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मौसेेरी बहनों की मौत से तीन गांव में मातम

Tue, 08 May 2018 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 08 May 2018 11:27 PM IST
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mourning in three villages
बच्चियों के ननिहाल पड़ोखर गांव में लगी लोगों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
संतकबीरनगर। ननिहान के पड़ोखर गांव में मौसेरी मासूम बहनों की हुई मौत से तीन गांवों में मातम का माहौल छा गया। पड़ोखर से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक कोहराम मचा था। इकलौती संतान खुशी की मौत पर मां मधुबाला बिलख पड़ी। जबकि तीन भाई और दो बहनों में चौथे नंबर की रिया की मौत परिजनों को अखर गई। 
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गोरखपुर जिले के सहजनवा क्षेत्र के पाली में ब्याही सुमन पत्नी राजेश अपनी छह वर्षीय बेटी रिया को पढ़ने के लिए अपने मायके कोतवाली क्षेत्र के पड़ोखर गांव में मां मरजादी देवी के पास रख दिया था। रिया भदाह में एक प्राइवेट स्कूल में कक्षा दो में पढ़ती थी। तीन बहनों और दो भाईयों में रिया चौथे नंबर की थी। रिया की बड़ी बहन ममता 14 वर्ष, सपना नौ वर्ष , भाई विकास सात वर्ष  और नीरज तीन वर्ष का है।
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रिया के पिता राजेश मुंबई में है। बेटी की मौत की खबर पाते ही मां सुमन ससुराल पाली से अपने मायके पड़ोखर गांव पहुंच गई। जबकि पिता को बेटी की मौत की खबर फोन पर दे दिया गया है। जबकि कोतवाली के उमिला में व्याही मधुबाला के पति दिलीप भी मुंबई में रह कर मेहनत मजदूरी करते है। मधुबाला अपनी चार साल की इकलौती बेटी खुशी को लेकर दो-तीन महीने पहले मायके पडोखर गांव आई थी।
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इकलौती संतान खुशी की मौत के गम में रोते-रोते मधुबाल बेहाल थी। पीड़ित नानी मरजादी देवी ने रोते हुए बताया कि उसके पति किशोरी लाल की 2005 में बीमारी से मौत हो गई थी। उसकी तीन बेटियां और इकलौता बेटा विनय प्रकाश है। बेटा विनय प्रकाश लखनऊ में रह कर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। जबकि बेटियां उसके घर पर आती-जाती रहती है।

बेटी सुमन की छह वर्षी पुत्री रिया तो उसी के घर पर रहकर पढ़ती थी। जबकि छोटी बेटी मधुबाला अपनी चार साल की बेटी खुशी के साथ तीन महीने पहले आई थी। आरोप है कि रिश्ते में देवर जिलाजीत ने पति की मौत के बाद 2006 से जमीन संबंधी विवाद शुरू कर दिया। आरोप है कि एक महीने पहले उसकी झोपड़ी को दुश्मनी की वजह से फूंक दी थी, इस मामले में लोगों की पहल से सुलह समझौता हो गया था।

उसने सपने में भी नहीं सोचा था कि उसकी दुश्मनी उसकी बेटियों की मासूम पुत्रियों से निकालेंगे। आरोप है कि खीरे में जहर देकर मासूम रिया और खुशी को लोगों ने मौत के घाट उतार दिया। उसने जिलाजीत की पत्नी मीरा, बेटी सीमा और बेटे दुर्गेश पर हत्या का केस दर्ज करा दिया है। कानून पर उसे पूरा भरोसा है कि आरोपियों को कड़ी सजा मिलेगी।


इधर मौसेरी बहनों की मौत से पाली, पड़ोखर और उमिला गांव में मातम का माहौल कायम हो गया था। पोस्टमार्टम हाउस आए लोग भी घटना से गमगीन थे। सभी लोग इस मामले में निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। कोतवाल वीरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट की इंतजारी की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जैसे की मौत की वजह स्पष्ट होगी, वैसे की पुलिस की कार्रवाई में तेजी आ जाएगी।
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