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Sant Kabir Nagar News: निजी जमीन को ग्राम समाज में दर्ज करने का आरोप, किसानों में रोष
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धनघटा। क्षेत्र के ग्राम पंचायत चपरा पूर्वी में राजस्व विभाग ने गड़बड़ी की है। आरोप है कि जो जमीन किसानों के नाम दर्ज होनी चाहिए उसे ग्राम समाज के रूप में दर्ज कर दिया गया और ग्राम समाज की भूमि को किसानों के नाम कर दिया गया। इससे किसानों में रोष है।
ग्राम पंचायत चपरा पूर्वी और छपरा मगरवी का अभिलेख जीर्णशीर्ण हो गया था। जिसके कारण इन ग्राम पंचायतों की खतौनी कंप्यूटराइज नहीं हो पाई थी। किसान सरकारी सुविधा पाने से वंचित थे। किसानों की लड़ाई के बाद किसी तरह खतौनी कंप्यूटराइज तो हुई लेकिन उसमें भी त्रुटि हो गई। किसान हरिराम, बाबूलाल, रामप्यारे, सभाजीत, दिनेश, श्रीकांत, रामाश्रय, राजाराम, राम अवतार आदि का कहना है कि कंप्यूटर में जो जमीन किसानों के नाम से दर्ज होनी चाहिए वह जमीन ग्राम समाज के खाता में दर्ज हो गई है और जो जमीन ग्राम समाज की खाता में दर्ज होना चाहिए वह किसानो के नाम चढ़ गई है।
इतना ही नहीं वरासत, वसीयत का मामला ज्यों का त्यो पड़ा हुआ है। किसानों का कहना है कि खतौनी सही ढंग से दर्ज न होने के कारण काफी नुकसान लोगों को उठाना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान हरिराम यादव ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए दो दिन पहले यहां के किसान जिलाधिकारी से मिले थे। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया है कि 22 फरवरी से गांव में चौपाल लगाकर समस्या का समाधान किया जाएगा।
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ग्राम पंचायत चपरा पूर्वी और छपरा मगरवी का अभिलेख जीर्णशीर्ण हो गया था। जिसके कारण इन ग्राम पंचायतों की खतौनी कंप्यूटराइज नहीं हो पाई थी। किसान सरकारी सुविधा पाने से वंचित थे। किसानों की लड़ाई के बाद किसी तरह खतौनी कंप्यूटराइज तो हुई लेकिन उसमें भी त्रुटि हो गई। किसान हरिराम, बाबूलाल, रामप्यारे, सभाजीत, दिनेश, श्रीकांत, रामाश्रय, राजाराम, राम अवतार आदि का कहना है कि कंप्यूटर में जो जमीन किसानों के नाम से दर्ज होनी चाहिए वह जमीन ग्राम समाज के खाता में दर्ज हो गई है और जो जमीन ग्राम समाज की खाता में दर्ज होना चाहिए वह किसानो के नाम चढ़ गई है।
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इतना ही नहीं वरासत, वसीयत का मामला ज्यों का त्यो पड़ा हुआ है। किसानों का कहना है कि खतौनी सही ढंग से दर्ज न होने के कारण काफी नुकसान लोगों को उठाना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान हरिराम यादव ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए दो दिन पहले यहां के किसान जिलाधिकारी से मिले थे। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया है कि 22 फरवरी से गांव में चौपाल लगाकर समस्या का समाधान किया जाएगा।
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