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हाईवे किनारे सो रहे पिता-पुत्र समेत तीन लोगों को ट्रक ने रौंदा
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बागपत जिले के ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर बड़ागांव अंडरपास के पास संभल जिले के पिता-पुत्र समेत तीन लोगों को ट्रक ने रौंद दिया। अन्य चार लोग सुरक्षित बच गए। सभी ट्रक में मूढ़े लादकर पंजाब के बंटिडा में बेचने जा रहे थे।
ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे पर मंगलवार सुबह करीब पांच बजे बड़ागांव अंडरपास के पास ट्रक के नीचे सोते हुए संभल जिले के ऐंचोड़ा कंबोह थाना क्षेत्र के गांव मूढ़ों वाली मिलक के निवासी प्रेमचंद (55), उसके बेटे शोभित (30), प्रेमचंद के भाई थान सिंह (60) को ट्रक ने कुचल दिया। पुलिस के अनुसार ये तीनों परिवार के अन्य सदस्यों अनिल, अशोक व शेखर के साथ पंजाब के रहने वाले चालक दीपक के किराए के ट्रक में मूढ़ों लादकर संभल से पंजाब जा रहे थे। ट्रक चालक दीपक को नींद आने लगी तो वह ट्रक को एक्सप्रेसवे पर किनारे खड़ा कर उसकी सीट पर सो गया। थान सिंह, उसका भाई प्रेमचंद व शोभित ट्रक के पिछले हिस्से के नीचे कपड़ा बिछाकर सो गए। जबकि अनिल, अशोक व शेखर तीनों कुछ दूरी पर खड़े होकर बीड़ी पीने लगे।
उसी समय गाजियाबाद की तरफ से आए ट्रक ने उनके ट्रक को टक्कर मार दी और ट्रक के नीचे सो रहे तीनों लोगों को कुचल दिया। जिससे तीनों की मौत हो गई। हादसे के बाद आरोपी ट्रक चालक ट्रक लेकर फरार हो गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने सभी के शव पोस्टमार्टम को भेजे। सीओ खेकड़ा विजय चौधरी ने बताया कि मुकदमा दर्ज करके आरोपी ट्रक चालक को तलाश किया जा रहा है।
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बेटियों की शादी करने के लिए दोबारा शुरू किया था प्रेमचंद्र ने कामकाज
संभल। प्रेमचंद्र के परिवार में चार बेटे और दो बेटियां हैं। सबसे बड़ा बेटा अनिल है, उससे छोटा सुनील जबकि योगेश तीसरे नंबर का है। हादसे में पिता के साथ जान गंवाने वाला शोभित चौथे नंबर का सबसे बेटा था। गांव वालों ने बताया कि सभी बेटों की शादी हो गई है। इसके बाद यह अलग हो गए। ऐसे में दो बेटी मीरा और रेशू की शादी की जिम्मेदारी प्रेमचंद्र को उठानी थी। इस वजह से ही उन्होंने दोबारा मूढ़े बेचने का काम शुरू किया था। शोभित की पत्नी मोनिका और डेढ़ वर्षीय मासूम दीप के पालन-पोषण पर संकट के बादल छा गए हैं।
भूमिहीन है प्रेमचंद्र का परिवार, मूढ़े बेचकर कर रहा है परिवार का पालन-पोषण
संभल। यूं तो प्रेमचंद्र के परिवार में छह लोग हैं लेकिन गुजारे के लिए मूढ़े बेचना ही एक काम है। क्योंकि परिवार भूमिहीन है। बताते हैं कि प्रेमचंद्र के पास आधा बीघा जमीन है लेकिन उसमें कुछ हो नहीं पाता। जिस कारण जीविका का जरिया एक मात्र यही काम था।
रोजी-रोटी की तलाश में निकले पिता-पुत्र की मौत से गांव में है मातमी माहौल
संभल। रोजी-रोटी की तलाश के लिए निकले पिता-पुत्र की हादसे में जान जाने की सूचना गांव में हुई तो मातम पसर गया। हर किसी को इस बात का दुख था कि पिता पर दो बेटियों की शादी की जिम्मेदारी थी और बेटे पर अपने परिवार की। इस हादसे की सूचना जिसको हुई वह पीड़ित परिवार के घर पहुुंच गया। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। परिवार के लोग वक्त को कोसते दिखाई दिए।
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ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे पर मंगलवार सुबह करीब पांच बजे बड़ागांव अंडरपास के पास ट्रक के नीचे सोते हुए संभल जिले के ऐंचोड़ा कंबोह थाना क्षेत्र के गांव मूढ़ों वाली मिलक के निवासी प्रेमचंद (55), उसके बेटे शोभित (30), प्रेमचंद के भाई थान सिंह (60) को ट्रक ने कुचल दिया। पुलिस के अनुसार ये तीनों परिवार के अन्य सदस्यों अनिल, अशोक व शेखर के साथ पंजाब के रहने वाले चालक दीपक के किराए के ट्रक में मूढ़ों लादकर संभल से पंजाब जा रहे थे। ट्रक चालक दीपक को नींद आने लगी तो वह ट्रक को एक्सप्रेसवे पर किनारे खड़ा कर उसकी सीट पर सो गया। थान सिंह, उसका भाई प्रेमचंद व शोभित ट्रक के पिछले हिस्से के नीचे कपड़ा बिछाकर सो गए। जबकि अनिल, अशोक व शेखर तीनों कुछ दूरी पर खड़े होकर बीड़ी पीने लगे।
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उसी समय गाजियाबाद की तरफ से आए ट्रक ने उनके ट्रक को टक्कर मार दी और ट्रक के नीचे सो रहे तीनों लोगों को कुचल दिया। जिससे तीनों की मौत हो गई। हादसे के बाद आरोपी ट्रक चालक ट्रक लेकर फरार हो गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने सभी के शव पोस्टमार्टम को भेजे। सीओ खेकड़ा विजय चौधरी ने बताया कि मुकदमा दर्ज करके आरोपी ट्रक चालक को तलाश किया जा रहा है।
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बेटियों की शादी करने के लिए दोबारा शुरू किया था प्रेमचंद्र ने कामकाज
संभल। प्रेमचंद्र के परिवार में चार बेटे और दो बेटियां हैं। सबसे बड़ा बेटा अनिल है, उससे छोटा सुनील जबकि योगेश तीसरे नंबर का है। हादसे में पिता के साथ जान गंवाने वाला शोभित चौथे नंबर का सबसे बेटा था। गांव वालों ने बताया कि सभी बेटों की शादी हो गई है। इसके बाद यह अलग हो गए। ऐसे में दो बेटी मीरा और रेशू की शादी की जिम्मेदारी प्रेमचंद्र को उठानी थी। इस वजह से ही उन्होंने दोबारा मूढ़े बेचने का काम शुरू किया था। शोभित की पत्नी मोनिका और डेढ़ वर्षीय मासूम दीप के पालन-पोषण पर संकट के बादल छा गए हैं।
भूमिहीन है प्रेमचंद्र का परिवार, मूढ़े बेचकर कर रहा है परिवार का पालन-पोषण
संभल। यूं तो प्रेमचंद्र के परिवार में छह लोग हैं लेकिन गुजारे के लिए मूढ़े बेचना ही एक काम है। क्योंकि परिवार भूमिहीन है। बताते हैं कि प्रेमचंद्र के पास आधा बीघा जमीन है लेकिन उसमें कुछ हो नहीं पाता। जिस कारण जीविका का जरिया एक मात्र यही काम था।
रोजी-रोटी की तलाश में निकले पिता-पुत्र की मौत से गांव में है मातमी माहौल
संभल। रोजी-रोटी की तलाश के लिए निकले पिता-पुत्र की हादसे में जान जाने की सूचना गांव में हुई तो मातम पसर गया। हर किसी को इस बात का दुख था कि पिता पर दो बेटियों की शादी की जिम्मेदारी थी और बेटे पर अपने परिवार की। इस हादसे की सूचना जिसको हुई वह पीड़ित परिवार के घर पहुुंच गया। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। परिवार के लोग वक्त को कोसते दिखाई दिए।