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वर्ष 2015 में आतंकी नेटवर्क से जुड़ा था संभल का नाम
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Wed, 01 Feb 2017 12:49 AM IST
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Terrorist
- फोटो : File Photo
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संभल जिले का नाम आतंकी नेटवर्क अलकायदा के साथ वर्ष 2015 को उस समय जुड़ा था जब दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने संभल के दीपासराय निवासी आसिफ और जफर मसूद को गिरफ्तार किया था।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने इन दोनों पर आतंकी नेटवर्क अलकायदा के साथ जुड़े होने का आरोप लगाया था। दोनों दिल्ली की तिहाड़ जेल में हैं। आसिफ को अलकायदा का इंडिया चीफ बताया गया है और जफर मसूद इनका मददगार बताया गया था।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने ही खुलासा किया था कि संभल के आठ युवक पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क के लिए सक्रिय हैं। इसमें संभल के निवासी सर्जिल, रेहान, मौलाना आसिम उमर और उस्मान के नाम भी थे। सूत्रों के बताए पर यकीन करें तो उस्मान ही पाकिस्तान में जाकर मौलाना आसिम उमर बन गया था।
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वह 1995 में किशोरावस्था में पाकिस्तान चला गया था। उसके जरिए ही संभल के आठ युवक पाकिस्तान गए थे। जुलाई 2016 में उस्मान उर्फ मौलाना आसिम उमर को अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने आतंकियों की वैश्विक सूची में शामिल किया है। आसिम उमर भारतीय उप महाद्वीप का अलकायदा चीफ बताया गया है।
अमर उजाला ने 20 दिसंबर 2015 को किया था खुलासा
संभल। अमर उजाला ने 20 दिसंबर 2015 को खुलासा किया था कि फर्जी आईडी से बने पासपोर्ट अहम खुलासे कर सकते हैं। गुजरात पुलिस की एससओजी टीम ने अपनी कार्रवाई से अब जाकर इसकी पुष्टि की है। टीम को छानबीन में पता लगा है कि कुछ संदिग्ध लोगों ने अपने फर्जी एड्रेस प्रूफ लगाकर पासपोर्ट बनवाए हैं। एक नाम से कई पासपोर्ट होने की बात भी सामने आई थी।
इस मामले में खुफिया एजेंसियां और पुलिस लगातार छानबीन कर रहीं थीं। इसी छानबीन में गुजरात में फर्जी आईडी और एड्रेस पर पासपोर्ट बनाए जाने का खुलासा हुआ है।
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने इन दोनों पर आतंकी नेटवर्क अलकायदा के साथ जुड़े होने का आरोप लगाया था। दोनों दिल्ली की तिहाड़ जेल में हैं। आसिफ को अलकायदा का इंडिया चीफ बताया गया है और जफर मसूद इनका मददगार बताया गया था।
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने ही खुलासा किया था कि संभल के आठ युवक पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क के लिए सक्रिय हैं। इसमें संभल के निवासी सर्जिल, रेहान, मौलाना आसिम उमर और उस्मान के नाम भी थे। सूत्रों के बताए पर यकीन करें तो उस्मान ही पाकिस्तान में जाकर मौलाना आसिम उमर बन गया था।
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वह 1995 में किशोरावस्था में पाकिस्तान चला गया था। उसके जरिए ही संभल के आठ युवक पाकिस्तान गए थे। जुलाई 2016 में उस्मान उर्फ मौलाना आसिम उमर को अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने आतंकियों की वैश्विक सूची में शामिल किया है। आसिम उमर भारतीय उप महाद्वीप का अलकायदा चीफ बताया गया है।
अमर उजाला ने 20 दिसंबर 2015 को किया था खुलासा
संभल। अमर उजाला ने 20 दिसंबर 2015 को खुलासा किया था कि फर्जी आईडी से बने पासपोर्ट अहम खुलासे कर सकते हैं। गुजरात पुलिस की एससओजी टीम ने अपनी कार्रवाई से अब जाकर इसकी पुष्टि की है। टीम को छानबीन में पता लगा है कि कुछ संदिग्ध लोगों ने अपने फर्जी एड्रेस प्रूफ लगाकर पासपोर्ट बनवाए हैं। एक नाम से कई पासपोर्ट होने की बात भी सामने आई थी।
इस मामले में खुफिया एजेंसियां और पुलिस लगातार छानबीन कर रहीं थीं। इसी छानबीन में गुजरात में फर्जी आईडी और एड्रेस पर पासपोर्ट बनाए जाने का खुलासा हुआ है।