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खूनी संघर्ष में मामा की जान गई, सात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज
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संभल के सिरसी में खूनी संघर्ष के बाद मौके पर तैनात पुलिस।
- फोटो : SAMBHAL
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संभल। सिरसी में रिश्तेदारों के बीच आपसी संबंध इस तरह बिगड़े कि सोमवार की सुबह खूनी संघर्ष हो गया। एक पक्ष की ओर से जानलेवा हमला किया गया। बचाव में दूसरे पक्ष ने भी लाठी-डंडे चलाए। एक बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें जिला अस्पताल में डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया गया। दोनों पक्षों के सात लोग भी घायल हुए हैं, जिनका उपचार चल रहा है। सीओ ने जिला अस्पताल पहुंचकर पीड़ित के परिजनों से जानकारी ली। सात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। घटनास्थल पर पुलिस बल तैनात किया गया।
नखासा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिरसी चौकी क्षेत्र के मोहल्ला शर्की निवासी मोहम्मद अब्बास उर्फ कल्लू व जौहर अली रिश्ते में मामा-भांजे हैं। एक वैवाहिक संबंध टूटने के बाद दोनों परिवारों के बीच विवाद चला आ रहा है। सोमवार की सुबह दस बजे कल्लू मजलिस से घर लौट रहे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ जिसमें कल्लू की जान गई है। इस संबंध में दर्ज रिपोर्ट में कहा गया है कि कल्लू को रास्ते को रोककर जौहर पक्ष के लोगों ने गाली-गलौज की। कुछ लोगों ने बीच-बचाव करा दिया। उसके बाद कल्लू अपने घर आए गए। पीछे से उन पर जान से मारने की नीयत से लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
आरोप फायरिंग और धारदार हथियारों के इस्तेमाल का भी है। इसी हमले में मोहम्मद अब्बास उर्फ कल्लू (62) पुत्र हसनेन गंभीर रूप से घायल हो गए। मोहम्मद अब्बास के परिजनों का कहना है कि बचाव करने आए फराज अब्बास, तकल्लुम, अमवर को भी मारपीट कर घायल कर दिया। घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। जहां डाक्टरों ने कल्लू को मृत घोषित किया है। पुलिस क्षेत्राधिकारी केके सरोज और नखासा के प्रभारी प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह धामा जिला अस्पताल पहुंचे। पीड़ित के परिजनों से जानकारी ली। कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया।
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थाने के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि हत्या के आरोप में जौहर अली, सादिक अली, रहबर मेहंदी, गौहर अब्बास, शमशुल हसन और मोहम्मद नवी को नामजद किया गया है। वहीं दूसरे पक्ष से शमशुल और सादिक ज्यादा घायल हैं जबकि गौहर, रहबर को कम चोटें आईं हैं। यह लोग पुलिस में शिकायत करने गए थे। जब अस्पताल में कल्लू की मौत हुई तो पुलिस ने फिर चारों लोगों को रोक लिया।
दूसरे पक्ष से भी हैं घायल
संभल। दूसरे पक्ष से जौहर अली का कहना है कि वह तो घटना में थे ही नहीं, जबकि झगड़े में उनके पक्ष के लोग घायल हुए हैं। घायल होने के बाद उनके पक्ष से शमशुल, सादिक अली, रहबर अली और गौहर अब्बास थाने गए थे। इसमें शमुशल और सादिक को गंभीर चोट है लेकिन पुलिस ने इस पक्ष की कोई सुनवाई नहीं की और न ही रिपोर्ट दर्ज की। ऐसे में न्याय कैसे होगा।
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नखासा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिरसी चौकी क्षेत्र के मोहल्ला शर्की निवासी मोहम्मद अब्बास उर्फ कल्लू व जौहर अली रिश्ते में मामा-भांजे हैं। एक वैवाहिक संबंध टूटने के बाद दोनों परिवारों के बीच विवाद चला आ रहा है। सोमवार की सुबह दस बजे कल्लू मजलिस से घर लौट रहे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ जिसमें कल्लू की जान गई है। इस संबंध में दर्ज रिपोर्ट में कहा गया है कि कल्लू को रास्ते को रोककर जौहर पक्ष के लोगों ने गाली-गलौज की। कुछ लोगों ने बीच-बचाव करा दिया। उसके बाद कल्लू अपने घर आए गए। पीछे से उन पर जान से मारने की नीयत से लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
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आरोप फायरिंग और धारदार हथियारों के इस्तेमाल का भी है। इसी हमले में मोहम्मद अब्बास उर्फ कल्लू (62) पुत्र हसनेन गंभीर रूप से घायल हो गए। मोहम्मद अब्बास के परिजनों का कहना है कि बचाव करने आए फराज अब्बास, तकल्लुम, अमवर को भी मारपीट कर घायल कर दिया। घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। जहां डाक्टरों ने कल्लू को मृत घोषित किया है। पुलिस क्षेत्राधिकारी केके सरोज और नखासा के प्रभारी प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह धामा जिला अस्पताल पहुंचे। पीड़ित के परिजनों से जानकारी ली। कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया।
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थाने के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि हत्या के आरोप में जौहर अली, सादिक अली, रहबर मेहंदी, गौहर अब्बास, शमशुल हसन और मोहम्मद नवी को नामजद किया गया है। वहीं दूसरे पक्ष से शमशुल और सादिक ज्यादा घायल हैं जबकि गौहर, रहबर को कम चोटें आईं हैं। यह लोग पुलिस में शिकायत करने गए थे। जब अस्पताल में कल्लू की मौत हुई तो पुलिस ने फिर चारों लोगों को रोक लिया।
दूसरे पक्ष से भी हैं घायल
संभल। दूसरे पक्ष से जौहर अली का कहना है कि वह तो घटना में थे ही नहीं, जबकि झगड़े में उनके पक्ष के लोग घायल हुए हैं। घायल होने के बाद उनके पक्ष से शमशुल, सादिक अली, रहबर अली और गौहर अब्बास थाने गए थे। इसमें शमुशल और सादिक को गंभीर चोट है लेकिन पुलिस ने इस पक्ष की कोई सुनवाई नहीं की और न ही रिपोर्ट दर्ज की। ऐसे में न्याय कैसे होगा।