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Sant Kabir Nagar News: कूटरचित दस्तावेज के सहारे प्रधानाध्यापक पद कब्जाने के आरोप में केस
Sat, 06 Jul 2024 12:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 06 Jul 2024 12:54 AM IST
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- कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
- बखिरा क्षेत्र के अमरडोभा गांव का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बखिरा। बखिरा पुलिस ने कूटरचित दस्तावेज के सहारे प्रधानाध्यापक पद कब्जा करने के आरोप में कोर्ट के निर्देश पर केस दर्ज किया है। मामले में नगर पंचायत बखिरा के अमरडोभा निवासी मोहम्मद अहमद ने कोर्ट में प्रत्यावेदन दिया था। जिसके आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया।
कोर्ट को दिए प्रत्यावेदन में मो. अहमद पुत्र स्वर्गीय औरंगजेब निवासी अमरडोभा ने बताया कि चिस्तिया जूनियर हाईस्कूल अमरडोभा की स्थापना दो जुलाई 1979 में चाचा रहमत अली ने की थी, जो कि विद्यालय के प्रबंधक भी थे, रहमत अली वर्ष 1996 से बीमार रहने लगे। तत्कालीन प्रधानाचार्य नेवास अली का परिषदीय विद्यालय में वर्ष 1996 में नियुक्ति होने से नेवास अली ने विद्यालय से इस्तीफा दे दिया था। वहीं दूसरी तरफ प्रबंधक रहमत अली का वर्ष 1997 में निधन हो गया। इसी का नाजायज फायदा उठाते हुए फारूक अहमद ने अवैध तरीके से प्रधानाध्यापक पद कब्जा करने का प्रयास किया।
फारूक ने गैरकानूनी तरीके से कूटरचित दस्तावेज के सहारे प्रबंध समिति पर कब्जा करके प्रधानाध्यापक पद पर काबिज हो गया, जबकि फारूक अहमद को वर्ष 1984-85 में बतौर उर्दू शिक्षक नियुक्त किया गया था। आरोप है कि वर्ष 2001-02 में हिन्दू छात्रों को मुस्लिम दर्शाकर छात्रवृत्ति में भारी घोटाला किया था। मामले की शिकायत पर जांच में मामला सत्य मिलने पर संबंधित पर केस भी दर्ज हुआ था।
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इसके अलावा 1979 में अनुचर रामसूरत के स्थान पर दूसरे रामसूरत नाम के व्यक्ति की अवैध रूप से अनुचर पद पर नियुक्ति की थी। इसी तरह से फारूक ने अनुचर बदरुद्दीन व रामचरन से भी धोखाधड़ी करके फर्जी तरीके से धन लाभ प्राप्त किया था। मामले की शिकायत करने पर पांच मार्च व 27 मई 2014 को एसडीआई व 11 जून को बीएसए की जांच में मामला सही मिला। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज किया है।
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- बखिरा क्षेत्र के अमरडोभा गांव का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बखिरा। बखिरा पुलिस ने कूटरचित दस्तावेज के सहारे प्रधानाध्यापक पद कब्जा करने के आरोप में कोर्ट के निर्देश पर केस दर्ज किया है। मामले में नगर पंचायत बखिरा के अमरडोभा निवासी मोहम्मद अहमद ने कोर्ट में प्रत्यावेदन दिया था। जिसके आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया।
कोर्ट को दिए प्रत्यावेदन में मो. अहमद पुत्र स्वर्गीय औरंगजेब निवासी अमरडोभा ने बताया कि चिस्तिया जूनियर हाईस्कूल अमरडोभा की स्थापना दो जुलाई 1979 में चाचा रहमत अली ने की थी, जो कि विद्यालय के प्रबंधक भी थे, रहमत अली वर्ष 1996 से बीमार रहने लगे। तत्कालीन प्रधानाचार्य नेवास अली का परिषदीय विद्यालय में वर्ष 1996 में नियुक्ति होने से नेवास अली ने विद्यालय से इस्तीफा दे दिया था। वहीं दूसरी तरफ प्रबंधक रहमत अली का वर्ष 1997 में निधन हो गया। इसी का नाजायज फायदा उठाते हुए फारूक अहमद ने अवैध तरीके से प्रधानाध्यापक पद कब्जा करने का प्रयास किया।
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फारूक ने गैरकानूनी तरीके से कूटरचित दस्तावेज के सहारे प्रबंध समिति पर कब्जा करके प्रधानाध्यापक पद पर काबिज हो गया, जबकि फारूक अहमद को वर्ष 1984-85 में बतौर उर्दू शिक्षक नियुक्त किया गया था। आरोप है कि वर्ष 2001-02 में हिन्दू छात्रों को मुस्लिम दर्शाकर छात्रवृत्ति में भारी घोटाला किया था। मामले की शिकायत पर जांच में मामला सत्य मिलने पर संबंधित पर केस भी दर्ज हुआ था।
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इसके अलावा 1979 में अनुचर रामसूरत के स्थान पर दूसरे रामसूरत नाम के व्यक्ति की अवैध रूप से अनुचर पद पर नियुक्ति की थी। इसी तरह से फारूक ने अनुचर बदरुद्दीन व रामचरन से भी धोखाधड़ी करके फर्जी तरीके से धन लाभ प्राप्त किया था। मामले की शिकायत करने पर पांच मार्च व 27 मई 2014 को एसडीआई व 11 जून को बीएसए की जांच में मामला सही मिला। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज किया है।