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Sant Kabir Nagar News: हाफिज-ए-कुरान बने बच्चों को किया गया सम्मानित
Mon, 11 Sep 2023 12:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 11 Sep 2023 12:57 AM IST
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सेमरियावां ब्लाक के बाघनगर स्थित मदरसा इस्लामिया क़ासिमुल उलूम में हाफिज ए कुरान की दस्तार बं
सेमरियावां। ब्लाॅक के मदरसा इस्लामिया कासिमुल उलूम बाघनगर में रविवार को हाफिज-ए-कुरान बने बच्चों की दस्तार-ए-बंदी और सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान हाफिज-ए-कुरान बच्चों को पुरस्कृत कर हौसला अफजाई की गई।
मदरसा इस्लामिया कासिमुल उलूम बाघनगर के नाजिम का कार्यभार संभाले कारी मोहम्मद इमरान ने बताया कि मदरसा के तालिब-ए-इल्म मोहम्मद फैजान व नावेद अहमद उस्ताद कारी इमरान की निगरानी में पूरा कुरान कंठस्थ कर हाफिज-ए-कुरान बन गए हैं। मदरसा के सदर हाजी शफीक आलम की ओर से हाफिज-ए-कुरान बने बच्चों को साइकिल देकर सम्मानित किया गया है। कहा कि आगे भी ऐसा होता रहेगा।
इस दौरान दारूल उलूम इस्लामिया बस्ती के उस्ताद मौलाना अमजद कासमी ने बच्चों को मुबारकबाद देते हुए कहा कि बहुत खुशनसीब हैं वह जिनकी औलाद हाफिज-ए-कुरान है।
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कुरान मजीद इस्लाम धर्म की पवित्र किताब है। कुरान मजीद में तीस पारा होता है। बच्चों ने बेहद कम समय में ही कुरान पाक जैसी मुकद्दस किताब को कंठस्थ कर हाफिज-ए-कुरान बने हैं जो कि बड़ी उपलब्धि है। कुरान पाक आसमानी किताब है। इस में जिंदगी गुजारने का तरीका मौजूद है। कयामत के दिन हाफिज-ए-कुरान के माता पिता को अल्लाह तआला नूर का ताज पहनाएगा। हाफिज-ए-कुरान दस ऐसे लोगों को जन्नत में दाखिल कराएगा, जिसका जहन्नम में जाने का फैसला हो चुका होगा। बच्चों को मन लगाकर तालीम लगाने पर जोर दिया। कहा कि तालीम से सभी तरक्की के दरवाजे खुलते हैं। कहा कि जिंदगी जीने का मकसद बनाएं। कुरान व पैगंबर मोहम्मद साहब के बताए रास्ते पर चलें। कामयाबी कदम चूमेगी। इस दौरान मदरसा सदर हाजी शफीक आलम, मौलाना यूसूफ, मुनीर अहमद, शमशेर अहमद, हाफिज अलीमुल्लाह, कारी कमालुद्दीन आदि मौजूद रहे।
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मदरसा इस्लामिया कासिमुल उलूम बाघनगर के नाजिम का कार्यभार संभाले कारी मोहम्मद इमरान ने बताया कि मदरसा के तालिब-ए-इल्म मोहम्मद फैजान व नावेद अहमद उस्ताद कारी इमरान की निगरानी में पूरा कुरान कंठस्थ कर हाफिज-ए-कुरान बन गए हैं। मदरसा के सदर हाजी शफीक आलम की ओर से हाफिज-ए-कुरान बने बच्चों को साइकिल देकर सम्मानित किया गया है। कहा कि आगे भी ऐसा होता रहेगा।
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इस दौरान दारूल उलूम इस्लामिया बस्ती के उस्ताद मौलाना अमजद कासमी ने बच्चों को मुबारकबाद देते हुए कहा कि बहुत खुशनसीब हैं वह जिनकी औलाद हाफिज-ए-कुरान है।
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कुरान मजीद इस्लाम धर्म की पवित्र किताब है। कुरान मजीद में तीस पारा होता है। बच्चों ने बेहद कम समय में ही कुरान पाक जैसी मुकद्दस किताब को कंठस्थ कर हाफिज-ए-कुरान बने हैं जो कि बड़ी उपलब्धि है। कुरान पाक आसमानी किताब है। इस में जिंदगी गुजारने का तरीका मौजूद है। कयामत के दिन हाफिज-ए-कुरान के माता पिता को अल्लाह तआला नूर का ताज पहनाएगा। हाफिज-ए-कुरान दस ऐसे लोगों को जन्नत में दाखिल कराएगा, जिसका जहन्नम में जाने का फैसला हो चुका होगा। बच्चों को मन लगाकर तालीम लगाने पर जोर दिया। कहा कि तालीम से सभी तरक्की के दरवाजे खुलते हैं। कहा कि जिंदगी जीने का मकसद बनाएं। कुरान व पैगंबर मोहम्मद साहब के बताए रास्ते पर चलें। कामयाबी कदम चूमेगी। इस दौरान मदरसा सदर हाजी शफीक आलम, मौलाना यूसूफ, मुनीर अहमद, शमशेर अहमद, हाफिज अलीमुल्लाह, कारी कमालुद्दीन आदि मौजूद रहे।