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घोटाला: 109 शौचालय कागजों में तैयार, 13 लाख रुपये का घोटाला किया, सीडीओ को सौंपी गई जांच रिपोर्ट
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वर्ष-2017-18 में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव ने मिलकर पवांसा ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत बिचपुरी में शौचालय बनाने में खूब घोटाला किया। दूसरी बार हुई जांच में यह घोटाला सामने आया है। जांच के दौरान 109 शौचालय ऐसे हैं जो सिर्फ कागजों में ही हैं, जबकि मौके पर कोई अता-पता नहीं है। इसमें 13 लाख रुपये का घोटाला हुआ है। इसकी जांच रिपोर्ट सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधन सहकारिता ने मुख्य विकास अधिकारी को सौंपी है।
पवांसा ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत बिचपुरी में वर्ष-2017-18 में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव द्वारा ग्राम निधि से शौचालय का निर्माण कार्य कराया गया था। इसमें 109 शौचालय सिर्फ कागजों में ही बना दिए गए। इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई तो जिला स्तरीय अधिकारियों से शिकायत की गई। इसके बाद जांच शुरू हुई। पहली जांच 12 जुलाई-2021 को ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने की, जिसमें 118 शौचालय और 237 शौचालय में बाहर की ओर टंकी नहीं मिलने की बात सामने आई थी। उस समय 15 लाख रुपये से अधिक का घोटाला सामने आया था। इस पर ग्राम प्रधान और सचिव ने मुख्य विकास अधिकारी से दोबारा जांच कराने की मांग की थी। इसके बाद सीडीओ ने सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधन सहकारिता अधिकारी वीरेंद्र प्रकाश उपाध्याय को शौचालय की जांच सौंप दी। इस पर 12 जनवरी को शौचालयों की घर-घर जाकर जांच की गई। जांच के दौरान जिसमें 109 शौचालय मौके पर नहीं मिले। जिसकी रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को सौंप दी गई है।
बिचपुरी ग्राम पंचायत में शौचालय निर्माण की जांच मिली थी। शुरू में पंचायत सचिव ने सहयोग नहीं किया, जिससे देरी हुई। घर-घर जाकर शौचालय की जांच की गई है। इसमें 109 शौचालय मौके पर नहीं मिले, जबकि इनकी धनराशि निकाली जा चुकी है। कुल 109 शौचालय की धनराशि 13 लाख 800 रुपये बैठती है, जो एक तरह की घपलेबाजी है। सीडीओ को जांच रिपोर्ट दे दी गई है।
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वीरेंद्र प्रकाश उपाध्याय, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधन सहकारिता अधिकारी, संभल।
पहले हुई जांच में थी 15 लाख रुपये की घपलेबाजी
संभल। बिचपुरी में पहले हुई जांच में 15 लाख रुपये की घपलेबाजी सामने आई थी। पवांसा ब्लॉक के एडीओ कोऑपरेटिव अनिल त्रिपाठी और ब्लॉक अवर अभियंता जगतपाल ने जांच की थी। उस समय 118 शौचालय मौके पर नहीं मिले। 237 शौचालय मिले भी तो उनमें पानी की टंकी नही थी। जिस पर पूर्व प्रधान और पंचायत सचिव को रिकवरी का नोटिस जारी किया था लेकिन ग्राम प्रधान और सचिव ने सीडीओ से द्वारा जांच कराने की मांग की थी।
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पवांसा ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत बिचपुरी में वर्ष-2017-18 में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव द्वारा ग्राम निधि से शौचालय का निर्माण कार्य कराया गया था। इसमें 109 शौचालय सिर्फ कागजों में ही बना दिए गए। इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई तो जिला स्तरीय अधिकारियों से शिकायत की गई। इसके बाद जांच शुरू हुई। पहली जांच 12 जुलाई-2021 को ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने की, जिसमें 118 शौचालय और 237 शौचालय में बाहर की ओर टंकी नहीं मिलने की बात सामने आई थी। उस समय 15 लाख रुपये से अधिक का घोटाला सामने आया था। इस पर ग्राम प्रधान और सचिव ने मुख्य विकास अधिकारी से दोबारा जांच कराने की मांग की थी। इसके बाद सीडीओ ने सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधन सहकारिता अधिकारी वीरेंद्र प्रकाश उपाध्याय को शौचालय की जांच सौंप दी। इस पर 12 जनवरी को शौचालयों की घर-घर जाकर जांच की गई। जांच के दौरान जिसमें 109 शौचालय मौके पर नहीं मिले। जिसकी रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को सौंप दी गई है।
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बिचपुरी ग्राम पंचायत में शौचालय निर्माण की जांच मिली थी। शुरू में पंचायत सचिव ने सहयोग नहीं किया, जिससे देरी हुई। घर-घर जाकर शौचालय की जांच की गई है। इसमें 109 शौचालय मौके पर नहीं मिले, जबकि इनकी धनराशि निकाली जा चुकी है। कुल 109 शौचालय की धनराशि 13 लाख 800 रुपये बैठती है, जो एक तरह की घपलेबाजी है। सीडीओ को जांच रिपोर्ट दे दी गई है।
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वीरेंद्र प्रकाश उपाध्याय, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधन सहकारिता अधिकारी, संभल।
पहले हुई जांच में थी 15 लाख रुपये की घपलेबाजी
संभल। बिचपुरी में पहले हुई जांच में 15 लाख रुपये की घपलेबाजी सामने आई थी। पवांसा ब्लॉक के एडीओ कोऑपरेटिव अनिल त्रिपाठी और ब्लॉक अवर अभियंता जगतपाल ने जांच की थी। उस समय 118 शौचालय मौके पर नहीं मिले। 237 शौचालय मिले भी तो उनमें पानी की टंकी नही थी। जिस पर पूर्व प्रधान और पंचायत सचिव को रिकवरी का नोटिस जारी किया था लेकिन ग्राम प्रधान और सचिव ने सीडीओ से द्वारा जांच कराने की मांग की थी।