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साढ़े दस बजे तक सिंचाई विभाग में सन्नाटा
Tue, 11 Jun 2019 10:09 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
Santkabirnagar
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 11 Jun 2019 10:09 PM IST
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ड्रेनेज खंड दो कार्यालय में अधिकारियों के नहीं आने से खाली पड़ीं कुर्सियां।
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। तटबंधों के निर्माण व बाढ़ से सुरक्षा की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग के ड्रेनेज खंड (बाढ़ खंड डिवीजन) की है। खलीलाबाद शहर में फोरलेन के किनारे इसकी अपनी कॉलोनी है। इसी परिसर में विभाग के सभी दफ्तर भी हैं। लेकिन कॉलोनी व दफ्तरों की ही हालत ठीक नहीं है। जब ये खुद का दफ्तर तक नहीं संभाल पा रहे हैं तो तटबंधों की सुरक्षा और उसकी मरम्मत क्या करेंगे।
मंगलवार की सुबह नौ बजे अमर उजाला टीम सिंचाई विभाग की कॉलोनी में बने ड्रेनेज खंड दो के दफ्तर पहुंची। यहां अवर अभियंता के कार्यालय का गेट खुला हुआ था। परंतु अधिशासी अभियंता कार्यालय का गेट बंद था। परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ था। अंदर अनुचर लालबचन भोजन कर रहे थे। अधिशासी अभियंता कार्यालय के पास लोवर टीशर्ट में घूम रहे दुर्गेश कुमार ने खुद को कनिष्ठ लिपिक बताया। परंतु कुछ देर बाद ही वे चले गए। सुबह 10 बजे तक यही स्थिति रही। अनुचर लालचंद का कहना था कि वह ड्यूटी पर है बाकी कब कौन आएगा इस विषय में नहीं बता सकता। 10:30 बजे के बाद से कुछ कर्मचारी कार्यालय में आना शुरू हुए। कर्मचारियों का कहना था कि बड़े साहब (एक्सईएन) और छोटे साहब (एसडीओ) जरूरत के अनुसार दफ्तर आते हैं। कभी साइड पर चले जाते हैं तो देर होती है।इस संबंध में अधिशाषी अभियंता डीएन राम ने बताया कि वे सिंचाई बंधु की बैठक में हिस्सा लेने गए हुए थे। सभी कर्मचारियों को समय से दफ्तर पहुंचने का निर्देश है। एसडीओ व जेई तटबंधों पर चल रहे कार्य का निरीक्षण करने चले जाते हैं।
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मंगलवार की सुबह नौ बजे अमर उजाला टीम सिंचाई विभाग की कॉलोनी में बने ड्रेनेज खंड दो के दफ्तर पहुंची। यहां अवर अभियंता के कार्यालय का गेट खुला हुआ था। परंतु अधिशासी अभियंता कार्यालय का गेट बंद था। परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ था। अंदर अनुचर लालबचन भोजन कर रहे थे। अधिशासी अभियंता कार्यालय के पास लोवर टीशर्ट में घूम रहे दुर्गेश कुमार ने खुद को कनिष्ठ लिपिक बताया। परंतु कुछ देर बाद ही वे चले गए। सुबह 10 बजे तक यही स्थिति रही। अनुचर लालचंद का कहना था कि वह ड्यूटी पर है बाकी कब कौन आएगा इस विषय में नहीं बता सकता। 10:30 बजे के बाद से कुछ कर्मचारी कार्यालय में आना शुरू हुए। कर्मचारियों का कहना था कि बड़े साहब (एक्सईएन) और छोटे साहब (एसडीओ) जरूरत के अनुसार दफ्तर आते हैं। कभी साइड पर चले जाते हैं तो देर होती है।इस संबंध में अधिशाषी अभियंता डीएन राम ने बताया कि वे सिंचाई बंधु की बैठक में हिस्सा लेने गए हुए थे। सभी कर्मचारियों को समय से दफ्तर पहुंचने का निर्देश है। एसडीओ व जेई तटबंधों पर चल रहे कार्य का निरीक्षण करने चले जाते हैं।
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