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Sant Kabir Nagar News: खेत में जल गए अरमान, कैसे बुझेगी पेट की आग- एक जलती सिगरेट ने अरमान जला डाले
Tue, 09 Apr 2024 06:02 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 09 Apr 2024 06:02 PM IST
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संत कबीर नगर के कौलही, बेलौरा, सेमरी, बरपरवा, डुहिया खुर्द, अहरा गांव के सिवान में लगी आग से सैकड़ों किसानों के अरमान खेत में जलकर राख हो गए। अब पूरे वर्ष पेट की आग कैसे बुझेगी। यह बात जेहन में आते ही पीड़ितों की आंखों में आंसू आ जा रहे हैं।
रविवार की दोपहर करीब एक बजे हैंसर बाजार कटार मिश्र मार्ग के बगल अहरा गांव के करीब सड़क किनारे फेंकी गई जलती सिगरेट ने ऐसा तांडव मचाया कि तबाही मच गई। सिगरेट से लगी आग ने जब गेहूं की फसल को पकड़ लिया तो वह तीन किलोमीटर के दायरे में फैल गई। इससे 200 से अधिक किसानों की खड़ी फसल धू-धू कर जलने लगी।
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उसके करीब जाना मुश्किल था। दमकल कर्मी और गांव के लोग घंटों अथक परिश्रम के बाद आग जब बुझी तो चहुंओर राख का ढेर नजर आ रहा था। सोमवार को खेत की हालत देखकर किसान बिलख रहे थे।
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किसान राधेश्याम चौहान ने बताया कि मात्र दो बीघा गेहूं बोई थी। उम्मीद थी कि उसी से पूरे वर्ष परिवार का खर्च चल जाएगा, लेकिन क्षण भर में प्रकृति ने ऐसा क्रूर मजाक किया कि सारी उम्मीदों पर पानी फिर गया। अब तो पूरे वर्ष रोटी खाने के लिए गेहूं का इंतजाम करना पड़ेगा।
किसान तेरस चौहान ने बताया कि जो भी था खेत था, यही बेलौरा गांव के सिवान में था। उसमें गेहूं की फसल बोई थी। गेहूं की फसल अच्छी थी। उम्मीद थी कि इससे पूरे वर्ष का काम चल जाएगा, लेकिन आग में सब स्वाहा हो गया। इतना कहकर किसान तेरस चौहान फफक उठते हैं।
किसान नरेंद्र पांडेय ने बताया कि पांच बीघा गेहूं की फसल जल कर नष्ट हो गई है, लेकिन अपना नुकसान होने का उतना कष्ट नहीं है, जितना गरीब परिवार के लोगों के लिए है। इसके नुकसान की भरपाई करना संभव नहीं है, लेकिन शासन प्रशासन से यही मांग है कि जल्द से जल्द किसानों को उनके नुकसान की भरपाई की जाए।
तहसीलदार योगेंद्र पांडेय ने बताया कि अग्नि पीड़ितों को नुकसान का मुआवजा राशि देने के लिए लेखपाल और कानून को की टीम आकलन करने में जुटी हुई है। आकलन के बाद किसानों को सहायता राशि प्रदान कर दी जाएगी।
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रविवार की दोपहर करीब एक बजे हैंसर बाजार कटार मिश्र मार्ग के बगल अहरा गांव के करीब सड़क किनारे फेंकी गई जलती सिगरेट ने ऐसा तांडव मचाया कि तबाही मच गई। सिगरेट से लगी आग ने जब गेहूं की फसल को पकड़ लिया तो वह तीन किलोमीटर के दायरे में फैल गई। इससे 200 से अधिक किसानों की खड़ी फसल धू-धू कर जलने लगी।
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आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उसके करीब जाना मुश्किल था। दमकल कर्मी और गांव के लोग घंटों अथक परिश्रम के बाद आग जब बुझी तो चहुंओर राख का ढेर नजर आ रहा था। सोमवार को खेत की हालत देखकर किसान बिलख रहे थे।
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किसान राधेश्याम चौहान ने बताया कि मात्र दो बीघा गेहूं बोई थी। उम्मीद थी कि उसी से पूरे वर्ष परिवार का खर्च चल जाएगा, लेकिन क्षण भर में प्रकृति ने ऐसा क्रूर मजाक किया कि सारी उम्मीदों पर पानी फिर गया। अब तो पूरे वर्ष रोटी खाने के लिए गेहूं का इंतजाम करना पड़ेगा।
किसान तेरस चौहान ने बताया कि जो भी था खेत था, यही बेलौरा गांव के सिवान में था। उसमें गेहूं की फसल बोई थी। गेहूं की फसल अच्छी थी। उम्मीद थी कि इससे पूरे वर्ष का काम चल जाएगा, लेकिन आग में सब स्वाहा हो गया। इतना कहकर किसान तेरस चौहान फफक उठते हैं।
किसान नरेंद्र पांडेय ने बताया कि पांच बीघा गेहूं की फसल जल कर नष्ट हो गई है, लेकिन अपना नुकसान होने का उतना कष्ट नहीं है, जितना गरीब परिवार के लोगों के लिए है। इसके नुकसान की भरपाई करना संभव नहीं है, लेकिन शासन प्रशासन से यही मांग है कि जल्द से जल्द किसानों को उनके नुकसान की भरपाई की जाए।
तहसीलदार योगेंद्र पांडेय ने बताया कि अग्नि पीड़ितों को नुकसान का मुआवजा राशि देने के लिए लेखपाल और कानून को की टीम आकलन करने में जुटी हुई है। आकलन के बाद किसानों को सहायता राशि प्रदान कर दी जाएगी।