Sambhal Cold Stortage Accident: अंदर से आ रही थी लोगों की आवाज, दीवार तोड़कर बेसमेंट में जाने का बनाया रास्ता
यहां पहुंचे तो शीतगृ़ह के आस पास हजारों लोगों की भीड़ मौजूद थे। पुलिस अफसरों एरिया खाली कराया गया। इसके बाद हमारी टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
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संभल के चंदौसी शीतगृह में दूर तक मलबा फैला हुआ था और आलुओं की बोरियों के चट्टे लगे थे। गुरुवार शाम करीब चार हमारी टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। तब अंदर फंसे लोगों की आवाजें आ रही थीं।
उन्हें बाहर निकालने के लिए हमने दीवारें तोड़ी और बेसमेंट में जाने का रास्ता बनाया। यहां जेसीबी को भी अंधाधुंध नहीं चला सकते थे क्योंकि अंदर फंंसे लोगों के हाथ पैर शरीर से अलग होने का डर सता रहा था। ये कहना है गाजियाबाद से आई एनडीआरएफ की 36 सदस्यों की टीम को लीड कर रहे ओम नरेश का।
उन्होंने बताया कि कंपनी कमांडेंट विकास सैनी के निर्देशन में मैंने टीम लीड किया। ओम नरेश ने बताया कि संभल जनपद में सूचना मिलने पर गाजियाबाद में हमारी 36 सदस्यों की टीम को गठित कर तुरंत रवाना कर दिया गया था। शाम करीब चार बजे हम यहां पहुंच गए थे।
यहां पहुंचे तो शीतगृ़ह के आस पास हजारों लोगों की भीड़ मौजूद थे। पुलिस अफसरों एरिया खाली कराया गया। इसके बाद हमारी टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
सबसे बड़ी चुनौती थी बिना जेसीबी चलाए लोगों को बाहर निकालने की
इसी दौरान अंदर फंसे लोगों की आवाजें आ रही थीं। हमारा प्रयास था कि लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए लेकिन यहां दिक्कत ये रही थी कि जेसीबी चलवाए तो अंदर फंसे लोगों की जिंदगी को और खतरा रहेगा। उनके हाथ पैर अगर जेसीबी की चपेट में आएंगे तो उनके हाथ व पैर अलग हो सकते हैं।
हमारी टीम ने दो लोगों को जिंदा निकाला और उन्हें अस्पताल भिजवा दिया गया। अब रेस्क्यू ऑपरेशन और ज्यादा कठिन हो गया था। क्योंकि बेसमेंट में फंसे लोगों को बाहर निकलने के लिए रास्ता नहीं मिल पा रहा था। इसके लिए दीवार तोड़ी गई।
तब हमारी टीम के सदस्य अंदर घुसे और वहां फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। अफसोस बेसमेंट में फंंसे किसी भी व्यक्ति की जान नहीं बच पाई। शुक्रवार शाम साढ़े पांच बजे ऑपरेशन बंद किया गया।
एक घायल को किया गया मेरठ रेफर
मुरादाबाद। शीतगृह की छत के मलबे में दबकर घायल हुए कैथल निवासी राममोहन, राजेंद्र, रामनगर निवासी रूप सिंह, एतोल निवासी महेश को टीएमयू में भर्ती कराया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर रूप सिंह को मेरठ रेफर कर दिया गया है।