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Sant Kabir Nagar News: अर्नव का असर, किसानों की बढ़ी चिंता
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धनघटा क्षेत्र में बूंदाबांदी से परेशान किसान- संवाद
संतकबीरनगर। जिले में अर्नव तूफान का असर दिखने लगा है। बृहस्पतिवार को सुबह से ही बादल छाए रहे। इसके साथ ही रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। वजह यह है कि यदि तेज बारिश हुई तो कटाई और मड़ाई का कार्य प्रभावित हो सकता है। साथ ही रबी की बोआई पर भी असर पड़ सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों ने 31 अक्तूबर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। दूसरी तरफ बृहस्पतिवार की सुबह से मौसम का मिजाज बदला नजर आया। आसमान में बादल छाए रहे और बीच-बीच में बूंदाबांदी होती रही। इससे किसानों को फसल की चिंता सताने लगी है।
किसान पंचराम, राधेश्याम आदि ने बताया कि खरीफ की फसल तैयार हो गई है लेकिन मौसम में बदलाव के चलते समस्या खड़ी हो गई है। इन लोगों ने कहा कि यदि तेज बारिश हो गई तो कटाई और मड़ाई प्रभावित हो सकती है। साथ ही रबी की बोआई पर भी इसका विपरीत असर पड़ सकता है। इधर मौसम बदलने से ठंड का भी एहसास होने लगा है।
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फसल की कटाई व मड़ाई में आएगी बाधा
लोहरैया। अर्नव तूफान के असर से लोहरैया क्षेत्र में मौसम का मिजाज बदल गया है। बीती रात से ही बूंदाबांदी का दौर जारी है। इससे खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों को आशंका है कि तेज हवा और बारिश होने पर फसल खेतों में गिर सकती है, जबकि जलभराव के कारण कटाई-मड़ाई में भी बाधा आएगी। साथ ही रबी की फसलों की बोआई में देरी होने की संभावना है।
क्षेत्र में इस समय धान की कटाई और मड़ाई का कार्य तेजी से चल रहा है। ऐसे में मौसम की बेरुखी किसानों की मेहनत पर पानी फेर सकती है। लगातार बारिश होने से खेतों में नमी और जलभराव बढ़ने पर कटी हुई फसल के सड़ने का खतरा रहेगा। खेत खाली नहीं होने से गेहूं सहित अन्य रबी फसलों की बोआई प्रभावित हो सकती है, जिसका असर पैदावार पर भी पड़ने की आशंका है। बारीडीहा निवासी किसान नागेंद्र पाल ने बताया कि खेतों में धान की फसल पक कर तैयार है। कटाई-मड़ाई का काम चल रहा है। ऐसे समय में मौसम बदलने से चिंता बढ़ गई है। यदि तेज बारिश हुई तो तैयार फसल को नुकसान हो सकता है और कटाई का काम भी रुक जाएगा।
जिगिना निवासी किसान देवेंद्र शुक्ला ने बताया कि उन्होंने लाल मिर्च की खेती की है। मौसम की मौजूदा स्थिति को देखकर फसल खराब होने की आशंका सता रही है। मुंडेरा राय निवासी किसान अवधेश राय ने भी मौसम में बदलाव को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बारिश तेज होने पर खेतों में खड़ी और तैयार फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
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किसानों के उड़े होश, मेहनत पर फिर सकता है पानी
धनघटा। आसमान में छाए बादल और हो रही बूंदाबांदी ने किसानों के होश उड़ा दिए हैं। किसानों का कहना है कि मौसम विभाग जिस तरह की चेतावनी दे रहा है, यदि वह सच साबित हुई तो खेत में खड़ी फसल का नुकसान तो होगा ही साथ ही साथ हाल ही में काटकर घर गए धान की नमी नहीं जाएगी। धनघटा क्षेत्र में हालांकि अभी तक न तो तेज हवा चली और न ही तेज बारिश हुई लेकिन मौसम विभाग द्वारा बार-बार दी जा रही चेतावनी से किसान फसल को लेकर भयभीत हैं। किसानों का कहना है कि मोटा धान पक कर तैयार हो गए हैं, जिसकी कटाई भी चल रही है लेकिन दो दिनों से कटाई को इस कारण बंद कर देना पड़ा कि धान को काटने के बाद उसे सुखाया कैसे जाएगा। किसान राम रूप, दयाशंकर, लालदेव, परशुराम चौधरी, शिवप्रसाद आदि का कहना है कि यदि तेज हवा चली और उसके साथ बारिश हुई तो खेत में खड़ी फसल गिर सकती है, जिसे काटना मुश्किल हो जाएगा।
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मौसम में बदलाव हुआ है और तेज बारिश की संभावना है। इससे किसानों को फसल का नुकसान हो सकता है। किसानों को अभी कटाई व मड़ाई का कार्य एक-दो दिन रोक देना चाहिए।
-डॉ. सर्वेश यादव, जिला कृषि अधिकारी
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मौसम वैज्ञानिकों ने 31 अक्तूबर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। दूसरी तरफ बृहस्पतिवार की सुबह से मौसम का मिजाज बदला नजर आया। आसमान में बादल छाए रहे और बीच-बीच में बूंदाबांदी होती रही। इससे किसानों को फसल की चिंता सताने लगी है।
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किसान पंचराम, राधेश्याम आदि ने बताया कि खरीफ की फसल तैयार हो गई है लेकिन मौसम में बदलाव के चलते समस्या खड़ी हो गई है। इन लोगों ने कहा कि यदि तेज बारिश हो गई तो कटाई और मड़ाई प्रभावित हो सकती है। साथ ही रबी की बोआई पर भी इसका विपरीत असर पड़ सकता है। इधर मौसम बदलने से ठंड का भी एहसास होने लगा है।
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फसल की कटाई व मड़ाई में आएगी बाधा
लोहरैया। अर्नव तूफान के असर से लोहरैया क्षेत्र में मौसम का मिजाज बदल गया है। बीती रात से ही बूंदाबांदी का दौर जारी है। इससे खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों को आशंका है कि तेज हवा और बारिश होने पर फसल खेतों में गिर सकती है, जबकि जलभराव के कारण कटाई-मड़ाई में भी बाधा आएगी। साथ ही रबी की फसलों की बोआई में देरी होने की संभावना है।
क्षेत्र में इस समय धान की कटाई और मड़ाई का कार्य तेजी से चल रहा है। ऐसे में मौसम की बेरुखी किसानों की मेहनत पर पानी फेर सकती है। लगातार बारिश होने से खेतों में नमी और जलभराव बढ़ने पर कटी हुई फसल के सड़ने का खतरा रहेगा। खेत खाली नहीं होने से गेहूं सहित अन्य रबी फसलों की बोआई प्रभावित हो सकती है, जिसका असर पैदावार पर भी पड़ने की आशंका है। बारीडीहा निवासी किसान नागेंद्र पाल ने बताया कि खेतों में धान की फसल पक कर तैयार है। कटाई-मड़ाई का काम चल रहा है। ऐसे समय में मौसम बदलने से चिंता बढ़ गई है। यदि तेज बारिश हुई तो तैयार फसल को नुकसान हो सकता है और कटाई का काम भी रुक जाएगा।
जिगिना निवासी किसान देवेंद्र शुक्ला ने बताया कि उन्होंने लाल मिर्च की खेती की है। मौसम की मौजूदा स्थिति को देखकर फसल खराब होने की आशंका सता रही है। मुंडेरा राय निवासी किसान अवधेश राय ने भी मौसम में बदलाव को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बारिश तेज होने पर खेतों में खड़ी और तैयार फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
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किसानों के उड़े होश, मेहनत पर फिर सकता है पानी
धनघटा। आसमान में छाए बादल और हो रही बूंदाबांदी ने किसानों के होश उड़ा दिए हैं। किसानों का कहना है कि मौसम विभाग जिस तरह की चेतावनी दे रहा है, यदि वह सच साबित हुई तो खेत में खड़ी फसल का नुकसान तो होगा ही साथ ही साथ हाल ही में काटकर घर गए धान की नमी नहीं जाएगी। धनघटा क्षेत्र में हालांकि अभी तक न तो तेज हवा चली और न ही तेज बारिश हुई लेकिन मौसम विभाग द्वारा बार-बार दी जा रही चेतावनी से किसान फसल को लेकर भयभीत हैं। किसानों का कहना है कि मोटा धान पक कर तैयार हो गए हैं, जिसकी कटाई भी चल रही है लेकिन दो दिनों से कटाई को इस कारण बंद कर देना पड़ा कि धान को काटने के बाद उसे सुखाया कैसे जाएगा। किसान राम रूप, दयाशंकर, लालदेव, परशुराम चौधरी, शिवप्रसाद आदि का कहना है कि यदि तेज हवा चली और उसके साथ बारिश हुई तो खेत में खड़ी फसल गिर सकती है, जिसे काटना मुश्किल हो जाएगा।
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मौसम में बदलाव हुआ है और तेज बारिश की संभावना है। इससे किसानों को फसल का नुकसान हो सकता है। किसानों को अभी कटाई व मड़ाई का कार्य एक-दो दिन रोक देना चाहिए।
-डॉ. सर्वेश यादव, जिला कृषि अधिकारी