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स्कूल जा रहे छात्र की ट्रैक्टर से गिरकर मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Wed, 03 Aug 2016 12:42 AM IST
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उधर, कुछ असरदार लोगों ने पीड़ित को थाने जाने से रोक दिया और दबाव बनाकर दोनों पक्षों में समझौता करा दिया।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक और स्कूल प्रबंधन कितना संजीदा है। इसकी पोल मंगलवार को हुए हादसे ने खोल दी। प्रशासन की ओर से स्कूली वाहनों की जांच के लिए चलाए जाने वाले अभियानों की सच्चाई सामने आ गई। कासमपुर मुगावर के एक निजी स्कूल में फत्तेपुरसराय समेत कई गांवों के बच्चे पढ़ने जाते हैं।
इनको ट्रैक्टर-ट्राली से स्कूल लाया और वापस घर छोड़ा जाता है। रोजाना की तरह फत्तेपुरसराय केबच्चे मंगलवार की सुबह 8.15 बजे ट्रैक्टर- ट्राली में बैठे। ट्राली में 50-60 बच्चे थे लेकिन तीन चार बच्चे ट्रैक्टर में चालक के पड़ोस में बैठ गए। ट्रैक्टर पर बैठे बच्चों में फत्तेपुरसराय निवासी हरीशकुमार का बेटा यशराज (11 वर्ष) भी था। वह कक्षा छह में पढ़ता था। छछेरा मोड़ की ढलान पर अचानक ट्रैक्टर अंसतुलित हो गया, इससे यशराज गिरकर ट्रैक्टर के पहिये के नीचे आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। यह देखकर ट्रैक्टर चालक के होश उड़ गए। बच्चे चीखने और रोने लगे, लेकिन ट्रैक्टर चालक का दिल नहीं पसीजा।
बच्चे को अस्पताल ले जाने या इलाज कराने के बजाय उसने छात्र की छह वर्षीय बहन को भी वहीं उतार दिया। इसके बाद बच्चे को घायलावस्था में छोड़कर ट्रैक्टर समेत भाग गया। इसके बाद वह ट्रैक्टर को लेकर स्कूल पहुंचा और बच्चों को उतार कर बिना किसी को कुछ बताए वहां से फरार हो गया क्योंकि उसे अभिभावकों के आक्रोश का भय था। इसी बीच किसी राहगीर ने हादसा देखा। हादसे की खबर परिजनों को देने के साथ-साथ वह घायल को लेकर फत्तेपुरसराय चौराहे पर पहुंचा। कुछ ही देर में परिजन भी पहुंच गए। इसके बाद बच्चे को लेकर संभल के लिए चले लेकिन रास्ते में बच्चे ने दम तोड़ दिया।
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स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक और स्कूल प्रबंधन कितना संजीदा है। इसकी पोल मंगलवार को हुए हादसे ने खोल दी। प्रशासन की ओर से स्कूली वाहनों की जांच के लिए चलाए जाने वाले अभियानों की सच्चाई सामने आ गई। कासमपुर मुगावर के एक निजी स्कूल में फत्तेपुरसराय समेत कई गांवों के बच्चे पढ़ने जाते हैं।
इनको ट्रैक्टर-ट्राली से स्कूल लाया और वापस घर छोड़ा जाता है। रोजाना की तरह फत्तेपुरसराय केबच्चे मंगलवार की सुबह 8.15 बजे ट्रैक्टर- ट्राली में बैठे। ट्राली में 50-60 बच्चे थे लेकिन तीन चार बच्चे ट्रैक्टर में चालक के पड़ोस में बैठ गए। ट्रैक्टर पर बैठे बच्चों में फत्तेपुरसराय निवासी हरीशकुमार का बेटा यशराज (11 वर्ष) भी था। वह कक्षा छह में पढ़ता था। छछेरा मोड़ की ढलान पर अचानक ट्रैक्टर अंसतुलित हो गया, इससे यशराज गिरकर ट्रैक्टर के पहिये के नीचे आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। यह देखकर ट्रैक्टर चालक के होश उड़ गए। बच्चे चीखने और रोने लगे, लेकिन ट्रैक्टर चालक का दिल नहीं पसीजा।
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बच्चे को अस्पताल ले जाने या इलाज कराने के बजाय उसने छात्र की छह वर्षीय बहन को भी वहीं उतार दिया। इसके बाद बच्चे को घायलावस्था में छोड़कर ट्रैक्टर समेत भाग गया। इसके बाद वह ट्रैक्टर को लेकर स्कूल पहुंचा और बच्चों को उतार कर बिना किसी को कुछ बताए वहां से फरार हो गया क्योंकि उसे अभिभावकों के आक्रोश का भय था। इसी बीच किसी राहगीर ने हादसा देखा। हादसे की खबर परिजनों को देने के साथ-साथ वह घायल को लेकर फत्तेपुरसराय चौराहे पर पहुंचा। कुछ ही देर में परिजन भी पहुंच गए। इसके बाद बच्चे को लेकर संभल के लिए चले लेकिन रास्ते में बच्चे ने दम तोड़ दिया।
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