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पहाड़ों पर बारिश से बढ़ा जलस्तर, जुनावई क्षेत्र में बाढ़ का खतरा, अलर्ट
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गुन्नौर में नरौरा बैराज पर बढ़ा गंगा का जलस्तर
- फोटो : CHANDAUSI
चंदौसी। पहाड़ी-मैदानी क्षेत्र में रुक रुक कर हो रही बारिश के कारण राजघाट में भी गंगा का जलस्तर धीरे धीरे बढ़ रहा है और बाढ़ का पानी जुनावई क्षेत्र के खादर क्षेत्र के गंगा किनारे के खेतों में घुस गया है। बाढ़ को लेकर प्रशासन ने अलर्ट घोषित कर दिया है। लोगों को गंगा किनारे के खेतों में न जाने की हिदायत दी गई है। गांवों में लेखपाल निगरानी के लिए तैनात कर दिए हैं। बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं।
पहाड़ी क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से रुक रुक कर बारिश हो रही है। इसका असर गंगा व अन्य नदियों में पर दिखाई दे रहा है। धीरे धीरे इनके जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। शनिवार को दोपहर में दो बजे नरौरा बैराज पर गंगा का जलस्तर 178.50 मीटर तक पहुंच गया। बैराज से एक लाख 42 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। पांच दिनों में गंगा में बाढ़ का पानी लगभग दो गुना बढ़ गया है।
एक लाख क्यूसेक पानी पर क्षेत्र में चेतावनी जारी कर दी जाती है। जुनावई के गंगा किनारे के गांव रघुपुर पुख्ता, सालिंग की मढ़ैया व अन्य गांवों के खेतों में बाढ़ का पानी आ गया है। बाढ़ के खतरे को देखकर प्रशासन ने अलर्ट घोषित कर दिया है। बाढ़ चौकियां पहले ही सक्रिय कर दी गईं थीं। अब गांवों में निगरानी के लिए लेखपाल लगाए गए हैं। ताकि किसान गंगा किनारे की ओर न जाएं।
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1.70 लाख क्यूसेक डिस्चार्ज होने पर आबादी तक आएगा पानी
गंगा में बाढ़ का पानी बढ़ रहा है। खेतों में पानी घुस गया है। नरौरा बैराज से यदि एक लाख सत्तर हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया, तो वहां रघुपुर पुख्ता, सालिंग की मढ़ैया में आबादी तक बाढ़ आ जाएगी।
ये गांव हैं बाढ़ प्रभावित
जुनावई क्षेत्र के गांव रघुपुर पुख्ता, सालिंग की मढ़ैया, बझांगी, तोतापुर, उडिया नगला, साधुमणि, भाबरु की मढ़ैया, मैंगरा बाढ़ प्रभावित गांव हैं।
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पहाड़ी क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से रुक रुक कर बारिश हो रही है। इसका असर गंगा व अन्य नदियों में पर दिखाई दे रहा है। धीरे धीरे इनके जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। शनिवार को दोपहर में दो बजे नरौरा बैराज पर गंगा का जलस्तर 178.50 मीटर तक पहुंच गया। बैराज से एक लाख 42 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। पांच दिनों में गंगा में बाढ़ का पानी लगभग दो गुना बढ़ गया है।
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एक लाख क्यूसेक पानी पर क्षेत्र में चेतावनी जारी कर दी जाती है। जुनावई के गंगा किनारे के गांव रघुपुर पुख्ता, सालिंग की मढ़ैया व अन्य गांवों के खेतों में बाढ़ का पानी आ गया है। बाढ़ के खतरे को देखकर प्रशासन ने अलर्ट घोषित कर दिया है। बाढ़ चौकियां पहले ही सक्रिय कर दी गईं थीं। अब गांवों में निगरानी के लिए लेखपाल लगाए गए हैं। ताकि किसान गंगा किनारे की ओर न जाएं।
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1.70 लाख क्यूसेक डिस्चार्ज होने पर आबादी तक आएगा पानी
गंगा में बाढ़ का पानी बढ़ रहा है। खेतों में पानी घुस गया है। नरौरा बैराज से यदि एक लाख सत्तर हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया, तो वहां रघुपुर पुख्ता, सालिंग की मढ़ैया में आबादी तक बाढ़ आ जाएगी।
ये गांव हैं बाढ़ प्रभावित
जुनावई क्षेत्र के गांव रघुपुर पुख्ता, सालिंग की मढ़ैया, बझांगी, तोतापुर, उडिया नगला, साधुमणि, भाबरु की मढ़ैया, मैंगरा बाढ़ प्रभावित गांव हैं।