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स्टाक भरपूर फिर भी आलू के दामों में लगी आग

Wed, 15 Jun 2016 01:21 AM IST
राकेश कुमार/अमर उजाला संभल
राकेश कुमार/अमर उजाला संभल Updated Wed, 15 Jun 2016 01:21 AM IST
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तेल, काला चना, मूंग, दाल चना, अरहर, मलका, मसूर, की दाल 20 फीसदी जबकि उड़द, राजमाह की दाल के दाम दस फीसदी गिर गए हैं।
दालों की महंगाई पहले ही आम आदमी की छाती पर मूंग दल रही थी अब आलू ने भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सीजन में आठ से दस रुपये प्रति किलोग्राम मिलने वाला आलू अब 16-20 रुपये प्रति किलोग्राम मिल रहा है। इससे लोगों को महंगा आलू खरीदना पड़ रहा है। गरीबों की थाली से आलू गायब होने लगा है। कोल्ड स्टोरेज में पर्याप्त आलू है। लेकिन भाव और चढ़ने की उम्मीद में इसे कम निकाला जा रहा है। अगले कुछ महीनों में आलू का दाम और चढ़ने की आशंका जताई जा रही है। 
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न तो पैदावार कम हुई है और न ही भंडारण में कोई कमी है। अकेले संभल के 34 कोल्डस्टोरेज में 2.32 लाख मीट्रिक टन आलू का स्टाक है। इतना बड़ा भंडारण होने के बाद भी सीजन के दो महीने बाद ही आलू के दाम आसमान छूने लगे हैं।  फिलहाल की जो स्थिति है, उसमें आम आदमी के लिए आलू 16-20 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है।
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कारोबारियों की मानें तो यह अभी शुरुआत है। आलू थोक में बीस रुपये प्रति किलोग्राम तक जा सकता है। आम आदमी को तब और महंगा खरीदना पड़ेगा। वहीं, यही आलू सीजन में 6-7 रुपये प्रति किलोग्राम था। कुछ दिनों तक इसे कोल्ड स्टोरेज में रखने के बाद अब महंगे दामों में बेचा जा रहा है। बिचौलिए मालामाल हो रहे हैं। तमाम किसानों के नाम पर कोल्ड स्टोरेज में आलू रखा गया है।  
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ये वही व्यापारी हैं जो किसान का माल सीजन में मंदे भाव पर खरीद लेते हैं और डिमांड निकलते ही महंगे दामों पर बेचकर लाखों रुपये के वारे न्यारे कर लेते हैं।

किसान के हाथ से गया आलू, व्यापारियों की बल्ले-बल्ले
संभल। भले ही आलू के भाव में महंगाई छा गई हो पर इसका सीधा लाभ उन व्यापारियों को है,  जिन्होंने किसानों से आलू खरीदने के बाद उसे कोल्ड स्टोरेज में रख दिया। आम किसान तो अपना आलू सीजन में ही बेच चुका है। उसे अगली फसल की तैयारी के लिए रुपये की जरूरत थी। फिलहाल की स्थिति में एक ओर जनता को महंगा आलू मिल रहा है। दूसरी ओर किसानों को महंगे आलू का  फायदा नहीं हो रहा है।

तेजी की उम्मीद में बिकवाली घटीपुखराज प्रजाति का आलू का भाव 1300 रुपये  प्रति क्विंटल  है। सीजन में आलू 800 रुपये प्रति क्विंटल था। इस पर 400 रुपये प्रति क्विंटल कोल्ड स्टोरेज का खर्च है। खर्च जोड़ने पर लागत 1200 रुपये प्रति क्विंटल हो गई। फिलहाल 100 रुपये प्रति क्विंटल का फायदा  है। किसान और कारोबारी अधिक फायदे की उम्मीद लगाए हैं। इसलिए आलू की बिकवाली धीमी है।

 आलू  की तीन प्रजातियां संभल में पैदा होती हैं। इसमें पुखराज आलू 1250 से 1300  रुपये प्रति क्विंटल है। कुफरीबहार 3797 प्रजाति का आलू 1350 रुपये प्रति  क्विंटल है। सूर्या प्रजाति का आलू 1400-1450 रुपये और चिप्सोना 1500-1550  रुपये प्रति क्विंटल है।
बाबू इरफान, कारोबारी।

जिले के 34 कोल्ड स्टोरेज की भंडारण क्षमता 2 लाख 40 हजार मीट्रिक टन है। इसमें 2,32,000 मीट्रिक टन आलू का भंडारण है। तकरीबन 97 प्रतिशत कोल्ड स्टोरेज भरे हुए हैं।

विनीत कुमार, जिला उद्यान अधिकारी।

पंजाब और पश्चिमी बंगाल में इस बार आलू की पैदावार कम हुई है। दिल्ली मंडी के माध्यम से दोनों राज्यों में आलू जा रहा है। दूसरे राज्यों में आलू की खपत निकलने की वजह से सीजन खत्म होने के दो महीने बाद ही आलू का भाव दोगुने दाम पर पहुंच गया है। कोल्डस्टोरेज में आलू रखने वाले किसानों को इस बार भारी फायदा होने की उम्मीद है।
राधाकृष्ण मंगलम, कोल्ड स्टोरेज संचालक  
 
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