सूचना के बाद भी नहीं पहुंची ‘अलर्ट’ पुलिस
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पहली घटना सोमवार दोपहर हुई। यहां गोपीपुर गांव के किसान राम सवारे से बाइक सवार बदमाशों ने तीन हजार रुपये लूट लिए। जब वह बैंक से रकम निकाल कर अपने घर के करीब पहुंच चुके थे। इस वारदात की तहरीर मिलने के बाद भी अभी पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया था कि मंगलवार रात लूट की तीन घटनाएं और हो गईं।
उमरिया बाजार के चौक पर अगल-बगल स्थित अंग्रेजी शराब और बीयर की दुकान मंगलवार रात बदमाशों ने लूटपाट की। चौक पर पुलिस पिकेट रहती है, जबकि चौकी भी यहां से बिड़हर चौकी महज दो किलोमीटर दूर है।
लूट के बाद बदमाश अशरफपुर की ओर भागे, मुनीम ने इसकी सूचना 100 नंबर पर भी दी। लेकिन सक्रिय पुलिस दो घंटे बाद भी नहीं पहुंची। वहीं पौली में पुलिस चौकी से 500 मीटर दूर ही पांच बदमाश अंग्रेजी शराब की दुकान में 20 मिनट तक लूटपाट करते रहे, लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी।
घटना के बाद लोग यही कहते सुने गए कि होली के कारण पुलिस शराब की दुकानों पर नजर रखती है, लेकिन वारदातों के समय आखिर पुलिस कहां थी। पौली और उमरिया बाजार की घटनाओं में शामिल बदमाशों का हुलिया पीड़ित मिलता जुलता बता रहे हैं। ऐसे संभव है कि लूट की तीनों घटनाओं में एक ही टीम शामिल हो।
समय का अंतराल भी यही इंगित कर रहा है कि बदमाश पहले पौली में लूटपाट के बाद उमरिया बाजार पहुंचे। एसपी शैलेष कुमार पांडेय ने बताया कि मंगलवार शाम को शराब के खिलाफ अभियान चला था और धनघटा क्षेत्र में काफी शराब बरामद हुई। पूरे जिले में 1120 लीटर अवैध शराब बरामद हुई और 29 आरोपी गिरफ्तार किए गए।
पांच शराब की अवैध भट्ठियों पर कार्रवाई हुई। वैसे शराब की तीन दुकानों पर लूट की वारदात होने की खबर मिली है। जिसकी जांच कराई जा रही है। जहां तक रहा सवाल की सक्रियता तो पुलिस चौकन्नी है। घटनाओं का वर्कआउट जरूर होगा।