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जांच टीम के समक्ष दोनों पक्ष आमने-सामने
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जांच टीम के समक्ष दोनों पक्ष आमने-सामने
जांच में कुछ बिंदुओं सर सच मिली शिकायत, डीएम को जांच रिपोर्ट सौंपेगी टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां। विकास खंड सेमरियावां की ग्राम पंचायत बिगरामीर में विकास कार्यों में हुई अनियमितता की शिकायत की जांच करने बृहस्पतिवार को जांच टीम मौके पर पहुंची। जांच टीम ने कुछ बिंदुओं पर शिकायत सही पाई। जांच के दौरान शिकायत कर्ता और प्रधान पक्ष आमने-सामने हो गए। जांच टीम ने जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपने की बात बताई।
बिगरामीर गांव के अफरोज अहमद ने 25 अगस्त को डीएम को शिकायती पत्र दिया। इसमें गांव में कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप मढ़ा। आरोप है कि पंचायत राज अधिकारी के भेजे गए उपभोग प्रमाणपत्र का अवलोकन किया गया तो पता चला कि प्रधान द्वारा गांव में सत्र वर्ष 2016-17 से 2020-21 तक चौथे राज्य वित्त, चौदहवें वित्त मद से सीसी रोड, नाला निर्माण, इंटरलॉकिंग आदि विकास कार्य पर बिना कार्य के ही और पूर्व में कराए गए विकास कार्यों को नया कार्य दिखाकर भुगतान किया गया है। यही नहीं दूसरी कार्यदायी संस्था से कराए गए कार्य पर भी भुगतान करा लिया गया है। इससे सरकारी धन की बड़े पैमाने पर धांधली की गई है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने जिला समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार, भूमि संरक्षण इकाई ( आईडब्ल्यूएमएफ) के अवर अभियंता हीरालाल को जांच अधिकारी नामित कर दो सदस्यीय टीम गठित की। बृहस्पतिवार को जांच टीम ने गांव में पहुंच कर शिकायत के सभी बिंदुओं का स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई जगहों पर शिकायतकर्ता पक्ष और प्रधान पक्ष के लोग आमने-सामने होकर होकर बहस करते देखे गए। हंगामा होने से जांच अधिकारी भी बीच-बीच में जांच छोड़कर चले जाने की बात कहते रहे। जांच अधिकारी महेंद्र कुमार ने बताया कि कुछ प्रोजेक्ट पर प्रथमदृष्टया अनियमितता की शिकायत सही पाई गई है। कई बिंदुओं पर काम होना पाया गया है। ग्राम सचिव सुनीता मिश्रा से अभिलेख मांगे गए हैं। अभिलेखों से मिलान कर जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी जाएगी। जबकि ग्राम प्रधान सकीना ने बताया कि चुनावी रंजिश के चलते शिकायतकर्ता ने झूठा आरोप लगाया है। प्रधान की छवि धूमिल करने के लिए षडयंत्र रचा गया है। जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। कुछ प्रोजेक्ट पर विवाद के चलते काम नहीं हो सका है। इसकी जगह दूसरे जगह पर काम करा दिया गया है। जबकि शिकायतकर्ता फिरोज अहमद ने बताया कि जांच में बाधा डालने के लिए प्रधान पक्ष के लोग हंगामा करते रहे। ताकि जांच की कार्रवाई पूरी न हो सके। सभी शिकायत में अनियमितता पाई गई है। जांच रिपोर्ट से पोल खुल जाएगी।
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जांच में कुछ बिंदुओं सर सच मिली शिकायत, डीएम को जांच रिपोर्ट सौंपेगी टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां। विकास खंड सेमरियावां की ग्राम पंचायत बिगरामीर में विकास कार्यों में हुई अनियमितता की शिकायत की जांच करने बृहस्पतिवार को जांच टीम मौके पर पहुंची। जांच टीम ने कुछ बिंदुओं पर शिकायत सही पाई। जांच के दौरान शिकायत कर्ता और प्रधान पक्ष आमने-सामने हो गए। जांच टीम ने जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपने की बात बताई।
बिगरामीर गांव के अफरोज अहमद ने 25 अगस्त को डीएम को शिकायती पत्र दिया। इसमें गांव में कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप मढ़ा। आरोप है कि पंचायत राज अधिकारी के भेजे गए उपभोग प्रमाणपत्र का अवलोकन किया गया तो पता चला कि प्रधान द्वारा गांव में सत्र वर्ष 2016-17 से 2020-21 तक चौथे राज्य वित्त, चौदहवें वित्त मद से सीसी रोड, नाला निर्माण, इंटरलॉकिंग आदि विकास कार्य पर बिना कार्य के ही और पूर्व में कराए गए विकास कार्यों को नया कार्य दिखाकर भुगतान किया गया है। यही नहीं दूसरी कार्यदायी संस्था से कराए गए कार्य पर भी भुगतान करा लिया गया है। इससे सरकारी धन की बड़े पैमाने पर धांधली की गई है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने जिला समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार, भूमि संरक्षण इकाई ( आईडब्ल्यूएमएफ) के अवर अभियंता हीरालाल को जांच अधिकारी नामित कर दो सदस्यीय टीम गठित की। बृहस्पतिवार को जांच टीम ने गांव में पहुंच कर शिकायत के सभी बिंदुओं का स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई जगहों पर शिकायतकर्ता पक्ष और प्रधान पक्ष के लोग आमने-सामने होकर होकर बहस करते देखे गए। हंगामा होने से जांच अधिकारी भी बीच-बीच में जांच छोड़कर चले जाने की बात कहते रहे। जांच अधिकारी महेंद्र कुमार ने बताया कि कुछ प्रोजेक्ट पर प्रथमदृष्टया अनियमितता की शिकायत सही पाई गई है। कई बिंदुओं पर काम होना पाया गया है। ग्राम सचिव सुनीता मिश्रा से अभिलेख मांगे गए हैं। अभिलेखों से मिलान कर जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी जाएगी। जबकि ग्राम प्रधान सकीना ने बताया कि चुनावी रंजिश के चलते शिकायतकर्ता ने झूठा आरोप लगाया है। प्रधान की छवि धूमिल करने के लिए षडयंत्र रचा गया है। जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। कुछ प्रोजेक्ट पर विवाद के चलते काम नहीं हो सका है। इसकी जगह दूसरे जगह पर काम करा दिया गया है। जबकि शिकायतकर्ता फिरोज अहमद ने बताया कि जांच में बाधा डालने के लिए प्रधान पक्ष के लोग हंगामा करते रहे। ताकि जांच की कार्रवाई पूरी न हो सके। सभी शिकायत में अनियमितता पाई गई है। जांच रिपोर्ट से पोल खुल जाएगी।
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