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Sant Kabir Nagar News: पढ़ाई के साथ स्वच्छ और हरित रेटिंग में अव्वल बनेंगे विद्यालय
Thu, 14 Aug 2025 11:52 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 14 Aug 2025 11:52 PM IST
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संतकबीरनगर। जिले में जुलाई से स्वच्छ व हरित विद्यालय रेटिंग अभियान की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है। इस योजना के तहत देशभर के सरकारी और मान्यता प्राप्त विद्यालयों का मूल्यांकन किया जाएगा और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार दिया जाएगा। लक्ष्य है कि स्कूल न केवल पढ़ाई में बल्कि स्वच्छता और हरित पहल में भी मिशाल पेश करें।
जिले में 1247 परिषदीय विद्यालय है। इसमें 805 प्राथमिक विद्यालय, 250 कंपोजिट विद्यालय और 192 उच्च प्राथमिक विद्यालय है। इसमें करीब एक लाख तीन हजार बच्चे नामांकित है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को निर्देश भेजकर कहा है कि प्रत्येक विद्यालय स्व-स्वमूल्यांकन के आधार पर अपना नामांकन करें। यह नामांकन तय प्रारूप पर किया जाएगा और इसकी रिपोर्ट राज्य स्तर पर भेजी जाएगी, जहां से राष्ट्रीय मूल्यांकन के लिए प्रविष्टियां भेजी जाएंगी। सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार मिलेगा।
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इन बिंदुओं पर होगी रेटिंग
- जल संचयन और संरक्षण : वर्षा जल संचयन की व्यवस्था, पानी का पुनः उपयोग।
- जल की उपलब्धता और गुणवत्ता : पीने के पानी की पर्याप्त आपूर्ति और शुद्धता।
- शौचालय की क्रियाशीलता : लड़के और लड़कियों के लिए अलग, साफ और उपयोग योग्य शौचालय।
- दिव्यांग अनुकूल संरचना : व्हीलचेयर रैंप, हैंडल, विशेष शौचालय।
- हाथ धुलने की व्यवस्था : साबुन और स्वच्छ पानी के साथ उचित स्थान पर व्यवस्था।
- कूड़ा निस्तारण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन : डस्टबिन, कंपोस्ट पिट, कूड़ा अलग करना।
- स्वच्छता और परिसंपत्तियों का रखरखाव : फर्नीचर, दीवार, मैदान, खेल सामग्री की साफ-सफाई।
- जनजागरूकता अभियान : रैलियां, पोस्टर, नारे, विद्यार्थियों की भागीदारी।
- ईको : रखरखाव और हरित पहल पौध रोपण, बगीचा, पॉलिथीन मुक्त कैंपस।
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जिले में 1247 परिषदीय विद्यालय है। इसमें 805 प्राथमिक विद्यालय, 250 कंपोजिट विद्यालय और 192 उच्च प्राथमिक विद्यालय है। इसमें करीब एक लाख तीन हजार बच्चे नामांकित है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को निर्देश भेजकर कहा है कि प्रत्येक विद्यालय स्व-स्वमूल्यांकन के आधार पर अपना नामांकन करें। यह नामांकन तय प्रारूप पर किया जाएगा और इसकी रिपोर्ट राज्य स्तर पर भेजी जाएगी, जहां से राष्ट्रीय मूल्यांकन के लिए प्रविष्टियां भेजी जाएंगी। सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार मिलेगा।
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इन बिंदुओं पर होगी रेटिंग
- जल संचयन और संरक्षण : वर्षा जल संचयन की व्यवस्था, पानी का पुनः उपयोग।
- जल की उपलब्धता और गुणवत्ता : पीने के पानी की पर्याप्त आपूर्ति और शुद्धता।
- शौचालय की क्रियाशीलता : लड़के और लड़कियों के लिए अलग, साफ और उपयोग योग्य शौचालय।
- दिव्यांग अनुकूल संरचना : व्हीलचेयर रैंप, हैंडल, विशेष शौचालय।
- हाथ धुलने की व्यवस्था : साबुन और स्वच्छ पानी के साथ उचित स्थान पर व्यवस्था।
- कूड़ा निस्तारण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन : डस्टबिन, कंपोस्ट पिट, कूड़ा अलग करना।
- स्वच्छता और परिसंपत्तियों का रखरखाव : फर्नीचर, दीवार, मैदान, खेल सामग्री की साफ-सफाई।
- जनजागरूकता अभियान : रैलियां, पोस्टर, नारे, विद्यार्थियों की भागीदारी।
- ईको : रखरखाव और हरित पहल पौध रोपण, बगीचा, पॉलिथीन मुक्त कैंपस।