{"_id":"66-96957","slug":"Sant-kabir-nagar-96957-66","type":"story","status":"publish","title_hn":"68 छात्रों को पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
68 छात्रों को पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं
Sant kabir nagar
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
धनघटा। नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र के महुली कस्बा स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय द्वितीय में संचालित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का हाल बेहाल है। नामांकित 68 बच्चों को पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक नहीं है। यहीं नहीं बच्चों को बैठने के लिए न तो फर्नीचर है और न ही विद्यालय का भवन।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय द्वितीय को वर्ष 2010-11 में उच्चीकृत कर राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का दर्ज दिया गया। इस विद्यालय में कक्षा नौ में 40 और कक्षा 10 में कुल 28 विद्यार्थी नामांकित है। विद्यालय को उच्चीकृत कर राजकीय उच्च्तर माध्यमिक विद्यालय तो बना दिया गया, लेकिन उसके अनुसार न तो व्यवस्था हुई गई और न ही शिक्षक। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य के रूप में पूर्व माध्यमिक विद्यालय महुली द्वितीय के प्रधानाध्यापक रामप्रताप चौधरी को बनाया गया है। यहां विद्यार्थियों के बैठने के लिए न तो फर्नीचर की व्यवस्था है, और न ही शिक्षक तैनात किए गए है। ऐसे में शिक्षा ग्रहण करने के लिए आ रहे 68 विद्यार्थियों के भविष्य के साथ शिक्षा विभाग खिलवाड़ कर रहा है। गांव निवासी शिवदास द्विवेदी, योगेन्द्र मिश्र, हरिप्रसाद द्विवेदी, पंडित वाचस्पति द्विवेदी, दीपक लाल वर्मा, आेंकार मद्धेशिया, शत्रुधन गुप्ता आदि ने डीएम से मांग की है कि जनपद में कई एडेड विद्यालय हैं उन विद्यालयों में से हर विषय के एक शिक्षकों की नियुक्ति यहां कर दिया जाएं जिससे बच्चों का भविष्य न खराब हो। जिला विद्यालय निरीक्षक संध्या श्रीवास्तव का कहना है कि शिक्षक की कमी है। किसी दूसरे विद्यालय के शिक्षक को तैनात किए जाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों की सूची देखी जा रही है। जबकि जिला समन्वयक मसलहुद्दीन ने बताया कि भवन निर्माण के लिए 51.98 लाख की स्वीकृति मिली थी। पैक्सपैड को कार्यदाई संस्था नामित किया गया था।
विज्ञापन
पूर्व माध्यमिक विद्यालय द्वितीय को वर्ष 2010-11 में उच्चीकृत कर राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का दर्ज दिया गया। इस विद्यालय में कक्षा नौ में 40 और कक्षा 10 में कुल 28 विद्यार्थी नामांकित है। विद्यालय को उच्चीकृत कर राजकीय उच्च्तर माध्यमिक विद्यालय तो बना दिया गया, लेकिन उसके अनुसार न तो व्यवस्था हुई गई और न ही शिक्षक। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य के रूप में पूर्व माध्यमिक विद्यालय महुली द्वितीय के प्रधानाध्यापक रामप्रताप चौधरी को बनाया गया है। यहां विद्यार्थियों के बैठने के लिए न तो फर्नीचर की व्यवस्था है, और न ही शिक्षक तैनात किए गए है। ऐसे में शिक्षा ग्रहण करने के लिए आ रहे 68 विद्यार्थियों के भविष्य के साथ शिक्षा विभाग खिलवाड़ कर रहा है। गांव निवासी शिवदास द्विवेदी, योगेन्द्र मिश्र, हरिप्रसाद द्विवेदी, पंडित वाचस्पति द्विवेदी, दीपक लाल वर्मा, आेंकार मद्धेशिया, शत्रुधन गुप्ता आदि ने डीएम से मांग की है कि जनपद में कई एडेड विद्यालय हैं उन विद्यालयों में से हर विषय के एक शिक्षकों की नियुक्ति यहां कर दिया जाएं जिससे बच्चों का भविष्य न खराब हो। जिला विद्यालय निरीक्षक संध्या श्रीवास्तव का कहना है कि शिक्षक की कमी है। किसी दूसरे विद्यालय के शिक्षक को तैनात किए जाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों की सूची देखी जा रही है। जबकि जिला समन्वयक मसलहुद्दीन ने बताया कि भवन निर्माण के लिए 51.98 लाख की स्वीकृति मिली थी। पैक्सपैड को कार्यदाई संस्था नामित किया गया था।
विज्ञापन