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मदरसों में दीनी तालीम के साथ दुनियावी तालीम जरुरी : अशफाक सैफी
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संभल। मदरसों में दीनी तालीम के साथ दुनियावी तालीम जरूरी है। मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों के एक हाथ में कुरान तो दूसरे में कंप्यूटर देने का काम प्रदेश सरकार कर रही है। अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चों को कामयाब होना है तो उन्हें दीनी तालीम के साथ-साथ हिंदी, अंग्रेजी, गणित और विज्ञान पढ़ना ही पढ़ेगा। उत्तर प्रदेश राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अशफाक सैफी ने प्रेसवार्ता में यह बातें कही।
संभल में चंदौसी रोड स्थित निरीक्षण भवन में गुरुवार को आयोजित प्रेसवार्ता में अशफाक सैफी ने कहा कि मदरसों में पढ़ने वाले अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों को सिविल सर्विसिज या फिर अन्य परीक्षाओं को पास करने के लिए दीनी तालीम के साथ दुनियावी तालीम का ज्ञान होना जरूरी है।
सबका साथ सबका विकास की नीति पर अग्रसर केंद्र और प्रदेश सरकार में सभी को न्याय मिल रहा है। तुष्टिकरण किसी का नहीं है। संभल में अधिकारियों के साथ बैठक कर अल्पसंख्यकों के हित के लिए चल रहीं योजनाओं की समीक्षा की है। प्रचार और प्रसार की कमी दिखने पर मातहतों को प्रसार प्रचार किए जाने के निर्देश दिए।
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अशफाक सैफी ने कहा कि विकास का मसौदा वोट का सौदा नहीं है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है तो निश्चित ही वोट भी सरकार को ही मिलेंगे। विकास का मुद्दा ही हमारा मुद्दा रहेगा।
अल्पसंख्यकों के लिए इस सरकार से ज्यादा काम किसी सरकार ने नहीं किए। जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर अशफाक सैफी बोले कि यह फायदेमंद रहेगा। छोटा परिवार सुखी परिवार होता है। देश भी तरक्की की राह पर आगे बढ़ेगा। इस दौरान भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल, इमरान तुर्की, सय्यद शान अली, यशपाल सिंह दक्ष आदि रहे।
अलीगढ़ में केवल राजनीतिक साजिश के तहत लग रहे पोस्टर
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ताकिर मंसूर द्वारा पूर्व सीएम कल्याण सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया गया था। इसका एएमयू में कुछ लोग विरोध कर रहे हैं। कैंपस में पोस्टर चिपकाने एवं संवेदना का विरोध करने के सवाल पर संभल में अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अशफाक सैफी ने कहा कि अलीगढ़ में जो पोस्टर लगाए जा रहे हैं, उसमें यह कहीं नहीं है कि यह अल्पसंख्यक वर्ग की ओर से लगाए गए हैं। केवल राजनीतिक साजिश के तहत कुछ लोग इस काम को अंजाम देकर भ्रम और वहम अल्पसंख्यक समाज में पैदा करना चाहते हैं, लेकिन कामयाब नहीं होंगे।
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संभल में चंदौसी रोड स्थित निरीक्षण भवन में गुरुवार को आयोजित प्रेसवार्ता में अशफाक सैफी ने कहा कि मदरसों में पढ़ने वाले अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों को सिविल सर्विसिज या फिर अन्य परीक्षाओं को पास करने के लिए दीनी तालीम के साथ दुनियावी तालीम का ज्ञान होना जरूरी है।
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सबका साथ सबका विकास की नीति पर अग्रसर केंद्र और प्रदेश सरकार में सभी को न्याय मिल रहा है। तुष्टिकरण किसी का नहीं है। संभल में अधिकारियों के साथ बैठक कर अल्पसंख्यकों के हित के लिए चल रहीं योजनाओं की समीक्षा की है। प्रचार और प्रसार की कमी दिखने पर मातहतों को प्रसार प्रचार किए जाने के निर्देश दिए।
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अशफाक सैफी ने कहा कि विकास का मसौदा वोट का सौदा नहीं है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है तो निश्चित ही वोट भी सरकार को ही मिलेंगे। विकास का मुद्दा ही हमारा मुद्दा रहेगा।
अल्पसंख्यकों के लिए इस सरकार से ज्यादा काम किसी सरकार ने नहीं किए। जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर अशफाक सैफी बोले कि यह फायदेमंद रहेगा। छोटा परिवार सुखी परिवार होता है। देश भी तरक्की की राह पर आगे बढ़ेगा। इस दौरान भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल, इमरान तुर्की, सय्यद शान अली, यशपाल सिंह दक्ष आदि रहे।
अलीगढ़ में केवल राजनीतिक साजिश के तहत लग रहे पोस्टर
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ताकिर मंसूर द्वारा पूर्व सीएम कल्याण सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया गया था। इसका एएमयू में कुछ लोग विरोध कर रहे हैं। कैंपस में पोस्टर चिपकाने एवं संवेदना का विरोध करने के सवाल पर संभल में अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अशफाक सैफी ने कहा कि अलीगढ़ में जो पोस्टर लगाए जा रहे हैं, उसमें यह कहीं नहीं है कि यह अल्पसंख्यक वर्ग की ओर से लगाए गए हैं। केवल राजनीतिक साजिश के तहत कुछ लोग इस काम को अंजाम देकर भ्रम और वहम अल्पसंख्यक समाज में पैदा करना चाहते हैं, लेकिन कामयाब नहीं होंगे।