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चंदे से किया गया सतीश का भी अंतिम संस्कार
अमर उजाला ब्यूरो/ संभल
Updated Mon, 17 Sep 2018 12:35 AM IST
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संभल। गरीबी से मां की मौत के सात दिन के अंतराल में सड़क हादसे में हुई इकलौते बेटे की मौत के बाद रविवार को ग्रामीणों और रिश्तेदारों की मदद से अंतिम संस्कार किया गया। प्रशासन की ओर से पारिवारिक लाभ योजना और भूमिहीन आश्रित योजना का लाभ दिलाने का भरोसा दिया गया।
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हयातनगर थाना क्षेत्र के गांव बेनीपुर चक में सात सितंबर को ब्रमा देवी की गरीबी से मौत हो गई थी जिसके अंतिम संस्कार के लिए परिवार के पास रुपये नहीं थे। रिश्तेदार और ग्रामीणों की मदद से अंतिम संस्कार किया गया था लेकिन दुर्भाग्यवश बरमा देवी के इकलौते बेटे सतीश की उस वक्त मौत हो गई जब वह अपने साले बलवीर संभल से वापस घर जा रहे थे। रास्ते में उन्हें बोलेरो ने टक्कर मार दी थी। हादसे में साला बलवीर गंभीर रूप से घायल हो गया था।
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वह अस्पताल में मौत से जूझ रहा है। अब इस परिवार में पांच बेटियों और एक बेटे के भरण पोषण के लिए संकट है। क्योंकि परिवार के पास न जमीन है और न ही मकान और गुजारे का कोई साधन और सहारा भी नहीं है। सतीश की सबसे बड़ी बेटी कुमकुम 13 वर्ष की है, जो अभी कमाने लायक नहीं है। इसके बाद बेटी धनीता (11 वर्ष), प्रांशी (8 वर्ष), पाली (6 वर्ष), कंचन (4 वर्ष) और बेटा शुभांशु (2 वर्ष) हैं। इन बच्चों के लिए मां रामकली ही सहारा बन सकती हैं पर फिलहाल तो रामकली भी सदमे में है।
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एक तरफ इस परिवार के सामने आर्थिक स्थिति कमजोर होने से समस्या है। अपनी जमीन भी नहीं है। घर भी जर्जर है। छत गिर चुकी है। दूसरी तरफ हादसे ने पति छीन लिया है।
उसका सगा भाई गंभीर अवस्था में दिल्ली ले जाया गया है। ऐसे में परिवार पर फिलहाल संकट ही संकट है। सरकार सहारा देती है तो राहत मिल सकती है।