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Sant Kabir Nagar News: जनगणना के लिए पूछे जाएंगे 40 सवाल
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खलीलाबाद में जनगणना का प्रशिक्षण लेते कर्मचारी-स्रोत सूचना
संतकबीरनगर। जनगणना-2027 को व्यवस्थित और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिले में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जनसंख्या गणना के लिए खलीलाबाद तहसील क्षेत्र के प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण खलीलाबाद में एक निजी कॉलेज में कराया जा रहा है। इसी क्रम में प्रथम बैच के तहसील क्षेत्र के 450 और नगर पालिका खलीलाबाद के 100 कुल मिलाकर 550 का तीन दिवसीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा हो गया।
दूसरे बैच के प्रगणकों व सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण बृहस्पतिवार को शुरू हो गया है। इसमें खलीलाबाद तहसील क्षेत्र के 500 कार्मिकों को जनगणना की प्रक्रिया और जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
तहसीलदार अनुराग कुमार यादव ने जनगणना कार्य में निष्पक्षता, शुद्धता और गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। सभी प्रतिभागियों को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्व निभाने की शपथ भी दिलाई गई।
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संबंधित कार्मिकों को निर्धारित समय पर प्रशिक्षण स्थल पहुंचने और लगातार तीनों दिन प्रशिक्षण में अनिवार्य रूप से शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसके तहत लोगों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए 40 सवालों के माध्यम से आकड़े संकलित किए जाएंगे।
जनगणना के दौरान साक्षरता, आवास, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित जानकारियां दर्ज की जाएंगी। इन आकड़ों के आधार पर जिले में लोगों की वास्तविक जरूरतों और सुविधाओं की उपलब्धता का आकलन करने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के मुताबिक जानकारी एकत्र करने, सवालों को सही ढंग से पूछने और आकड़ों को सावधानीपूर्वक दर्ज करने के संबंध में जानकारी दी जा रही है।
जनगणना के आकड़ों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी और सतर्कता बरतने पर जोर दिया जा रहा है। जनगणना के माध्यम से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को शिक्षा, आवास और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं किस स्तर तक उपलब्ध हैं। इसके साथ ही सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों से जुड़े आकड़े कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों की स्थिति का आकलन करने में उपयोगी साबित होंगे।
इससे विकास योजनाओं की प्राथमिकताएं निर्धारित करने और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए आधार तैयार होगा। वहीं प्रगणकों और पर्यवेक्षकों से जनगणना कार्य को पूरी गंभीरता, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ पूरा करने की अपील की जा रही है। साथ ही आंकड़े जुटाते समय निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने और सही जानकारी दर्ज करने पर जोर दिया जा रहा है। जनगणना प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से पूरा कराना है, ताकि प्राप्त आकड़ों के आधार पर विकास संबंधी योजनाओं के निर्धारण में मदद मिल सके।
इस दौरान प्रगणकों व सुपरवाइजरों को बेहतरीन भोजन भी परोसा जा रहा है। इस दौरान राजस्व निरीक्षक संजय मिश्रा, जफीर अली करखी, मुबारक हुसैन, फारूक आजम, अखिलेश श्रीवास्तव, मो आरिफ, कन्हैया लाल चौहान आदि मौजूद रहे।
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जनगणना के आंकड़े विकास योजनाओं के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निष्पक्षता और पूरी जिम्मेदारी से जानकारी जुटाएं।
-अनुराग कुमार यादव, तहसीलदार, खलीलाबाद
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दूसरे बैच के प्रगणकों व सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण बृहस्पतिवार को शुरू हो गया है। इसमें खलीलाबाद तहसील क्षेत्र के 500 कार्मिकों को जनगणना की प्रक्रिया और जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
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तहसीलदार अनुराग कुमार यादव ने जनगणना कार्य में निष्पक्षता, शुद्धता और गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। सभी प्रतिभागियों को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्व निभाने की शपथ भी दिलाई गई।
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संबंधित कार्मिकों को निर्धारित समय पर प्रशिक्षण स्थल पहुंचने और लगातार तीनों दिन प्रशिक्षण में अनिवार्य रूप से शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसके तहत लोगों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए 40 सवालों के माध्यम से आकड़े संकलित किए जाएंगे।
जनगणना के दौरान साक्षरता, आवास, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित जानकारियां दर्ज की जाएंगी। इन आकड़ों के आधार पर जिले में लोगों की वास्तविक जरूरतों और सुविधाओं की उपलब्धता का आकलन करने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के मुताबिक जानकारी एकत्र करने, सवालों को सही ढंग से पूछने और आकड़ों को सावधानीपूर्वक दर्ज करने के संबंध में जानकारी दी जा रही है।
जनगणना के आकड़ों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी और सतर्कता बरतने पर जोर दिया जा रहा है। जनगणना के माध्यम से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को शिक्षा, आवास और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं किस स्तर तक उपलब्ध हैं। इसके साथ ही सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों से जुड़े आकड़े कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों की स्थिति का आकलन करने में उपयोगी साबित होंगे।
इससे विकास योजनाओं की प्राथमिकताएं निर्धारित करने और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए आधार तैयार होगा। वहीं प्रगणकों और पर्यवेक्षकों से जनगणना कार्य को पूरी गंभीरता, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ पूरा करने की अपील की जा रही है। साथ ही आंकड़े जुटाते समय निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने और सही जानकारी दर्ज करने पर जोर दिया जा रहा है। जनगणना प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से पूरा कराना है, ताकि प्राप्त आकड़ों के आधार पर विकास संबंधी योजनाओं के निर्धारण में मदद मिल सके।
इस दौरान प्रगणकों व सुपरवाइजरों को बेहतरीन भोजन भी परोसा जा रहा है। इस दौरान राजस्व निरीक्षक संजय मिश्रा, जफीर अली करखी, मुबारक हुसैन, फारूक आजम, अखिलेश श्रीवास्तव, मो आरिफ, कन्हैया लाल चौहान आदि मौजूद रहे।
जनगणना के आंकड़े विकास योजनाओं के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निष्पक्षता और पूरी जिम्मेदारी से जानकारी जुटाएं।
-अनुराग कुमार यादव, तहसीलदार, खलीलाबाद