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Sambhal News: मौसम के बदलाव से बच्चों में बढ़ा गले में संक्रमण
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चंदौसी। मौसम में बदलाव का असर लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है। इससे उनमें गले का संक्रमण की समस्या बढ़ गई है। सीएचसी में रोजाना 40 से 50 के बीच ऐसे मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। इनमें ज्यादातर संख्या पांच से दस साल तक के बच्चों की है।
चिकित्सक दवा के साथ ठंडी चीजों के परहेज करने की सलाह दे रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि टॉन्सिल की समस्या आम है, जो मौसम में बदलाव से हो जाती है।
इन दिनों सुबह- शाम की ठंड और दोपहर में तेज धूप निकल रही है। ऐसे में बड़ों के साथ- साथ बच्चे भी लापरवाह हो जाते हैं। ऐसे मौसम में अधिकांश लोग सर्दी को लेकर लापरवाही बरतने लगते हैं।
साथ ही ठंडी चीजों का सेवन करना शुरू कर देते हैं। ऐसे में गलसुआ यानी टॉन्सिल की बीमारी उन्हें अपनी चपेट में ले लेती है। सीएचसी के सीएमएस डॉ. हरवेंद्र सिंह ने बताया कि टॉन्सिल के 50 के करीब मरीज रोजाना सीएचसी आ रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या ज्यादा हे। बताया कि मौसम में बदलाव के कारण लोग ठंडी चीजों का सेवन करने से परहेज नहीं करते। जिससे उन्हें यह समस्या हो जाती है।
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बताया कि गलसुआ एक बैक्टीरिया जनित रोग है। इससे पीड़ित मरीज के गले के दोनों ओर या एक ओर सूजन हो जाती है। साथ ही गले में दर्द, चेहरे पर सूजन, भूख न लगना, पलटी होना आदि परेशानी होती है। ऐसे मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है। शरीर को गर्म कपड़ों से ढककर रखें। ठंडी चीजों का सेवन न करें। सूजन होने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाएं।
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चिकित्सक दवा के साथ ठंडी चीजों के परहेज करने की सलाह दे रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि टॉन्सिल की समस्या आम है, जो मौसम में बदलाव से हो जाती है।
इन दिनों सुबह- शाम की ठंड और दोपहर में तेज धूप निकल रही है। ऐसे में बड़ों के साथ- साथ बच्चे भी लापरवाह हो जाते हैं। ऐसे मौसम में अधिकांश लोग सर्दी को लेकर लापरवाही बरतने लगते हैं।
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साथ ही ठंडी चीजों का सेवन करना शुरू कर देते हैं। ऐसे में गलसुआ यानी टॉन्सिल की बीमारी उन्हें अपनी चपेट में ले लेती है। सीएचसी के सीएमएस डॉ. हरवेंद्र सिंह ने बताया कि टॉन्सिल के 50 के करीब मरीज रोजाना सीएचसी आ रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या ज्यादा हे। बताया कि मौसम में बदलाव के कारण लोग ठंडी चीजों का सेवन करने से परहेज नहीं करते। जिससे उन्हें यह समस्या हो जाती है।
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बताया कि गलसुआ एक बैक्टीरिया जनित रोग है। इससे पीड़ित मरीज के गले के दोनों ओर या एक ओर सूजन हो जाती है। साथ ही गले में दर्द, चेहरे पर सूजन, भूख न लगना, पलटी होना आदि परेशानी होती है। ऐसे मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है। शरीर को गर्म कपड़ों से ढककर रखें। ठंडी चीजों का सेवन न करें। सूजन होने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाएं।