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Sambhal News: कुत्तों के हमले में बच्ची की मौत के बाद ग्रामीणों में दहशत, बच्चे घरों में कैद
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संभल। गांव पौटा निवासी बंटी की नौ वर्षीय बेटी रिया गौतम की कुत्तों के हमले में मौत के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने अपने बच्चों को घरों से बाहर तक नहीं निकलने दिया। वहीं, सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद रिया का शव घर पहुंचा तो परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया। गांव के भी तमाम लोग एकत्र हो गए। लोगों ने बच्ची की मौत पर अफसोस जाहिर किया। साथ ही प्रशासन से खुंखार कुत्तों को पकड़वाने की मांग उठाई है। कहा है कि जिस तरह बच्ची को नोच नोचकर बुरी तरह मारा है। ऐसी घटना किसी दूसरे बच्चे के साथ न हो। इसके लिए प्रशासन को जल्द कदम उठाना चाहिए।
रविवार की शाम कुत्तों के झुंड ने रिया पर हमला किया था। करीब 20 मीटर दूर गेहूं के खेत में खींचकर ले गए थे। शरीर से मांस नोच लिया था। बायां हाथ और पैर शरीर से अलग कर दिया था। इस घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। जिस स्थान पर कुत्तों ने बच्ची पर हमला किया था, वहां से लोग निकल भी नहीं रहे हैं। गांव में पहले भी कई लोगों को कुत्ते काटकर लहूलुहान कर चुके हैं। बच्ची के चाचा का कहना है कि यह कुत्ते अब ज्यादा खुंखार हो चुके हैं। यदि नहीं पकड़े गए तो किसी दूसरे बच्चे को शिकार बना सकते हैं।
इनकी भी सुनो-
मई के महीने में कुत्ताें के झुंड ने मुझ पर हमला किया था। शरीर में जख्म हो गए थे। खेत पर जाते समय हमला किया था। गांव के लोगों ने बमुश्किल बचाया था। यदि वह नहीं बचाते तो कुत्ते मेरी जान भी ले सकते थे।
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मंजीत, गांव पौटा
गांव में कई लोगाें को पहले भी कुत्तों ने काट लिया है। बच्ची की मौत के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। बच्चाें को घर से नहीं निकलने दिया जा रहा है। जो बच्चे निकल रहे हैं, उनकी निगरानी घर के लोग कर रहे हैं।
गुड्डू, गांव पौटा।
हमारी भतीजी को कुत्तों ने हमला कर मार दिया है। गांव के कई लोगाें पर कुत्तों ने हमला कर दिया है। 12 से 13 कुत्ते हर समय गांव में घूमते रहते हैं। वह अब लोगों के लिए खतरा बन गए हैं। प्रशासन इन कुत्तों को पकड़वाए। तभी समस्या का समाधान होगा।
देवपाल, गांव पौटा।
हमारी भतीजी के साथ जो घटना हुई है वह किसी बच्चे के साथ न हो। इन खुंखार कुत्तों को पकड़वाना चाहिए। बच्चों का घर से निकलना बंद हो गया है। अब हमारी बच्ची पर हमला किया है। किसी दूसरे बच्चे पर भी यह हमला कर सकते हैं। इनका पकड़ना जरूरी है।
पुष्पेंद्र, गांव पौटा।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- पंचायतराज विभाग और पशु पालन विभाग की संयुक्त टीम कुत्तों को पकड़ने के लिए कार्रवाई करेगी। इसके लिए निर्देश जारी हो गए हैं। जल्द ही गांव के लोगों की समस्या का समाधान किया जाएगा।
गोरखनाथ भट्ट, सीडीओ, संभल
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रविवार की शाम कुत्तों के झुंड ने रिया पर हमला किया था। करीब 20 मीटर दूर गेहूं के खेत में खींचकर ले गए थे। शरीर से मांस नोच लिया था। बायां हाथ और पैर शरीर से अलग कर दिया था। इस घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। जिस स्थान पर कुत्तों ने बच्ची पर हमला किया था, वहां से लोग निकल भी नहीं रहे हैं। गांव में पहले भी कई लोगों को कुत्ते काटकर लहूलुहान कर चुके हैं। बच्ची के चाचा का कहना है कि यह कुत्ते अब ज्यादा खुंखार हो चुके हैं। यदि नहीं पकड़े गए तो किसी दूसरे बच्चे को शिकार बना सकते हैं।
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इनकी भी सुनो-
मई के महीने में कुत्ताें के झुंड ने मुझ पर हमला किया था। शरीर में जख्म हो गए थे। खेत पर जाते समय हमला किया था। गांव के लोगों ने बमुश्किल बचाया था। यदि वह नहीं बचाते तो कुत्ते मेरी जान भी ले सकते थे।
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मंजीत, गांव पौटा
गांव में कई लोगाें को पहले भी कुत्तों ने काट लिया है। बच्ची की मौत के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। बच्चाें को घर से नहीं निकलने दिया जा रहा है। जो बच्चे निकल रहे हैं, उनकी निगरानी घर के लोग कर रहे हैं।
गुड्डू, गांव पौटा।
हमारी भतीजी को कुत्तों ने हमला कर मार दिया है। गांव के कई लोगाें पर कुत्तों ने हमला कर दिया है। 12 से 13 कुत्ते हर समय गांव में घूमते रहते हैं। वह अब लोगों के लिए खतरा बन गए हैं। प्रशासन इन कुत्तों को पकड़वाए। तभी समस्या का समाधान होगा।
देवपाल, गांव पौटा।
हमारी भतीजी के साथ जो घटना हुई है वह किसी बच्चे के साथ न हो। इन खुंखार कुत्तों को पकड़वाना चाहिए। बच्चों का घर से निकलना बंद हो गया है। अब हमारी बच्ची पर हमला किया है। किसी दूसरे बच्चे पर भी यह हमला कर सकते हैं। इनका पकड़ना जरूरी है।
पुष्पेंद्र, गांव पौटा।
गोरखनाथ भट्ट, सीडीओ, संभल