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महाविद्यालय में पढ़ती हैं 36 छात्राएं, वेतन पर हर माह खर्च 17 लाख

Mon, 11 Apr 2022 10:48 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 11 Apr 2022 10:48 PM IST
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8 teachers for 36 students
माधव प्रसाद त्रिपाठी राजकीय महिला महाविद्यालय खलीलाबाद।संवाद - फोटो : KHALILABAD
महाविद्यालय में पढ़ती हैं 36 छात्राएं, वेतन पर हर माह खर्च 17 लाख
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शहर से महज चार किमी दूर स्थित माधव प्रसाद त्रिपाठी राजकीय महिला महाविद्यालय का हाल
केवल पारंपरिक विषयों के पढ़ाए जाने से विद्यार्थियों में नहीं है कोई आकर्षण
महाविद्यालय में प्रोफेशनल कोर्स शुरू किए गए होते तो शायद यह हालत न होती
पुनीत कुमार मिश्र
संतकबीरनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी राजकीय महिला महाविद्यालय मैलानी खलीलाबाद में हर माह 17 लाख रुपये वेतन के मद में खर्च होते हैं, लेकिन छात्राएं केवल 36 ही पढ़ती हैं। इन छात्राओं को पढ़ाने के लिए आठ शिक्षक तैनात हैं। यह हाल तब जबकि हर साल जिले में 16 हजार से अधिक छात्राएं इंटर पास करती हैं।
माना जा रहा है कि महाविद्यालय में केवल पारंपरिक विषय पढ़ाए जा रहे हैं, इस कारण छात्राओं की इसमें रुचि नहीं है। आजकल प्रोफेशनल कोर्स की ओर विद्यार्थियों का रुझान अधिक है। यदि कॉलेज में प्रोफेशन कोर्स पढ़ाए जाएं तो छात्राओं की संख्या बढ़ सकती है। महाविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस शैक्षिक सत्र से कई प्रोफेशनल कोर्स आरंभ किए जाएंगे। उम्मीद है कि इसके बाद छात्राओं की संख्या बढ़े, लेकिन यह निर्भर करेगा कि प्रोफेशनल कोर्स भी किस तरह के होते हैं। वह छात्राओं के कॅरियर के लिए कितने उपयोगी होते हैं। यह भी इनका कितना प्रचार प्रसार किया जाता है।
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बता दें कि छात्राओं को उच्च शिक्षा देने के लिए खलीलाबाद के मैलानी में वर्ष 1999 में माधव प्रसाद राजकीय महिला महाविद्यालय की स्थापना की गई। शहर से महज चार किलोमीटर की दूरी स्थित इस महाविद्यालय में शुरुआत में छात्राओं की संख्या करीब 100 थी। इसके बाद छात्राओं की संख्या नहीं बढ़ी, बल्कि दिन-प्रतिदिन घटती चली गई। वर्तमान में केवल 36 छात्राएं अध्ययनरत हैं। इनमें बीए प्रथम वर्ष में 13, बीए द्वितीय वर्ष में नौ और बीए तृतीय वर्ष में 14 छात्राएं हैं। शहर से चार किलोमीटर दूर यह महाविद्यालय पुलिस लाइंस के पीछे व सरौली में स्थापित है। महाविद्यालय तक जाने के लिए सड़क जर्जर है। परिसर में झाड़-झंखाड़ उगा हुआ है। संवाद
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इंटरमीडिएट में हर साल पास होती हैं लगभग 16,000 छात्राएं
यूपी बोर्ड, सीबीएसई व आईसीएससीई की इंटरमीडिएट परीक्षा में जिले में हर वर्ष करीब 16,000 छात्राएं पास होती हैं। इनमें यूपी बोर्ड की सर्वाधिक 15,000 छात्राएं शामिल हैं। साथ ही 480 के करीब सीबीएसई बोर्ड की छात्राएं हैं और 20 छात्राएं आईसीएससीई बोर्ड की हैं। इसके बावजूद इस कॉलेज में छात्राएं अपना नामांकन नहीं कराती हैं।
महाविद्यालय को सिर्फ कला संकाय की ही मान्यता
महाविद्यालय को स्नातक स्तर पर सिर्फ कला संकाय की ही मान्यता मिली है। इसमें हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, इतिहास, राजनीति शास्त्र, गृह विज्ञान, अर्थशास्त्र और शारीरिक शिक्षा विषय शामिल हैं।
इस सत्र से शुरू हो जाएंगे चार प्रोफेशनल कोर्स
महाविद्यालय में इस सत्र से चार प्रोफेशनल कोर्स शुरू हो जाएंगे। इसमें पाक कला, फैशन डिजाइनिंग, कंप्यूटर टाइपिंग, ट्रासंलेशन कोर्स शामिल हैं।
तीन एसोसिएट्स प्रोफेसर समेत आठ शिक्षक तैनात
माधव प्रसाद त्रिपाठी राजकीय महिला महाविद्यालय में एक प्राचार्य, तीन एसोसिएट्स प्रोफेसर, पांच असिस्टेंट प्रोफेसर, एक लिपिक, एक लैब असिस्टेंट समेत तीन अन्य कर्मचारी तैनात हैं। इन पर कुल 16 लाख 48,363 रुपये हर माह वेतन के रूप में दिया जाता है। महाविद्यालय का कुल वार्षिक बजट एक करोड़ 97 लाख रुपये हैं। जो शिक्षकों के वेतन के मद में खर्च होता है।

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छात्राओं का नामांकन बढ़ाने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। शहर क्षेत्र के स्कूलों की सूची बनाकर शिक्षकों को सौंपी गई है। हर शिक्षक को एक विद्यालय दिया गया है, जहां जाकर शिक्षक संपर्क करेंगे और 12वीं पास होने वाली छात्राओं का नामांकन कराने का प्रयास करेंगे। शहर से महाविद्यालय चार किलोमीटर दूर है, इस वजह से समस्या उत्पन्न हो गई है।
- डॉ. धर्मेंद्र प्रताप शाही, प्राचार्य
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