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बादलों ने मोड़ा मुंह, किसान बेहाल, धान की रोपाई ठप

Sat, 16 Jul 2022 12:36 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 16 Jul 2022 12:36 AM IST
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Clouds turn their faces, farmers are helpless, paddy planting stalled
बारिश न होने से धान के खेत में पड़ी दरार।संवाद - फोटो : KHALILABAD
बादलों ने मोड़ा मुंह, किसान बेहाल, धान की रोपाई ठप
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जून से 13 जुलाई तक बस्ती मंडल में सामान्य वर्षा के सापेक्ष 32. 5 प्रतिशत हुई बारिश
अब तक 40 प्रतिशत किसानों ने की है धान की रोपाई
संतकबीरनगर। जुलाई में बारिश न के बराबर होने से खेतों में धान की फसल सूखने लगी है। खेतों में दरारें पड़ गई हैं। किसान असमंजस में हैं और धान की रोपाई बंद कर दी है। अब तक जिले में 34.2 प्रतिशत ही वर्षा हुई है। इस वजह से 40 प्रतिशत ही धान की रोपाई हो पाई है।
कृषि विभाग के अनुसार धान की रोपाई का आदर्श समय 15 जुलाई तक माना जाता है। जिले में करीब तीन लाख किसान हैं। 91 हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई होती है। विभाग के मुताबिक 15 जून से 13 जुलाई के बीच संतकबीरनगर, बस्ती और सिद्धार्थनगर जिले में 322.4 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए। जबकि संतकबीरनगर में 110.3, सिद्धार्थनगर में 137.4 और बस्ती में 67.3 मिलीमीटर बारिश हुई है।
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यदि प्रतिशत में देखा जाए तो सिद्धार्थनगर में 42.6, संतकबीरनगर में 34.2 और बस्ती में 20.9 प्रतिशत बारिश हुई है। किसान हरिश्चंद्र चौधरी, अतुल पांडेय, मिंटू, डॉ. सच्चिता नंद, प्रयाग, मेवा लाल, विजय शुक्ल आदि बताते हैं कि धान की नर्सरी पहले डाल दी थी। नर्सरी खराब न हो, इसलिए धान की रोपाई करना पड़ा। बारिश नहीं होने से रोपी गई धान की फसल सूख रही है। खेतों में दरारें पड़ गई हैं। फसल को बचाने के लिए पंपिंगसेट से सिंचाई करनी पड़ रही है। महंगा डीजल खरीदना पड़ रहा है।
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किसान बुद्धिराम, रामनवल, जयराम, सुनील और घरभरन का कहना है कि बारिश होने का इंतजार है। यदि 22 जुलाई तक बारिश नहीं हुई तो धान की रोपाई नहीं करेंगे। ऐसे में दूसरी फसल का विकल्प तलाशना पडे़गा। कृषि विभाग के मुताबिक अब तक केवल 40 से 45 प्रतिशत ही किसानों ने धान की रोपाई की है। संवाद
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कोट
18 से 22 जुलाई के बीच बारिश होने की पूरी संभावना है। बारिश नहीं होने पर किसानों को विकल्प के रूप में तिल की खेती करनी चाहिए। तिल को जंगली जानवरों से भी खतरा नहीं है।
-पीसी विश्वकर्मा, जिला कृषि अधिकारी
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बारिश नहीं होना चिंता का विषय है। जिन किसानों की नर्सरी 21 से 30 दिन के बीच की हो गई है, वह निजी संसाधनों से सिंचाई कर धान की रोपाई करें। यदि नर्सरी खराब नहीं हो रही है तो दो-चार रुक सकते हैं। 20 जुलाई तक बारिश होने की उम्मीद है। किसान विकल्प के रूप में अरहर, तिल, उर्द की खेती कर सकते हैं।
- डॉ. अरविंद सिंह, कृषि वैज्ञानिक
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जुमे की नमाज में बारिश के लिए मांगी दुआ
सेमरियावां। बारिश न होने से किसान परेशान हैं। शुक्रवार को सेमरियावां ब्लॉक के विभिन्न गांवों की जाम मस्जिदों में जुमे की नमाज के दौरान बारिश के लिए दुआ मांगी गई।

खरीफ की मुख्य फसल धान की रोपाई का समय खत्म होता जा रहा है। इलाके में एक पखवारे से बारिश नहीं हुई है। इससे धान की रोपाई बंद है।
कुछ किसान धान की रोपाई के लिए पंपिंग सेट सिंचाई कर खेत तैयार कर रहे हैं। क्षेत्र के करही, सेमरियावां, उसरा शहीद, मूड़ाडीहा खुर्द, पिपराडोमन, बन्नी, कोइलसा, सेहुड़ा, देवरिया नासिर, कोहरियावां, बुढ़ाननगर, वासिन, भाटापारा, निपनिया, सिसई माफी, सैथवलिया, सुटेहरा, महुआरी समेत कई गांव में बारिश न होने से किसान परेशान हैं। सेमरियावां के इस्लामाबाद मोहल्ले में स्थित मदनी मस्जिद के इमाम कारी नसीरूद्दीन ने कहा कि जुमे की नमाज में बारिश की दुआ मांगी गई। संवाद
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