{"_id":"6908ec03fedc0b27cc09181b","slug":"allegations-of-selling-seeds-at-a-price-higher-than-the-government-rate-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1040-140659-2025-11-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: सरकारी दर से अधिक मूल्य पर बीज बेचने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: सरकारी दर से अधिक मूल्य पर बीज बेचने का आरोप
Mon, 03 Nov 2025 11:23 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 03 Nov 2025 11:23 PM IST
विज्ञापन
राजकीय कृषि बीज भण्डार नाथनगर पर बीज लेने पहुंचे किसान-संवाद
धनघटा। राजकीय कृषि बीज भंडार नाथनगर पर सोमवार को बीज लेने पहुंचे किसानों में काफी आक्रोश देखने को मिला। निर्धारित प्रति बोरा गेंहू के बीज का अधिक मूल्य वसूला जा रहा था। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों को इस पर ध्यान देने की जहमत नहीं उठाना चाहते हैं।
सोमवार को राजकीय कृषि बीज भंडार नाथनगर पर सुबह से ही गेंहू, मटर, सरसों सहित अन्य बीज के लिए किसान पहुंच गए। केंद्र खुलने का इंतजार करने लगे, केंद्र प्रभारी स्टाफ कर्मियों के साथ पहुंचे। आधार पर अंगूठा लगाकर प्रति बोरी गेंहू बीज के साथ दवा की शीशी के 1040 रुपये की मांग करने लगे। जिसपर कुछ किसानों ने आपत्ति जताई।
अखिलेश कुमार, परमात्मा, सुभाष, राम चन्दर, कोमल, राहुल का कहना था कि प्रति बोरी गेंहू बीज 936 रुपये के साथ दवा 20 रुपये का सरकारी मूल्य निर्धारित है। लेकिन केंद्र के कर्मी जबरन अधिक रुपया की वसूली कर रह रहे हैं। कुछ किसान जब इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से करने की बात कही तो उन्हें धीरे से बुलाकर अधिक वसूले पैसा वापस किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोमवार को राजकीय कृषि बीज भंडार नाथनगर पर सुबह से ही गेंहू, मटर, सरसों सहित अन्य बीज के लिए किसान पहुंच गए। केंद्र खुलने का इंतजार करने लगे, केंद्र प्रभारी स्टाफ कर्मियों के साथ पहुंचे। आधार पर अंगूठा लगाकर प्रति बोरी गेंहू बीज के साथ दवा की शीशी के 1040 रुपये की मांग करने लगे। जिसपर कुछ किसानों ने आपत्ति जताई।
विज्ञापन
अखिलेश कुमार, परमात्मा, सुभाष, राम चन्दर, कोमल, राहुल का कहना था कि प्रति बोरी गेंहू बीज 936 रुपये के साथ दवा 20 रुपये का सरकारी मूल्य निर्धारित है। लेकिन केंद्र के कर्मी जबरन अधिक रुपया की वसूली कर रह रहे हैं। कुछ किसान जब इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से करने की बात कही तो उन्हें धीरे से बुलाकर अधिक वसूले पैसा वापस किया गया।
विज्ञापन