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सजा के डर से वाहन चालक ने की आत्महत्या
ब्यूरो / अमर उजाला, संभ्ाल
Updated Wed, 11 Jul 2018 02:12 AM IST
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घटना स्थल का निरीक्षण करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
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पंद्रह साल पहले बदायूं जिले में फैजगंज बेहटा थाना पुलिस ने एक कार से डोडा चूर्ण बरामद किया। जिसमें शहर के ही एक आरोपी के साथ कार में बैठे हुए बदन सिंह को भी पकड़ लिया। जिंदगी में पहली बार पहले मुकदमे में फंसा बदन सिंह पंद्रह सालों से भयग्रस्त था। कुछ समय पहले ही जब दूसरे आरोपी को दस साल की सजा हुई तो उसने बचने के लिए दौड़ भाग शुरू की, लेकिन किसी ने उससे उसे बचाने के लिए पचास हजार रुपये की मांग कर दी। जिसकी व्यवस्था नहीं हो पाने की स्थिति 42 वर्षीय बदन सिंह ने मंगलवार को फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली।
शहर के सेमरटोला गुलडेरा रोड निवासी बदन सिंह (42) छोटी गाड़ियों का चालक है। कभी किसी की तो कभी किसी की गाड़ी चलाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। पंद्रह साल पहले जब वह एक कार्य से बदायूं जा रहा था तो फैजगंज बेहटा थाना पुलिस ने एक कार को रोका। उसमें 1.400 किग्रा डोडा चूर्ण बरामद हुआ। गणेश कालोनी के अनिल व एक अन्य के साथ उसे भी पकड़ लिया। तीनों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा लिख दिया। अनिल व उसके साथी पर पहले से भी एनडीपीएस के मुकदमे लिखे गए, लेकिन बदन सिंह पर उसकी जिंदगी पर पहला ही मुकदमा था। कुछ दिन पहले ही अनिल व उसके साथी को दस साल की सजा हो गई।
जिसकी जानकारी बदन सिंह को लगी तो उसके होश फाख्ता हो गए। उसे लगा कि अब उसे भी सजा हो जाएगी। वह शुरू से ही कह रहा था कि वह तो बिना किसी परिचय के किराया देकर कार में बैठ गया था। उसे नहीं मालूम कि डोडा चूर्ण कौन लाया। फिलहाल के सजा के भय से वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। बदायूं गया तो वहां किसी ने कहा कि मुकदमे में सजा से बचना है तो 50 हजार रुपये लाकर दो। वह घर आकर रुपये की जुगाड़ में लग गया, लेकिन व्यवस्था नहीं हो सकी।
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मंगलवार की सुबह दस बजे वह बरेली में भाई से रुपये लाने के लिए कहकर चला, लेकिन घर से निकलते ही शायद इरादा बदल दिया। उसने आत्महत्या कर ली। पूर्वाह्न 11.30 बजे उसका शव गुलडेरा मार्ग पर ही रस्सी के फंदे पर लटका मिला। खबर फैलते ही मौके पर भीड़ लग गई। पहचान होने पर परिजन भी मौके पर पहुंच गई। कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को उतारा। पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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शहर के सेमरटोला गुलडेरा रोड निवासी बदन सिंह (42) छोटी गाड़ियों का चालक है। कभी किसी की तो कभी किसी की गाड़ी चलाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। पंद्रह साल पहले जब वह एक कार्य से बदायूं जा रहा था तो फैजगंज बेहटा थाना पुलिस ने एक कार को रोका। उसमें 1.400 किग्रा डोडा चूर्ण बरामद हुआ। गणेश कालोनी के अनिल व एक अन्य के साथ उसे भी पकड़ लिया। तीनों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा लिख दिया। अनिल व उसके साथी पर पहले से भी एनडीपीएस के मुकदमे लिखे गए, लेकिन बदन सिंह पर उसकी जिंदगी पर पहला ही मुकदमा था। कुछ दिन पहले ही अनिल व उसके साथी को दस साल की सजा हो गई।
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जिसकी जानकारी बदन सिंह को लगी तो उसके होश फाख्ता हो गए। उसे लगा कि अब उसे भी सजा हो जाएगी। वह शुरू से ही कह रहा था कि वह तो बिना किसी परिचय के किराया देकर कार में बैठ गया था। उसे नहीं मालूम कि डोडा चूर्ण कौन लाया। फिलहाल के सजा के भय से वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। बदायूं गया तो वहां किसी ने कहा कि मुकदमे में सजा से बचना है तो 50 हजार रुपये लाकर दो। वह घर आकर रुपये की जुगाड़ में लग गया, लेकिन व्यवस्था नहीं हो सकी।
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मंगलवार की सुबह दस बजे वह बरेली में भाई से रुपये लाने के लिए कहकर चला, लेकिन घर से निकलते ही शायद इरादा बदल दिया। उसने आत्महत्या कर ली। पूर्वाह्न 11.30 बजे उसका शव गुलडेरा मार्ग पर ही रस्सी के फंदे पर लटका मिला। खबर फैलते ही मौके पर भीड़ लग गई। पहचान होने पर परिजन भी मौके पर पहुंच गई। कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को उतारा। पोस्टमार्टम के लिए भेजा।