमान में तैनाती
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। डीजीपी कार्यालय की ओर से गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिले में तैनात इकलौते दरोगा वीरेंद्र सिंह यादव को इनाम के तौर पर प्रशंसा चिह्न सिल्वर मेडल प्रदान किया गया है। महुली थाने के हरिहरपुर चौकी इंचार्ज के रूप में तैनाती के दौरान वीरेंद्र सिंह यादव ने 11 अक्तूबर 2021 को आत्म हत्या के लिए कठिनईया नदी में कूदी एक किशोरी की जान बचाई थी। इसी वजह से एसपी की ओर से सम्मान दिए जाने के लिए इनका नाम डीजीपी कार्यालय को भेजा गया था।
मूलत: गाजीपुर जिले के नोनहरा थाना क्षेत्र के अटवा फतेहपुर निवासी एसआई वीरेंद्र सिंह यादव वर्ष 1997 में उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। वर्ष 2011 में विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण कर दरोगा बन गए। इसके पूर्व वे बाराबंकी, अंबेडकरनगर में तैनात रहे चुके है। वीरेंद्र सिंह यादव पांच भाइयों में दूसरे नंबर के है। चार भाई पुलिस विभाग में है। जिसमें तीन भाई दरोगा और एक भाई इंजीनियर है। इनके पिता रामजन्म सिंह यादव पोस्ट ऑफिस में हेड क्लर्क थे। वर्तमान में इनकी तैैनाती कोतवाली के कलेक्ट्रेट चौकी इंचार्ज के रूप में है।
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एसपी डॉक्टर कौस्तुभ बताते है कि एसआई वीरेंद्र सिंह यादव इसके पूर्व हरिहरपुर चौकी इंचार्ज थे। 11 अक्तूबर 2021 को हरिहरपुर की रहने वाली एक 16 वर्षीय किशोरी की उसके परिजनों से किसी बात पर अनबन हो गई थी। नाराज होकर किशोरी आत्महत्या करने के लिए राजघाट पुल पर पहुंच गई। किशोरी इधर-उधर देखने के बाद पुल से कठिनईया नदी में कूद गई। घटना से करीब 800 मीटर दूरी पर चौकी इंचार्ज वीरेंद्र सिंह यादव मार्निग वाक कर रहे थे। सूचना मिलने पर चौकी इंचार्ज राजघाट पुल पर पहुंच गए। जहां देखे कि किशोरी नदी में हाथ -पांव चला कर खुद का बचाव करने की कोशिश कर रही थी। चौकी इंचार्ज ने किशोरी की जान बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दिया और किशोरी को सुरक्षित बचा कर बाहर निकाला। बाद में किशोरी को उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया। इसी वजह से चौकी इंचार्ज वीरेद्र सिंह यादव का नाम पुरस्कार के लिए डीपीजी कार्यालय को भेजा गया था। डीजीपी के जरिए चौकी इंचार्ज को प्रशंसा चिन्ह सिल्वर मेडल दिया गया है। वैसे जिले स्तर पर भी चौकी इंचार्ज वीरेंद्र सिंह का नाम सम्मानित किए जाने वालों की सूची में शामिल है।
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