कहानी चुनाव की: संभल में 1996 में 31 प्रत्याशियों में से 27 की जमानत हुई थी जब्त, लोकसभा चुनाव का रिकॉर्ड कायम
संभल लोकसभा क्षेत्र के वर्ष 1996 में हुए लोकसभा चुनाव का रिकॉर्ड 28 वर्ष बाद भी बना हुआ है। 31 प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे थे। बसपा प्रत्याशी डीपी यादव को जीत मिली थी। ज्यादा प्रत्याशी होने के चलते कांग्रेस के उम्मीदवार समेत 27 की जमानत जब्त हो गई थी।
संभल लोकसभा क्षेत्र में पहला चुनाव 1977 में हुआ था। इस चुनाव में मात्र सात प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे थे। इसके बाद यह संख्या लगातार बढ़ती चली गई। वर्ष 1996 में 31 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा। इसमें 26 प्रत्याशी ऐसे थे जिन्हें एक प्रतिशत से भी कम मत मिले थे। इसके बाद यह संख्या लगातार कम होती चली गई।
जानकारों का कहना है कि वर्ष 1996 के चुनाव में मत बंटवारा रणनीति की गई थी। हालांकि वह सफल नहीं रही थी। यही कारण था जो 26 प्रत्याशियों को एक प्रतिशत से भी कम मत मिले थे।
कांग्रेस प्रत्याशी भी नहीं बचा पाए थे जमानत
वर्ष 1996 में जहां एक ओर सबसे ज्यादा प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। वहीं दूसरी ओर इस चुनाव में सबसे ज्यादा प्रत्याशियों की जमानत जब्त होने का भी रिकॉर्ड बना था। कांग्रेस प्रत्याशी समेत 27 की जमानत जब्त हो गई थी।
1977 के बाद कांग्रेस का सबसे कमजोर प्रदर्शन इसी वर्ष से शुरू हुआ था। कांग्रेस प्रत्याशी रिफाकत हुसैन को मात्र 5878 मत मिले थे। जो कांग्रेस का सबसे कमजोर प्रदर्शन साबित हुआ था।
जहां एक ओर सबसे ज्यादा प्रत्याशी होने का रिकॉर्ड 1996 का दर्ज है। वहीं 1989 में सबसे कम प्रत्याशी होने का भी रिकॉर्ड अभी बना हुआ है। वर्ष 1989 में मात्र पांच प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे थे। इसमें प्रोफेसर एसपी सिंह यादव को जीत मिली थी।
1977 07
1980 15
1984 14
1989 05
1991 17
1996 31
1998 16
1999 14
2004 10
2009 11
2014 14
2019 13