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Sant Kabir Nagar News: नगर निकाय के रिकाॅर्ड में 15 होर्डिंग, सड़कों पर भरमार

Sat, 24 Oct 2026 11:52 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 24 Oct 2026 11:52 PM IST
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15 hoardings in municipal records, but streets are teeming with them
शहर के मोती चौराहे पर लगा होर्डिंग, जिससे संकेतक बोर्ड ढक गया है-संवाद
संतकबीरनगर। शहर में अवैध होर्डिंग का जाल फैला है। फुटपाथ के किनारे, प्रमुख सड़कों, बिजली के खंभों, संकेतकों पर जगह-जगह होर्डिंग लगे हैं। कई स्थानों पर विज्ञापन सामग्री ने दिशा और यातायात संबंधी संकेतकों को भी ढक दिया है। इससे बाहर से आने वाहन चालकों के साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी हो रही है। हालांकि नगर पालिका ने सिर्फ 15 होर्डिंग लगाने की अनुमति दे रखी है। इसके बावजूद शहरी क्षेत्र में 60 से अधिक होर्डिंग लगे हैं।
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होर्डिंग की वजह से फुटपाथ गायब है। कहीं बिजली के पोल तो कहीं लोहे की ग्रिल पर होर्डिंग लगाई गई है। इससे आंधी चलने पर हादसे का खतरा भी है। शहर के बैंक चौराहा, मोती चौराहा, सरैया बाईपास, आजाद चौक, नेहरू चौक, मेंहदावल बाईपास, स्टेशन रोड, पुरानी सब्जी मंडी, विधियानी मार्ग पर होर्डिंगों का जाल बिछा है। नियमों को ताक पर होर्डिंगे लगाई गई है। मनमाने तरीके से लगाई गई होर्डिंग से वाहन चालकों को परेशानी होती है।
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त्रिपाठी मार्केट के व्यापारी संदीप कुमार का कहना है कि सड़क के किनारे जगह-जगह होर्डिंग लगा दी गई है। बैंक चौराहा पर होर्डिंग लगाई गई है। इस पर नजर पड़ती तो सड़क हादसे का खतरा बना रहता है। इसके कारण वाहनों की रफ्तार धीमी हो जाती है और जाम की स्थिति होने से आने-जाने में परेशानी होती है। बंजरिया निवासी सुभान ने कहा कि शहर में होर्डिंग लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। यातायात नियमों को जागरूक करने के लिए लगाए गए संकेतक ढके होने से मार्ग की दिशा पता नहीं चलती हैं। ऑटो चालक रामकेश व दीपचंद ने बताया कि बेतरतीब तरीके से लगे होर्डिंग से हादसे की आशंका बनी रहती है।
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छात्राओं पर हादसे का बढ़ा खतरा
बैंक चौराहे के पास राजकीय बालिका इंटर कॉलेज है। उसके बगल में बिजली उपकेंद्र है। वहां आड़े-तिरछे कई होर्डिंग लगा दिए गए हैं। ये होर्डिंग बिल्कुल सड़क से सटकर हैं। आंधी आने पर इनके गिरने से छात्राओं के चपेट में आने की आशंका है। पैसा कमाने के चक्कर में स्कूल परिसर के बाहर तक होर्डिंग नियम विरुद्ध लगाए जा रहे हैं।
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विज्ञापन एजेंसियों को होता है लाखों का फायदा

शहर में लगे होर्डिंग से विज्ञापन एजेंसियों को लाखों का फायदा होता है। नगर पालिका ने सिर्फ 15 होर्डिंग लगाने की अनुमति दी है। इसके बावजूद 60 से अधिक होर्डिंग शहर में लगे हैं। मेंहदावल बाईपास पर ही करीब 10 होर्डिंग लगे हैं। इसी तरह से अन्य चौराहों पर होर्डिंग लगे हैं। इसमें जनप्रतिनिधियों के होर्डिंग अधिक हैं। होर्डिंग का कारोबार करने वाले बस्ती निवासी व्यक्ति ने बताया कि इससे करीब 40 से 50 लाख का कारोबार साल में करते हैं। इधर नगर पालिका को इससे 15 लाख का ही लाभ होता है। बाकी होर्डिंग से कोई लाभ नहीं मिलता है। जहां होर्डिंग लगाने की अनुमति है वहां के लिए प्रति होर्डिंग 14864 रुपये एक साल का शुल्क है लेकिन इसके बावजूद विज्ञापन कारोबारी प्रचार कराने वालों से मुंह मांगी रकम हासिल करते हैं।

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शहरी क्षेत्र में 15 होर्डिंग की अनुमति है। उसके लिए जगह भी चिह्नित है। जहां भी अवैध रूप से होर्डिंग लगे हैं उसके लिए जल्द ही अभियान चलाकर उसे हटवाया जाएगा।
-अवधेश भारती, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, खलीलाबाद
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